टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के शेयर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद शेयर बाजार में हरे निशान में कारोबार करते दिखे। FMCG क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी ने शुक्रवार, 24 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद अपने वित्तीय परिणाम जारी किए थे, जिसमें कंपनी के शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुनाफा बाजार के अनुमानों से बेहतर रहने के कारण अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली, जिससे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर में तेजी दर्ज की गई।
शेयर बाजार में हलचल और दिन का कारोबार
NSE पर टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर 1115.10 रुपये प्रति शेयर पर खुला, जो इसके पिछले बंद भाव 1088 रुपये की तुलना में अधिक था। कारोबार के दौरान खरीदारी का सिलसिला जारी रहा, जिससे शेयर दिन के उच्चतम स्तर 1123.40 रुपये तक पहुंच गया। खबर लिखे जाने के समय, टाटा कंज्यूमर का शेयर 1.12 फीसदी की बढ़त के साथ 1100.12 रुपये पर कारोबार कर रहा था। नतीजों के बाद शेयर में आई यह तेजी यह दर्शाती है कि लागत की चुनौतियों के बावजूद कंपनी के बेहतर प्रदर्शन पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
पहली तिमाही के मुख्य वित्तीय आंकड़े
मार्च से जून की तिमाही के दौरान टाटा कंज्यूमर का प्रदर्शन राजस्व और मुनाफे दोनों मोर्चों पर मजबूत रहा। कंपनी का कुल परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 11.9 फीसदी बढ़कर 5,349 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 27.8 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली और यह 427 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो बाजार विश्लेषकों के अनुमान से काफी अधिक है।
परिचालन स्तर पर भी कंपनी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। EBITDA 724.2 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार की उम्मीदों के अनुकूल है। EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 12.7 फीसदी उछलकर 13.5 फीसदी दर्ज किया गया। दूसरी ओर, व्यापार विस्तार और परिचालन लागतों के कारण कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर लगभग 11 फीसदी बढ़कर 4,829 करोड़ रुपये हो गया।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार का प्रदर्शन
कंपनी के अलग-अलग विभागों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से ब्रांडेड सेगमेंट में वॉल्यूम विस्तार के कारण हासिल हुई है। भारत में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 13.3 फीसदी बढ़कर 3,540.3 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय कारोबार में सालाना आधार पर 5 फीसदी की वृद्धि देखी गई, जबकि नॉन-ब्रांडेड सेगमेंट के राजस्व में 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, मुनाफे में इस सुधार की मुख्य वजह ब्रांडेड पोर्टफोलियो में बिक्री की मात्रा बढ़ना और चाय की लागत में राहत मिलना रही। हालांकि, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार हुआ है, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में इसमें हल्की नरमी देखने को मिली है।
चाय और कॉफी सेगमेंट की स्थिति और लागत का दबाव
भारत में चाय और कॉफी सेगमेंट, जो कंपनी के कुल राजस्व का लगभग 25 फीसदी हिस्सा बनाता है, इस तिमाही में कुछ दबाव में नजर आया। इस सेगमेंट की बिक्री में सालाना आधार पर 4 फीसदी की गिरावट आई, जबकि वॉल्यूम में 2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस गिरावट का मुख्य कारण भारतीय चाय बाजार में की गई कीमतों में कटौती और भीषण गर्मी का असर रहा।
वर्तमान में चाय की लागत में 7 से 10 फीसदी की मुद्रास्फीति देखी जा रही है, जिससे निपटने के लिए टाटा कंज्यूमर ने जून महीने में मामूली मूल्य वृद्धि की है। प्रबंधन ने इस सेगमेंट के लिए मध्य-एकल अंक में वॉल्यूम वृद्धि का मार्गदर्शन बनाए रखा है और संकेत दिया है कि मार्जिन की सुरक्षा के लिए आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी की जा सकती है।
ब्रोकरेज हाउस की राय और रेटिंग
24 जुलाई को जारी अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म सिस्टमैटिक्स रिसर्च ने कहा कि पहली तिमाही के ऑपरेटिंग परिणाम मोटे तौर पर उनके और बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहे हैं। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी ने अपने राजस्व वृद्धि और मार्जिन आउटलुक को बनाए रखा है।
सिस्टमैटिक्स रिसर्च का मानना है कि उत्पाद मिश्रण में सुधार, कीमत रणनीति और लागत दक्षता के बल पर निकट से मध्यम अवधि में मार्जिन का परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है। हालांकि, महंगे मूल्यांकन और वृद्धि से जुड़े जोखिमों के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह शेयर वित्त वर्ष 2026-27 के अनुमानित EPS पर 56x और वित्त वर्ष 2027-28 के अनुमानित EPS पर 48x के P/E मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही, चाय सेगमेंट में बनी अस्थिरता और कच्चे माल की कीमतों के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सिस्टमैटिक्स ने टाटा कंज्यूमर के शेयर पर HOLD की रेटिंग को बरकरार रखा है।



















