यूरोप के वित्तीय बाजारों में राजनीतिक तनाव के कारण अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। फ्रांस, बेल्जियम और इटली में हिंसक प्रदर्शनों तथा लूटपाट की घटनाओं के बाद बॉन्ड बाजारों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली है। इससे पहले स्पेन और पुर्तगाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन दर्ज किए गए थे। ताजा अशांति के बीच निवेशकों ने सरकारी ऋण प्रतिभूतियों से दूरी बनाई, जिसके कारण दस वर्षीय फ्रांसीसी बॉन्ड यील्ड में तेरह बेसिस प्वाइंट्स की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं इटली की बॉन्ड यील्ड आठ बेसिस प्वाइंट्स और जर्मनी की यील्ड तीन बेसिस प्वाइंट्स चढ़ गई।
फ्रांसीसी ऋण लागत और राजकोषीय चुनौतियां
राजकोषीय पैमानों पर नजर डालें तो फ्रांस की दस वर्षीय उधारी लागत में शुक्रवार की तुलना में आधा ब्याज दर वृद्धि के बराबर का इजाफा हो चुका है। यूरोपीय संघ के भीतर फ्रांस का आकार और आर्थिक रसूख इतना बड़ा है कि उसे किसी भी सूरत में विफल नहीं होने दिया जा सकता। दूसरी तरफ घरेलू राजनीति में नेशनल रैली यानी आरएन के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाजारों को डर है कि फ्रांस की आंतरिक नीतिगत दिशा यूरोपीय संघ के वित्तीय अनुशासन को कमजोर कर सकती है।
नीति निर्माताओं के सामने अब एक पेचीदा स्थिति उत्पन्न हो गई है। यदि हालात बिगड़ते हैं तो यूरोपियन सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी को फ्रांस के बचाव के लिए आगे आना पड़ सकता है। हालांकि इस कदम की भारी कीमत यूरो मुद्रा को चुकानी पड़ेगी और इससे जर्मनी में भारी नाराजगी पैदा हो सकती है। दूसरी तरफ यदि ईसीबी कोई हस्तक्षेप नहीं करता है, तो इसका सीधा असर समूचे यूरोपीय संघ की आर्थिक, राजनीतिक और बाजार स्थिरता पर पड़ेगा। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार के सामान्य स्तर पर लौटने के बजाय उथल-पुथल और बढ़ने के आसार अधिक हैं।
मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन
यूरोपीय संकट के बीच अन्य वैश्विक मुद्राओं में भी मिले-जुले रुझान देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ता नजर आया। बाजार के सुधरते माहौल और अमेरिकी डॉलर में आई हालिया तेजी के थमने से इस मुद्रा जोड़ी को बल मिला है। इसके बावजूद भू-राजनीतिक जोखिम और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के एआई नतीजों को लेकर बनी सतर्कता इस तेजी को सीमित रख सकती है।
उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.50 के आसपास स्थिर बना रहा। अधिकांश कारोबारी शुक्रवार को आने वाले जापान के नेशनल कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर पर बने रहने के कारण डॉलर को येन के मुकाबले निचली सतह पर सहारा मिल रहा है, जिससे यह जोड़ी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है।
कमोडिटी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का रुख
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया और यूरोपीय कारोबार में पीली धातु गिरकर लगभग 4,120 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने में बिकवाली का दबाव बढ़ा है। अमेरिका में हाइपरस्केलर्स के तीसरी तिमाही के नतीजे जल्द जारी होने वाले हैं, जिससे पहले ट्रेजरी यील्ड में मजबूती लौटी है। दस वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 0.35 प्रतिशत घटकर करीब 5.13 प्रतिशत पर रही, जबकि सोमवार को इसमें 1.2 प्रतिशत का उछाल देखा गया था।
डिजिटल परिसंपत्तियों में संस्थागत निवेश का प्रवाह
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में नियर प्रोटोकॉल की कीमत मंगलवार को लगभग दो प्रतिशत नीचे फिसल गई, जो सोमवार को दर्ज की गई दो प्रतिशत की गिरावट के समान है। कीमतों में कमजोरी के बावजूद संस्थागत निवेशकों की मांग स्थिर बनी हुई है। इसका प्रमाण यह है कि बिटवाइज़ के नियर केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ में सोमवार को 50 लाख डॉलर से अधिक का ताजा निवेश दर्ज किया गया। कुल मिलाकर वैश्विक वित्तीय बाजार इस समय राजनीतिक अस्थिरता, सरकारी ऋण दरों में उतार-चढ़ाव और आगामी कॉरपोरेट नतीजों के मिले-जुले असर से जूझ रहे हैं।
















