दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था में मजबूत व्यापारिक प्रदर्शन और लक्षित नीतिगत हस्तक्षेपों के चलते मुद्रा बाजार में स्थिरता के मजबूत संकेत देखे जा रहे हैं। सितंबर महीने के आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि देश की उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति में नरमी आई है, जबकि निर्यात में दर्ज की गई तेज उछाल ने स्थानीय मुद्रा को आधार दिया है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा बाजार में दक्षिण कोरियाई वॉन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों को नई दिशा मिली है।
सितंबर में मुद्रास्फीति घटकर 2.9 प्रतिशत पर आई
सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहे हैं। वार्षिक आधार पर देश की उपभोक्ता मुद्रास्फीति अगस्त के 3.1 प्रतिशत से घटकर 2.9 प्रतिशत पर पहुंच गई। मूल्य वृद्धि में इस मंदी की मुख्य वजह सरकार द्वारा लागू किए गए राहत उपाय रहे हैं। इनमें पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर तय की गई सीमा और छुसियोक त्योहार की छुट्टियों के दौरान खाद्य पदार्थों के दाम नियंत्रित करने के लिए शुरू किया गया 193 अरब वॉन (KRW193bn) का सब्सिडी कार्यक्रम शामिल था।
खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर मदों को अलग रखने वाली कोर मुद्रास्फीति में भी गिरावट दर्ज की गई। कोर मुद्रास्फीति पहले के 3.4 प्रतिशत से नरम पड़कर 2.8 प्रतिशत रह गई, क्योंकि अगस्त महीने के अनुकूल आधार प्रभाव का असर समाप्त हो गया था। इस समग्र गिरावट के बावजूद, हेडलाइन मुद्रास्फीति लगातार सातवें महीने बैंक ऑफ कोरिया के 2 प्रतिशत के तय लक्ष्य से ऊपर बनी रही। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि अर्थव्यवस्था में मूल्य वृद्धि का अंतर्निहित दबाव अब भी बना हुआ है।
सेमीकंडक्टर शिपमेंट के दम पर निर्यात में 83.5 प्रतिशत की उछाल
व्यापार के मोर्चे पर सितंबर के निर्यात आंकड़ों ने सभी को चौंकाते हुए उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। वार्षिक आधार पर दक्षिण कोरिया का निर्यात 83.5 प्रतिशत बढ़ा, जो अगस्त के 68.7 प्रतिशत से काफी अधिक था और ब्लूमबर्ग के 62.5 प्रतिशत के आम सहमति अनुमान को भी पार कर गया। यह शानदार वृद्धि कम कार्य दिवसों के बावजूद दर्ज की गई। कैलेंडर-समायोजित आधार पर निर्यात वृद्धि पहले के 72.5 प्रतिशत से तेज होकर 104.8 प्रतिशत पर पहुंच गई।
इस व्यापारिक तेजी का सबसे प्रमुख आधार सेमीकंडक्टर क्षेत्र रहा। सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्यात में 262 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया, जो पिछली अवधि के 209 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक बाजार में निर्यात कीमतों में आई तेजी ने भी इस कुल व्यापार मूल्य को ऊपर बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विदेशी मुद्रा बाजार में वॉन की मजबूती
मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई वॉन (USD/KRW) शुक्रवार को 0.9 प्रतिशत गिरकर 1,348 पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ पूरे सप्ताह के दौरान इस मुद्रा जोड़े में 0.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जिसका अर्थ वॉन के मूल्य में मजबूती है। बाजार में प्रमुख घरेलू निर्यातकों द्वारा बड़े पैमाने पर डॉलर बेचने की गतिविधियां सामने आईं, क्योंकि घरेलू कंपनियों ने पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए अपनी विदेशी कमाई को स्वदेश भेजा। शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के वैश्विक स्तर पर नरम पड़ने से भी वॉन को अतिरिक्त मजबूती मिली।
बैंक ऑफ कोरिया के रुख पर मौद्रिक नीति का दृष्टिकोण
ऊंची मुद्रास्फीति और मजबूत निर्यात गति के मेल से बैंक ऑफ कोरिया के लिए अपना सख्त मौद्रिक रुख बरकरार रखने की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने जुलाई और अगस्त में लगातार दो बार 25-25 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी की थी। पिछली दर वृद्धियों के संचयी प्रभाव का आकलन करने के लिए संभावना है कि बैंक ऑफ कोरिया अक्टूबर की बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 3.0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखेगा।
वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का परिदृश्य
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) पर नया बिकवाली दबाव देखा गया और यह गिरकर 0.6900 के करीब आ गया। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच डॉलर की मजबूती इस मुद्रा पर भारी पड़ी। अब व्यापारियों की निगाहें कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की अपेक्षाओं पर टिकी हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) ने अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई की और एशियाई सत्र में 158.00 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान के सख्त कदमों की संभावना और येन को समर्थन देने के लिए संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं डॉलर की बढ़त को सीमित रख सकती हैं।
कमोडिटी बाजार में शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद सोमवार को सोना लगभग स्थिर कारोबार करता दिखा। पीली धातु पर एक तरफ फेड की दर वृद्धि की कम होती संभावनाएं असर डाल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मजबूत अमेरिकी डॉलर और बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बना अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल इसकी कीमतों को सीमित रखे हुए है। डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में बिटकॉइन 86,000 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में बना रहा। इसके विपरीत ऑल्टकॉइन्स में सकारात्मक रुख दिखा, जहां एथेरियम बढ़कर 2,700 डॉलर के पार निकल गया और रिपल 1.52 डॉलर के ऊपर स्थिर बना रहा।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के समक्ष भी जटिल चुनौतियां सामने आ रही हैं। आमतौर पर अपने लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही मुद्रास्फीति पर केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर प्रतिक्रिया देता है। लेकिन मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं, क्योंकि बॉन्ड बाजार पहले ही मौद्रिक सख्ती का कुछ हिस्सा पूरा कर रहा है, जिससे यूरोपीय नीति निर्माताओं के सामने एक कठिन असमंजस की स्थिति बन गई है।


















