आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग ने शेयर बाज़ार में एक नई क्रांति ला दी है। इस दौड़ में एनवीडिया (NVDA) सबसे आगे चल रही है, जिसकी GPU चिप्स आज दुनिया भर की AI कंपनियों की रीढ़ बन चुकी हैं। लेकिन अब अमेज़न (AMZN) इस खेल में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है, और जानकारों का मानना है कि अगर कंपनी की AI रणनीति सफल रही, तो AMZN का स्टॉक भी NVDA की राह पर चल सकता है।
एनवीडिया का दबदबा और बढ़ता 'एनवीडिया टैक्स'
पिछले कई वर्षों में एनवीडिया की शेयर बाज़ार में जबरदस्त तेज़ी का सबसे बड़ा कारण AI प्लेटफॉर्म्स के लिए GPU का उत्पादन रहा है। अधिकांश बड़ी कंपनियां अपनी कंप्यूटिंग ज़रूरतों के लिए एनवीडिया की चिप्स पर ही निर्भर हैं। इस एकाधिकार की वजह से बाज़ार में एक नई परिस्थिति पैदा हो गई है, जिसे विशेषज्ञ अब 'एनवीडिया टैक्स' कहते हैं। सरल शब्दों में, एनवीडिया चिप्स की आसमान छूती लागत अब कंपनियों के बजट पर भारी बोझ बनती जा रही है, और यही दरवाज़ा नए विकल्पों के लिए खुल रहा है।
अमेज़न का ट्रेनियम चिप: किफायती और ऊर्जा-कुशल विकल्प
इसी मौके को भुनाने के लिए अमेज़न ने अपनी खास AWS ट्रेनियम चिप्स तैयार की हैं। ये चिप्स खास तौर पर AI के लिए बनाई गई हैं और पारंपरिक GPU की तुलना में ज़्यादा किफायती और ऊर्जा-कुशल हैं। जैसे-जैसे 'एनवीडिया टैक्स' का बोझ बढ़ता जा रहा है, कंपनियां सस्ते और कारगर विकल्पों की तलाश में हैं। ऐसे में अमेज़न की ट्रेनियम चिप्स एक आकर्षक रास्ता बन सकती हैं।
अमेज़न की महत्वाकांक्षा सिर्फ चिप बेचने तक सीमित नहीं है। कंपनी ट्रेनियम चिप्स को अपने AWS सर्वर के साथ बंडल करके एक पूरा पैकेज देने की तैयारी में है, जिसमें चिप, सर्वर और नेटवर्किंग सब एक साथ शामिल होंगे। यह कंपनी के लिए एक नई दिशा खोल सकता है। इसके अलावा, यह भी बड़े पैमाने पर चर्चा है कि अमेज़न अपनी चिप्स और सर्वर रैक्स सीधे थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर्स को भी बेच सकती है, जिससे उसकी पहुंच अपने खुद के क्लाउड इकोसिस्टम से कहीं आगे तक जाएगी।
AWS की बाज़ार में पहले से मज़बूत पकड़
अमेज़न यह लड़ाई खाली हाथ नहीं लड़ रही। उसकी AWS सेवा पहले से ही क्लाउड बाज़ार में एक बड़ी और मज़बूत हिस्सेदारी रखती है। इसका मतलब यह है कि कंपनी के पास पहले से एक बड़ा एंटरप्राइज़ कस्टमर बेस है, जो ट्रेनियम-संचालित इन्फ्रास्ट्रक्चर की तरफ शिफ्ट हो सकता है। अगर ट्रेनियम चिप्स का बड़े पैमाने पर रोलआउट होता है, तो अमेज़न का मार्केट कैप एनवीडिया के काफी करीब पहुंच सकता है। ऐसे हालात में AMZN स्टॉक की कीमत भी तेज़ी से ऊपर जा सकती है।
AI बबल का जोखिम भी नज़रअंदाज़ न करें
हालांकि, इस तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। माइकल बरी सहित कई जाने-माने जानकारों का मानना है कि मौजूदा बाज़ार की स्थिति 1990 के दशक के अंत में आए डॉट-कॉम बबल से काफी मिलती-जुलती है। अगर AI शेयरों में यह तेज़ी वाकई एक बबल है, तो इनमें ज़रूरत से ज़्यादा निवेश जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसलिए AI स्टॉक्स में निवेश करते समय सतर्कता बरतना ज़रूरी है।













