अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और सुरक्षा संकट का मुद्दा छाया रहा। दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने वैश्विक मंच को संबोधित किया। अपने इस संबोधन के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आक्रामक नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए पुतिन की तुलना एक ऐसी खतरनाक बीमारी के मूल स्रोत से की, जो सीमाओं से बाहर निकलकर पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है।
रूसी राष्ट्रपति को बताया पेशेंट जीरो, वैश्विक स्थिरता पर खतरे की चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में व्लादिमीर पुतिन पर सीधे वार करते हुए उन्हें पेशेंट जीरो करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि पुतिन ही वह मूल केंद्र हैं जहां से जंग का यह विनाशकारी विचार लगातार चारों तरफ फैल रहा है। जेलेंस्की ने उपस्थित वैश्विक नेताओं से सवालिया लहजे में पूछा कि क्या वे पुतिन की कल्पना बिना किसी युद्ध के कर भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुतिन ही वह शख्स हैं जिनसे संघर्ष का यह विचार आगे बढ़ता रहता है।
जेलेंस्की के अनुसार यह लड़ाई जहां कहीं भी अपनी पहुंच बनाती है, वहां सिर्फ गहरा दर्द, अनिश्चितता, नए जोखिम और गंभीर संकट ही खड़े होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि रूसी राष्ट्रपति को अपनी रणनीतियों पर काम करने की जितनी ज्यादा छूट मिलेगी, बाकी दुनिया के लिए माहौल उतना ही असुरक्षित और जोखिम भरा होता जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टकराव अब सिर्फ यूक्रेनी सीमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा लगातार विस्तृत होकर वैश्विक स्थिरता को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।
शांति बहाली के लिए आर्थिक घेराबंदी और दबाव बनाने की जोरदार अपील
भाषण के अगले हिस्से में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से एकजुट होकर निर्णायक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच से आग्रह किया कि मॉस्को के वित्तीय स्रोतों पर कड़ा प्रहार किया जाए। जेलेंस्की ने सभी देशों से अपील की कि वे रूस की कमाई के रास्तों को रोकें और उसकी युद्धक क्षमताओं में बाधाएं पैदा करें। उनका कहना था कि जब तक रूस पर कड़ा रणनीतिक और आर्थिक दबाव नहीं बनाया जाएगा, तब तक शांति की किसी भी वास्तविक कोशिश को जमीन पर उतारना संभव नहीं होगा।
युद्ध के मोर्चे पर 47 देशों के नागरिकों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप
संबोधन का एक और बेहद संवेदनशील पहलू विदेशी नागरिकों की जंग में मौजूदगी से जुड़ा था। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेन के खिलाफ जारी इस सैन्य अभियान में 47 देशों के नागरिकों को अग्रिम मोर्चे पर झोंक रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि युद्धक्षेत्र में पकड़े जा रहे लड़ाकों में सिर्फ उत्तर कोरिया के लोग नहीं हैं, बल्कि कई अन्य स्वतंत्र देशों के नागरिक भी युद्धबंदी के तौर पर सामने आ रहे हैं।
जेलेंस्की ने खुलासा किया कि इस सूची में भारत, नेपाल, ताजिकिस्तान, घाना, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान और दक्षिण अफ्रीका सहित कई मुल्कों के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेनी अधिकारियों को समय-समय पर इन विदेशी कैदियों को उनके गृह देशों में सुरक्षित वापस भेजने के लिए आधिकारिक अनुरोध प्राप्त होते हैं। जेलेंस्की ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि जंग के मैदान में ऐसे कई गैर-रूसी नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है, जो छल-कपट और सोची-समझी चालों का शिकार होकर रूस पहुंचे थे और फिर उन्हें मोर्चे पर धकेल दिया गया।



















