वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और सिंगापुर डॉलर के बीच का विनिमय दर एक बेहद सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक यानी यूओबी के रणनीतिकार क्वेक सेर लियांग ने मुद्रा जोड़ी के ताजा उतार-चढ़ाव का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण प्रस्तुत किया है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/एसजीडी की जोड़ी फिसलकर 1.2781 के स्तर तक आ गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सिंगापुर डॉलर की नॉमिनल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट यानी एसजीडी नीर अपने मध्य बिंदु से काफी ऊपर टिकी हुई है। तकनीकी संकेतों के आधार पर दैनिक कारोबार के दौरान यह विनिमय दर 1.2768 से 1.2832 के सीमित दायरे में रहने की संभावना जताई गई है, जो 1.2775 और 1.2815 के तकनीकी स्तरों के साथ सटीक रूप से मेल खाती है। आने वाले एक से तीन हफ्तों और एक से तीन महीनों की अवधि को देखें तो 1.2765 का स्तर एक अत्यंत मजबूत सपोर्ट की तरह काम कर रहा है, जिससे आगे चलकर 1.2835 की ओर सुधार की पूरी गुंजाइश बरकरार दिखती है।
24 घंटे का तकनीकी परिदृश्य और बाजार की चाल
दैनिक कारोबार के लिहाज से मुद्रा बाजार की गतिशीलता में शुक्रवार के अनुमानों और वास्तविक गतिविधियों के बीच मामूली अंतर देखा गया। क्वेक सेर लियांग ने उल्लेख किया कि शुक्रवार के शुरुआती विश्लेषण में डॉलर में तेजी के रुझान की संभावना देखी गई थी, हालांकि 1.2835 के बड़े रेजिस्टेंस स्तर का छूना उस समय कठिन माना जा रहा था। उस दौरान 1.2820 के स्तर को एक अन्य रेजिस्टेंस के रूप में चिह्नित किया गया था। हालांकि इसके बाद बाजार की चाल उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अमेरिकी डॉलर ऊपर चढ़कर 1.2818 के स्तर तक पहुंचा, लेकिन न्यूयॉर्क सत्र के दौरान अचानक बिकवाली का दबाव बना और भाव गिरकर 1.2772 पर आ गया। सत्र के अंत में आंशिक सुधार दर्ज हुआ और डॉलर 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.2790 पर बंद हुआ। इस समय बाजार में न तो नीचे की ओर और न ही ऊपर की ओर कोई स्पष्ट मोमेंटम दिखाई दे रहा है। इसी वजह से मौजूदा सत्र में डॉलर के 1.2775 से लेकर 1.2815 के बीच सीमित दायरे में कारोबार करने की प्रबल संभावना है।
एक से तीन हफ्तों का दृष्टिकोण और अहम सपोर्ट स्तर
मध्यम अवधि के परिदृश्य पर नजर डालें तो शुक्रवार 2 अक्टूबर को जब स्पॉट भाव 1.2800 पर था, तब डॉलर के प्रति दृष्टिकोण को न्यूट्रल से बदलकर पॉजिटिव किया गया था। उस समय संकेत मिले थे कि तेजी का मोमेंटम फिर से बन रहा है और डॉलर के 1.2835 के स्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। रणनीतिकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि 1.2765 पर मौजूद मजबूत सपोर्ट के नीचे टूटने की स्थिति में यह माना जाएगा कि डॉलर सीमित दायरे में ही फंसा रहेगा। इसके बाद डॉलर 1.2818 तक चढ़ा और फिर तेजी से गिरकर 1.2772 पर आ गया। इस गिरावट से तेजी के मोमेंटम में थोड़ी सुस्ती जरूर आई है, लेकिन जब तक 1.2765 का सपोर्ट स्तर सुरक्षित है, तब तक तेजी का सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार रहेगा।
वैश्विक मुद्राओं का हाल: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी दबाव और हलचल स्पष्ट दिखाई दे रही है। सोमवार को देर से एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नई बिकवाली देखी गई, जिससे एयूडी/यूएसडी की जोड़ी गिरकर 0.6900 के स्तर के करीब पहुंच गई। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते अमेरिकी डॉलर को नए सिरे से मजबूती मिल रही है, जिसका सीधा असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पड़ा है। इस समय व्यापारियों की नजरें कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए की मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं पर टिकी हैं। दूसरी ओर, यूएसडी/जेपीवाई की जोड़ी ने अपने पिछले नुकसान की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में दोबारा 158.00 का स्तर पार कर लिया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कमजोर पड़ती उम्मीदों के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान यानी बीओजे के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के कारण जापानी येन में आगे चलकर मजबूती आ सकती है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रह सकती है।
सोने और क्रिप्टो बाजार की स्थिति
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में सोमवार को मामूली बदलाव देखा गया। शुरुआती सत्र की बढ़त गंवाने के बाद पीली धातु लगभग सपाट कारोबार करती नजर आई। सोने की कीमतें एक तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि के नरम पड़ते दांव और दूसरी तरफ मजबूत अमेरिकी डॉलर के बीच फंसी हुई हैं। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है, जिससे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है। डिजिटल एसेट बाजार में बिटकॉइन सोमवार को 86,000 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में कंसोलिडेट कर रहा है। इसके विपरीत अन्य ऑल्टकॉइन्स में सकारात्मक रुख देखा जा रहा है, जिसमें एथेरियम 2,700 डॉलर के पार निकल गया है और रिपल का भाव 1.52 डॉलर के ऊपर स्थिर बना हुआ है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने मौद्रिक नीति का असमंजस
यूरोप के आर्थिक मोर्चे पर यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी एक गंभीर नीतिगत दुविधा से जूझ रहा है। सामान्य परिस्थितियों में जब महंगाई दर लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से भाग रही हो, तो केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने का सीधा और स्पष्ट उपाय होता है। लेकिन वर्तमान आर्थिक परिस्थितियां कतई सामान्य नहीं हैं। इस बार बॉन्ड बाजार पहले से ही उधारी की लागत बढ़ाकर सख्त वित्तीय स्थितियां पैदा कर रहा है, जिससे आंशिक मौद्रिक सख्ती अपने आप हो रही है। इस घटनाक्रम ने ईसीबी के नीति निर्माताओं के सामने एक अत्यंत जटिल चुनौती खड़ी कर दी है, जहां दरें बढ़ाने या रोकने का फैसला अर्थव्यवस्था के लिए बेहद नाजुक साबित हो सकता है।

















