सोने के बाजार में इस हफ्ते की शुरुआत से ही सुस्ती का माहौल बना हुआ है और कीमती धातु चार हजार एक सौ डॉलर के स्तर से ऊपर अपनी बढ़त को कायम रखने के लिए संघर्ष कर रही है। मध्य पूर्व क्षेत्र में आपसी हमलों के सिलसिले में कुछ समय के लिए ठहराव आने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिसका सीधा असर व्यापक आर्थिक माहौल पर पड़ा है। इस बीच विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया, जिससे हाजिर सोना सप्ताह के शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान ऊपर की ओर खुला और एशियाई बाजार के समय में यह उछलकर चार हजार एक सौ सोलह डॉलर और बीस सेंट के ऊंचे स्तर तक पहुंच गया। यह तेजी मुख्य तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में आए अस्थायी विराम के बाद बाजार में बनी अनुकूल धारणा की वजह से देखने को मिली थी।
तकनीकी संकेतकों और चार्ट की स्थिति
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो एक्सएयू/यूएसडी यानी हाजिर सोना वर्तमान में बीस दिवसीय सरल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से ठीक ऊपर चार हजार इकहत्तर डॉलर और अट्ठासी सेंट के पास टिकने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह लंबी अवधि के सौ और दो सौ दिवसीय मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना हुआ है, जो लगभग चार हजार चार सौ सत्तर डॉलर से चार हजार चार सौ चौरानवे डॉलर के दायरे में केंद्रित हैं। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई चौंतालीस के आसपास मंडरा रहा है, जो हालिया गिरावट के बाद बाजार में तटस्थ रुझान को दर्शाता है। इसके अलावा, चौदह दिवसीय मोमेंटम इंडेक्स अभी भी थोड़ा नकारात्मक बना हुआ है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल सोने में किसी भी बड़ी रिकवरी को मजबूत समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
प्रमुख तकनीकी स्तर और सपोर्ट-रेसिस्टेंस
ऊपर की तरफ सोने के लिए तत्काल बाधा दो सौ पीरियड मूविंग एवरेज के रूप में चार हजार एक सौ नौ डॉलर और नब्बे सेंट पर है, जिसके तुरंत बाद इंट्राडे का उच्च स्तर आता है। बाजार में एक मजबूत तेजी के दौर की बहाली के लिए इस आखिरी बाधा को निर्णायक रूप से पार करना बेहद जरूरी होगा। वहीं दूसरी ओर, नीचे की तरफ शुरुआती समर्थन चार हजार सत्तर डॉलर के आसपास मूविंग एवरेज के झुंड के पास दिखाई देता है, जिसके बाद चार हजार पचास डॉलर का अहम दायरा आता है। यदि कीमतें इस समर्थन से भी नीचे फिसलती हैं, तो रास्ते सीधे चार हजार डॉलर के स्तर की तरफ खुल जाएंगे।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और वृहद आर्थिक माहौल का हाल
सोने के अलावा वैश्विक मुद्रा बाजार में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पाउंड और डॉलर के जोड़े ने शुक्रवार की बढ़त को पीछे छोड़ते हुए सोमवार को एक दशमलव तीन तीन शून्य शून्य के मनोवैज्ञानिक स्तर को नीचे की ओर तोड़ दिया और कई हफ्तों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। मध्य पूर्व के संघर्ष में ठहराव के चलते कच्चे तेल के दामों में आई नरमी और ब्रिटेन से हाल ही में आए नरम महंगाई के आंकड़ों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आने वाले दिनों में किसी भी तरह की मौद्रिक सख्ती की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। इसी प्रकार, यूरो और डॉलर का जोड़ा भी अपनी तेजी की गति को गंवा बैठा है और सप्ताह की शुरुआत में एक दशमलव चौदह शून्य शून्य के क्षेत्र से नीचे फिसल गया है। हालांकि इस जोड़े को मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों से कुछ हद तक समर्थन मिलता दिख रहा है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच किसी स्थायी समाधान पर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।


















