दक्षिण पूर्व एशिया के प्रमुख व्यापारिक केंद्र में आर्थिक गतिविधियां स्थिर गति से आगे बढ़ रही हैं, जहां अक्टूबर के औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों ने लगातार 15वें महीने विस्तार दर्ज किया है। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थानीय मुद्रा एक तय दायरे में कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर तकनीकी उपकरणों और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े चिप्स की मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग ने विनिर्माण क्षेत्र को गति दी है, जिससे आने वाली तिमाहियों और 2027 की शुरुआत तक आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
औद्योगिक उत्पादन और पीएमआई आंकड़ों की स्थिति
अक्टूबर महीने के दौरान औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ा 51.4 दर्ज किया गया, जो सितंबर महीने के 51.7 से मामूली कम है। इस मामूली गिरावट के बावजूद यह सूचकांक लगातार 15 महीनों से विस्तार के क्षेत्र में बना हुआ है, क्योंकि 50 से ऊपर का स्तर उत्पादन गतिविधियों में बढ़ोत्तरी का संकेत देता है। उप-सूचकांकों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि कुल विस्तार की रफ्तार में यह हल्का ठहराव नए ऑर्डर, वास्तविक उत्पादन और रोजगार सृजन की धीमी गति की वजह से आया है।
आंकड़ों के अनुसार, नए ऑर्डर का सब-इंडेक्स सितंबर के 52.2 से घटकर अक्टूबर में 52.1 पर आ गया। ठीक इसी तरह कारखानों के वास्तविक आउटपुट का पैमाना पहले के 51.2 से फिसलकर 51.0 दर्ज किया गया। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार का सूचकांक भी 51.3 से गिरकर 51.1 रह गया। हालांकि, इन तीनों पैमानों में आई यह सुस्ती मामूली है और सभी घटक अब भी 50 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बने हुए हैं, जिससे यह साफ होता है कि औद्योगिक क्षेत्र में काम रुकने के बजाय संभली हुई रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
एआई सेमीकंडक्टर और निर्यात ऑर्डर्स में मजबूती
घरेलू स्तर पर उत्पादन पैमानों में आई हल्की नरमी के विपरीत अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर स्थिति मजबूत बनी हुई है। नए निर्यात ऑर्डर का सूचकांक अक्टूबर में बढ़कर 51.9 पर पहुंच गया, जो सितंबर में 51.8 के स्तर पर था। बाहरी बाजारों से नए ऑर्डरों में दर्ज की गई यह बढ़त स्पष्ट करती है कि वैश्विक स्तर पर माल की मांग में टिकाऊपन बरकरार है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स पीएमआई 52.5 दर्ज किया गया, जो सितंबर के 52.9 के मुकाबले थोड़ा कम जरूर है, लेकिन यह आंकड़ा भी विस्तार के मजबूत दायरे में स्थित है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की इस निरंतर तेजी की सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और उन्नत कंप्यूटर चिप्स की भारी मांग है। खास तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक से जुड़े हार्डवेयर और घटकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के नए निर्यात ऑर्डर सितंबर के 53.1 से सुधरकर अक्टूबर में 53.2 के स्तर पर पहुंच गए। वहीं कुल नए इलेक्ट्रॉनिक्स ऑर्डर भी सितंबर के 53.6 के मुकाबले 53.5 के स्तर पर बेहद मजबूती के साथ टिके हुए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि चौथी तिमाही और 2027 के शुरुआती महीनों तक उत्पादन चक्र बिना किसी बड़े व्यवधान के चलता रहेगा।
मुद्रा बाजार में दायरा और वैश्विक मुद्राओं का हाल
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर और सिंगापुर डॉलर यानी USD/SGD की विनिमय दर सितंबर से ही 1.2750 से 1.2850 के एक सीमित दायरे के भीतर घट-बढ़ रही है। इस मुद्रा जोड़ी में हाल के हफ्तों के दौरान किसी बड़े एकतरफा रुझान के बजाय साइडवेज कंसोलिडेशन देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस विनिमय दर की दिशा तय करने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक पटल पर अमेरिकी डॉलर का व्यापक रुख ही सबसे निर्णायक कारक साबित होंगे।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में व्यापक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों और वॉशिंगटन में संभावित राजनीतिक गतिरोध की वजह से अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई और वह एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस राजनीतिक अनिश्चितता के कारण ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट आई, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों का रुख किया। बुधवार को जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह 158.00 के स्तर से नीचे लुढ़क गया।
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD ने जोरदार वापसी करते हुए पिछले दो दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ दिया और बुधवार को 0.7000 के अहम स्तर को फिर से पार कर लिया। डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव नरम पड़ने से कीमती धातुओं को भी बड़ा सहारा मिला। बुधवार को सोने की कीमतों ने लगातार दो सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के प्रमुख स्तर के ऊपर अपनी जगह दोबारा बना ली।


















