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संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी कूटनीति पर टिकी नजरें, डाउ जोंस फ्यूचर्स सीमित दायरे में स्थिरबाज़ार
22 सित॰ 2026, 2:37 pm (31 मिनट पहले)· 0

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी कूटनीति पर टिकी नजरें, डाउ जोंस फ्यूचर्स सीमित दायरे में स्थिर

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत और तेल आपूर्ति में सुधार के बीच डाउ फ्यूचर्स में सीमित हलचल देखी गई, जबकि टेक शेयरों की बदौलत पिछले सत्र में भारी उछाल दर्ज हुआ था।

न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होने वाली अहम राजनयिक वार्ताओं से ठीक पहले वैश्विक वित्तीय बाजारों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है। यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान मंगलवार को अमेरिकी शेयर सूचकांकों के वायदा कारोबार में बेहद सीमित फेरबदल दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी दिन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई थी, जिसने सूचकांकों को नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया था। हालांकि, अब कारोबारी वाशिंगटन और तेहरान के कूटनीतिक रुख पर नजरें टिकाए हुए हैं, जिसके चलते वॉल स्ट्रीट वायदा में कोई बड़ी दिशा देखने को नहीं मिल रही है।

अमेरिकी सूचकांकों के वायदा कारोबार में ठहराव और होर्मुज से राहत

मंगलवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज का वायदा अनुबंध 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 52,450 के करीब आ गया। इसके साथ ही एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 7,830 के आसपास स्थिर रहा, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.07 प्रतिशत कमजोर होकर लगभग 30,760 पर कारोबार कर रहा था। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर हालिया दिनों में बना दबाव उस समय कुछ कम हुआ जब सप्ताहांत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा की सुरक्षित खेप बाहर निकली। ऊर्जा आपूर्ति के इस प्रवाह ने तेल की कीमतों को नीचे लाने में मदद की, जिससे मुद्रास्फीति का डर थोड़ा हल्का हुआ और बाजार को राहत मिली।

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संयुक्त राष्ट्र में डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन और कूटनीतिक एजेंडा

भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का केंद्र बिंदु अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हुए हैं, जिनका संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इस उच्चस्तरीय बैठक के इतर उनके एजेंडे में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ एक संभावित बैठक शामिल है। इसके अलावा ट्रंप पूरे सप्ताह के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और खाड़ी देशों के नेताओं के साथ भी चर्चा करने वाले हैं। मध्य पूर्व में तनाव कम करने और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में ट्रंप प्रशासन ने युद्ध से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब डॉलर का फंड स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा है। इस शिखर बैठक और प्रस्तावित फंड पर वैश्विक निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

टेक शेयरों की अगुवाई में वॉल स्ट्रीट का ऐतिहासिक उछाल

वायदा बाजार के मौजूदा ठहराव से पहले सोमवार को वॉल स्ट्रीट पर जबरदस्त लिवाली का दौर देखने को मिला था। टेक केंद्रित नैस्डैक कंपोजिट 2.26 प्रतिशत उछलकर रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 1.49 प्रतिशत और डाउ जोंस में 0.71 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। व्यापक बाजार की इस तेजी को प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के शानदार प्रदर्शन, कच्चे तेल की घटती कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से बड़ा सहारा मिला।

डॉयचे बैंक के रणनीतिकारों ने रेखांकित किया कि तकनीकी शेयरों ने इस रैली का नेतृत्व किया। उनके अनुसार नैस्डैक में 2.26 प्रतिशत की तेजी आई और मैग्निफिसेंट 7 समूह के शेयरों ने 3.44 प्रतिशत चढ़कर अपना नया सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर छुआ। व्यक्तिगत कंपनियों की बात करें तो मेटा के शेयरों में 11.3 प्रतिशत का उछाल आया, जिसे डॉयचे बैंक ने इसके म्यूज एआई ऑफरिंग को लेकर बने उत्साह के बीच 11.43 प्रतिशत की तेजी के रूप में दर्ज किया। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी शानदार लिवाली रही, जहां चिप निर्माता एएमडी के शेयर 10 प्रतिशत (रणनीतिकारों के अनुसार 9.95 प्रतिशत) उछले, जिसके साथ ही यह 1 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंचने वाली नवीनतम कंपनी बन गई। वहीं इंटेल के शेयरों में 12.1 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगी। जोखिम उठाने का यह रुख केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप में भी व्यापक बढ़त देखने को मिली जहां स्टॉक 600 सूचकांक 1.02 प्रतिशत, डैक्स 1.07 प्रतिशत और कैक 40 सूचकांक 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

डाउ जोंस सूचकांक का ढांचा और उसकी गणना पद्धति

डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने शेयर बाजार पैमानों में से एक है। इसमें अमेरिका की 30 सबसे अधिक कारोबार वाली प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। यह सूचकांक बाजार पूंजीकरण पर आधारित होने के बजाय मूल्य-भारित यानी प्राइस-वेटेड प्रणाली पर कार्य करता है। इसकी गणना सूचकांक में शामिल सभी घटक शेयरों की कीमतों को जोड़कर एक विशेष विभाजक से भाग देकर की जाती है, जो वर्तमान में 0.152 निर्धारित है।

इस ऐतिहासिक सूचकांक की स्थापना चार्ल्स डाउ ने की थी, जिन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी नींव रखी थी। हालांकि, आधुनिक वित्तीय विश्लेषण में इस सूचकांक की इस आधार पर आलोचना भी की जाती रही है कि यह व्यापक बाजार का पूरी तरह से प्रतिनिधित्व नहीं करता, क्योंकि यह एसएंडपी 500 जैसे व्यापक सूचकांकों के विपरीत केवल 30 बड़े औद्योगिक समूहों और कंपनियों तक ही सीमित है।

डाउ जोंस को प्रभावित करने वाले आर्थिक कारक और डाउ सिद्धांत

डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज की चाल कई आर्थिक और कॉरपोरेट तत्वों पर निर्भर करती है। सबसे प्रमुख चालक घटक कंपनियों द्वारा तिमाही आय विवरणियों में पेश किए जाने वाले वित्तीय नतीजे हैं। इसके अलावा अमेरिकी और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े निवेशकों के मनोबल को सीधे प्रभावित करते हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरों का स्तर भी डाउ जोंस पर गहरा असर डालता है, क्योंकि यह कंपनियों के लिए ऋण की लागत तय करता है और अधिकांश निगम विस्तार के लिए कर्ज पर काफी निर्भर होते हैं। यही कारण है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े और फेड के फैसलों को बदलने वाले अन्य आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बाजार की प्राथमिक प्रवृत्ति को समझने के लिए चार्ल्स डाउ द्वारा विकसित डाउ थ्योरी का व्यापक उपयोग किया जाता है। इस सिद्धांत का मुख्य नियम डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और डाउ जोंस ट्रांसपोर्टेशन एवरेज की दिशा की तुलना करना है। यह सिद्धांत केवल तभी किसी प्रवृत्ति को स्थायी मानता है जब दोनों सूचकांक एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे हों। इसमें कारोबारी मात्रा यानी वॉल्यूम को पुष्टि का पैमाना माना जाता है और यह चोटियों और गर्तों के विश्लेषण का उपयोग करता है। डाउ सिद्धांत बाजार के रुझान को तीन चरणों में बांटता है: संचय यानी एक्युमुलेशन चरण, जिसमें स्मार्ट मनी शेयरों की खरीद या बिक्री शुरू करती है; सार्वजनिक भागीदारी चरण, जहां आम निवेशक शामिल होते हैं; और वितरण चरण, जहां स्मार्ट मनी मुनाफावसूली करके बाहर निकल जाती है।

सूचकांक में कारोबार के विकल्प और वित्तीय साधन

निवेशकों के पास डाउ जोंस में हिस्सा लेने के कई वित्तीय विकल्प मौजूद हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ हैं, जो निवेशकों को सभी 30 अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीदे बिना पूरे सूचकांक को एक एकल प्रतिभूति के रूप में ट्रेड करने की सुविधा देते हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण एसपीडीआर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ (DIA) है। इसके अतिरिक्त डाउ जोंस फ्यूचर्स अनुबंध ट्रेडर्स को भविष्य के सूचकांक मूल्य पर दांव लगाने की अनुमति देते हैं, जबकि ऑप्शंस अनुबंध भविष्य में पूर्व-निर्धारित कीमत पर सूचकांक को खरीदने या बेचने का अधिकार प्रदान करते हैं, हालांकि इसके लिए कोई बाध्यता नहीं होती। म्यूचुअल फंड भी निवेशकों को डाउ जोंस शेयरों के एक विविध पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी खरीदने की सुविधा देते हैं।

मुद्रा, कीमती धातुएं, बॉन्ड और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की चाल

वैश्विक वित्तीय मंच पर अन्य परिसंपत्तियों में भी अहम उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मंगलवार को एशियाई सत्र में 0.7100 से ऊपर की बोलियां आकर्षित करने में सफल रहा। इसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलक की आक्रामक टिप्पणियों से समर्थन मिला। हालांकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रह सकती है। सप्ताह के अंत में होने वाला ट्रंप और शी जिनपिंग का अहम शिखर सम्मेलन भी निवेशकों के रडार पर है।

अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन जोड़ी एशियाई सत्र में मामूली बढ़त के साथ 157.50 के स्तर के पास कारोबार करती दिखी। बाजार में हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन में भारी गिरावट को सीमित करने में मदद की। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है और मौद्रिक नीति को सामान्य करने की दिशा में एक कदम है। हालांकि इस कदम के बावजूद जापानी येन के खरीदार दबाव में रहे क्योंकि फेड के आक्रामक रुख और डॉलर की मजबूती ने इस जोड़ी को सहारा दिया।

सोने के बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन के शुरुआती कारोबार में मामूली तेजी के बाद पीली धातु गिरकर 4,315 डॉलर के दायरे में आ गई, जो मंगलवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में तीन दिन का निचला स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख ने यील्ड न देने वाली इस कीमती धातु से निवेशकों की निकासी को प्रेरित किया है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन पिछले दिन 6.7 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाने के बाद मंगलवार को ठहराव के दौर में दिखा और 85,500 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा था। इस बाजार में संस्थागत मांग काफी मजबूत बनी हुई है। सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में लगभग 1 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि स्ट्रेटेजी ने अपने ट्रेजरी भंडार में 950 BTC और जोड़े हैं।

सवाल-जवाब

मंगलवार को अमेरिकी शेयर सूचकांकों के फ्यूचर्स में क्या हलचल रही?
डाउ जोंस फ्यूचर्स 0.04 प्रतिशत घटकर 52,450 पर, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 7,830 पर स्थिर और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.07 प्रतिशत गिरकर 30,760 पर कारोबार कर रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र में डोनाल्ड ट्रंप का क्या कूटनीतिक कार्यक्रम है?
डोनाल्ड ट्रंप महासभा को संबोधित करने वाले हैं और उनके एजेंडे में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और खाड़ी देशों के नेताओं के साथ बैठकें शामिल हैं।
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
नैस्डैक कंपोजिट 2.26 प्रतिशत उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जिसमें मेटा 11.3 प्रतिशत, इंटेल 12.1 प्रतिशत और एएमडी 10 प्रतिशत चढ़े।
कच्चे तेल और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर क्या ताजा राहत मिली है?
सप्ताहांत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा की सुरक्षित आपूर्ति बाहर निकली, जिससे तेल आपूर्ति संकट और मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुईं।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दी, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।
सोने और बिटकॉइन की कीमतों में मंगलवार को क्या बदलाव देखा गया?
सोना गिरकर 4,315 डॉलर के तीन दिन के निचले स्तर पर आ गया, जबकि बिटकॉइन पिछले दिन 6.7 प्रतिशत उछलने के बाद 85,500 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा था।
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