अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा भारी दबाव का सामना कर रही है, जहां प्रमुख मुद्रा जोड़ी ईयूआर/यूएसडी एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में फिसलकर 1.1225 के स्तर तक पहुंच गई। यूरोपीय संघ की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फ्रांस में सामाजिक और वित्तीय संकट गहराने के चलते विदेशी मुद्रा कारोबारी साझा मुद्रा को लेकर बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं। यूरोप के भीतर बजट संबंधी चिंताओं और अमेरिका में नीतिगत ब्याज दरों को लेकर बने रहने वाले कड़े रुख ने यूरो के सुधार की संभावनाओं को सीमित कर दिया है, जिससे वैश्विक फॉरेक्स बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल नजर आ रहा है।
फ्रांस में सामाजिक असंतोष और सड़कों पर सेना की तैनाती
फ्रांस में जारी सामाजिक गतिरोध और बजट कटौती से उपजा आक्रोश अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। सप्ताहांत में संभावित नए विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सैन्य बलों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने इस संवेदनशील हालात पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जहां भी परिस्थितियां बिगड़ेंगी, वहां तुरंत नए कर्फ्यू लगाए जाएंगे। सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम यह दर्शाता है कि पेरिस में सत्ता पक्ष और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव किस हद तक बढ़ चुका है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस में पैदा हुई यह अनिश्चितता केवल कुछ दिनों की समस्या नहीं है। हैंडेल्सबैंकन के विदेशी मुद्रा रणनीतिकार टॉमी वॉन ब्रॉमसेन के अनुसार, फ्रांस से जुड़ी चिंताएं इतनी जल्दी समाप्त होने वाली नहीं हैं। उन्होंने अपनी टिप्पणी में रेखांकित किया कि फ्रांस को लेकर मंदी का नजरिया अभी लंबे समय तक बना रहेगा और आने वाले दिनों में यूरो की कमजोरी को बाजार में और अधिक शामिल किया जाना बाकी है। राजनीतिक उथल-पुथल के साथ-साथ फ्रांस के बढ़ते राजकोषीय घाटे ने निवेशकों के मन में यूरोजोन की संप्रभु ऋण स्थिरता को लेकर नए संदेह पैदा कर दिए हैं, जिसका सीधा असर मुद्रा विनिमय दरों पर देखा जा रहा है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का समीकरण
यूरो की इस गिरावट का दूसरा सबसे बड़ा कारण अटलांटिक के दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े अनुमान हैं। बाजार सहभागियों का व्यापक रूप से मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस महीने नीतिगत दरों में किसी प्रकार का बदलाव न करते हुए ठहराव की नीति अपना सकता है, लेकिन साल के अंत तक मौद्रिक सख्ती का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज के फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर 27 से 28 अक्टूबर को होने वाली फेड की बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की लगभग 16.1 प्रतिशत संभावना मान रहे हैं। वहीं दिसंबर में होने वाली नीतिगत समीक्षा बैठक में दर वृद्धि की संभावना 90 प्रतिशत से भी अधिक आंकी जा रही है।
अमेरिकी डॉलर को ऊर्जा की ऊंची कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के जोखिमों से भी समर्थन मिल रहा है। फेड सेंटिमेंट इंडेक्स बिना किसी बदलाव के 127.51 के स्तर पर बना हुआ है, जो स्पष्ट रूप से एक आक्रामक नीतिगत रुख का संकेत देता है। यह सूचकांक 100 के स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसका अर्थ है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक का मिजाज अभी भी सख्ती की ओर झुका हुआ है। संरचनात्मक आर्थिक विकास, कॉरपोरेट निवेश में तेजी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा में मजबूत विश्वास ने डॉलर की स्थिति को और अधिक मजबूत बना दिया है, जिससे अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
जर्मनी के आर्थिक आंकड़े और यूरोजोन की धीमी बहाली
यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी से आने वाले आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों को कोई बड़ा ढांढस नहीं बंधा पा रहे हैं। स्कॉटियाबैंक ने हाल ही में जारी अक्टूबर महीने के जर्मन ज़ेडईडब्ल्यू आर्थिक सर्वेक्षण का विश्लेषण करते हुए बताया कि वर्तमान स्थिति के सूचकांक में ठोस सुधार दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा सुधरकर ऋण 35.9 दर्ज किया गया, जबकि बाजार का अनुमान ऋण 44.5 का था और सितंबर के महीने में यह आंकड़ा ऋण 47.1 रहा था। हालांकि, यह सुधार अभी भी कमजोर आर्थिक आधार पर टिका हुआ है और इसमें उत्साहजनक तेजी की कमी है।
इसके विपरीत, भविष्य की आर्थिक अपेक्षाओं से जुड़ा घटक नरम पड़ा है और पिछले 33 के स्तर से गिरकर 28.1 पर आ गया है। वित्तीय विश्लेषकों का यह सर्वेक्षण आमतौर पर वास्तविक आर्थिक बुनियादी बातों के बजाय वित्तीय बाजार के घटनाक्रमों से अधिक प्रभावित रहता है। स्कॉटियाबैंक का आकलन है कि यह सर्वेक्षण समग्र रूप से दर्शाता है कि जर्मन अर्थव्यवस्था अभी भी बहुत धीमी गति से उबरने की स्थिति में फंसी हुई है। विकास की यह सुस्त चाल यूरोजोन में तेज आर्थिक सुधार की उम्मीदों को झटका देती है, जिससे यूरो के लिए किसी निर्णायक और टिकाऊ उछाल की संभावना बेहद संकुचित हो जाती है।
ईयूआर/यूएसडी का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो ईयूआर/यूएसडी जोड़ी में निकट अवधि का रुख स्पष्ट रूप से नकारात्मक बना हुआ है। हाजिर विनिमय दर अपने 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज और 20-दिवसीय बोलिंजर मिडल बैंड के नीचे लगातार कारोबार कर रही है। मौजूदा बाजार में कीमत 1.12 के आसपास टिकी हुई है। तकनीकी रूप से यह गिरावट बोलिंजर बैंड के निचले दायरे की ओर झुकाव को दर्शाती है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स लगभग 37 से 40 के स्तर पर है, जो तटस्थ 50 रेखा से काफी नीचे बना हुआ है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि बाजार में खरीदारों का विश्वास कमजोर है और तेजी की गति पूरी तरह थमी हुई है।
ऊपर की ओर, रिकवरी के किसी भी प्रयास के सामने पहला बड़ा प्रतिरोध 20-दिवसीय बोलिंजर सिंपल मूविंग एवरेज के आसपास 1.1250 पर मौजूद है। इसके बाद ऊपरी बैंड 1.1392 और अधिक महत्वपूर्ण 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 1.1460 पर स्थित है, जो किसी भी व्यापक सुधार के रास्ते में रुकावट बन सकता है। नीचे की ओर, लगभग 1.1115 का निचला बोलिंजर बैंड अगला उल्लेखनीय सपोर्ट क्षेत्र प्रदान करता है। यदि इस तल के नीचे लगातार ब्रेकडाउन होता है, तो मुद्रा जोड़ी पिछले चक्रीय निचले स्तरों की ओर और गहरी गिरावट के लिए रास्ता खोल सकती है, जहां मंदड़िए पूरी तरह हावी हो जाएंगे।
वैश्विक वित्तीय तंत्र में यूरो का व्यापक महत्व
यूरोपीय साझा मुद्रा केवल एक विनिमय साधन नहीं है, बल्कि यह यूरोपीय संघ के 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है, जो सामूहिक रूप से यूरोजोन का निर्माण करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यह अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी लगभग 31 प्रतिशत आंकी गई है, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहता है। ईयूआर/यूएसडी पूरी दुनिया में सबसे अधिक ट्रेड होने वाली मुद्रा जोड़ी है, जो कुल वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कवर करती है। इसके बाद ईयूआर/जेपीवाई 4 प्रतिशत, ईयूआर/जीबीपी 3 प्रतिशत और ईयूआर/एयूडी 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं।
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक पूरे यूरोजोन के लिए मौद्रिक नीति का नियमन करता है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक का प्राथमिक दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसके तहत वह मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए ब्याज दरों का उपयोग करता है। केंद्रीय बैंक की संचालन परिषद साल में आठ बार नीतिगत बैठकें आयोजित करती है, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय बैंकों के गवर्नर और छह स्थायी सदस्य भाग लेते हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड के नेतृत्व में लिए जाने वाले ब्याज दर फैसले सीधे तौर पर यह तय करते हैं कि विदेशी पूंजी यूरोजोन के बांड बाजारों में आकर्षित होगी या नहीं।
आर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन का प्रभाव
यूरोजोन में मुद्रास्फीति का आकलन उपभोक्ता कीमतों के सामंजस्यपूर्ण सूचकांक के माध्यम से किया जाता है। यदि मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो नीति निर्माताओं को दरों में बढ़ोतरी करने के लिए विवश होना पड़ता है। आमतौर पर बढ़ती ब्याज दरें यूरो को मजबूती प्रदान करती हैं, क्योंकि उच्च रिटर्न वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करता है। इसके अलावा, सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स, रोजगार के आंकड़े और उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण भी साझा मुद्रा की चाल को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन की अर्थव्यवस्थाएं यूरोजोन के कुल उत्पादन का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं, इसलिए इन चार देशों के आंकड़े सबसे अधिक प्रासंगिक माने जाते हैं।
व्यापार संतुलन भी यूरो के मूल्यांकन में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह सूचक किसी निश्चित अवधि में निर्यात से होने वाली आय और आयात पर होने वाले खर्च के अंतर को दर्शाता है। जब यूरोजोन के देश उच्च मांग वाले उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात करते हैं, तो विदेशी खरीदारों द्वारा स्थानीय मुद्रा की मांग बढ़ने से यूरो को प्रत्यक्ष ताकत मिलती है। इसके विपरीत, यदि आयात बिल बढ़ जाता है और व्यापार संतुलन नकारात्मक हो जाता है, तो मुद्रा के मूल्य पर सीधा दबाव पड़ता है। वर्तमान में वैश्विक मांग में सुस्ती और ऊर्जा आयात के ऊंचे खर्च ने भी यूरोजोन के व्यापार संतुलन पर असर डाला है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का बाजार परिदृश्य
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर चार दिनों की बढ़त के साथ बुधवार के एशियाई सत्र में 0.7000 से ऊपर मजबूती से टिका रहा। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी गवर्नर एंड्रयू हॉसर की तीखी और आक्रामक टिप्पणियों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अपने मासिक उच्च स्तर के करीब बनाए रखा। हालांकि, ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पन्न मुद्रास्फीति के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2026 में कम से कम एक और दर वृद्धि की संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित निवेश मांग को भी जीवित रखा है, जिसने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लाभ को एक दायरे में सीमित कर दिया।
उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करता रहा। बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे येन के खरीदार रक्षात्मक मुद्रा में हैं। इसके विपरीत, सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों पर लगातार चौथे दिन दबाव देखा गया और हाजिर भाव 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे टूटने के कगार पर नजर आए। कॉर्पोरेट जगत में, एलोन मस्क द्वारा स्थापित स्पेसएक्स ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। बाजार की नजर नतीजों के अलावा उस घटनाक्रम पर है, जिसके तहत कंपनी के कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों के पास मौजूद लगभग 1.3 अरब शेयर गुरुवार को बिक्री के लिए पात्र हो रहे हैं, जो निजी इक्विटी मूल्यांकन को प्रभावित कर सकता है।





















