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अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले पाउंड में नरमी, 1.3235 के करीब सिमटी ब्रिटिश करेंसी की बढ़तबाज़ार
12 अक्तू॰ 2026, 6:15 pm (1 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले पाउंड में नरमी, 1.3235 के करीब सिमटी ब्रिटिश करेंसी की बढ़त

अमेरिका में महंगाई दर बढ़ने की आशंका और ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि में सुस्ती के अनुमानों के बीच ब्रिटिश पाउंड ने डॉलर के मुकाबले अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी है।

GBP/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण12 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.32 पर है, जबकि EMA20 1.33, EMA50 1.34 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.33) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का RSI 39 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी शुरुआती तेजी गंवा दी है और इसका भाव सुस्त होकर 1.3235 के आसपास स्थिर हो गया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय निवेशक अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के नए आंकड़ों और यूनाइटेड किंगडम के मासिक सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के विवरण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से लगातार बनी हुई महंगाई को लेकर जताई जा रही चिंताओं ने डॉलर को मजबूती दी है, जिसके चलते पाउंड पर दबाव साफ नजर आ रहा है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत आंकने वाला डॉलर इंडेक्स 0.15 प्रतिशत बढ़कर 102.38 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया है।

अमेरिकी मुद्रास्फीति के अनुमान और फेडरल रिजर्व का रुख

बाजार का सारा ध्यान अब अमेरिका से आने वाले नए महंगाई आंकड़ों पर केंद्रित हो गया है। अर्थशास्त्रियों के अनुमानों के अनुसार, अमेरिका में हेडलाइन मुद्रास्फीति अगस्त के 3.4 प्रतिशत के स्तर से बढ़कर 3.7 प्रतिशत वार्षिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही खाद्य और ऊर्जा जैसे अस्थिर घटकों को अलग रखने वाली कोर सीपीआई 2.5 प्रतिशत वार्षिक रहने का अनुमान है, जो इसके पिछले 2.4 प्रतिशत के स्तर से अधिक है। मासिक आधार पर भी हेडलाइन सीपीआई की रफ्तार तेज होने की संभावना है, जहां इसके पिछले 0.4 प्रतिशत के मुकाबले 0.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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मुद्रास्फीति के इन बढ़ते आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में सख्त मौद्रिक रुख बनाए रख सकता है। जब केंद्रीय बैंक मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखता है, तो अमेरिकी प्रतिभूतियों और डॉलर की मांग में स्वाभाविक उछाल आता है। यही कारण है कि डॉलर इंडेक्स 102.38 के आसपास मजबूती बनाए हुए है और अन्य प्रमुख करेंसियों पर इसका भारी दबाव महसूस किया जा रहा है।

रूस-यूक्रेन ऊर्जा संघर्ष विराम और कच्चे तेल की हलचल

भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी डॉलर की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई है। यूक्रेन और रूस के बीच ऊर्जा संघर्ष विराम के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों में मामूली कमी आई थी, लेकिन इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में तेज रिकवरी देखने को मिली है, जिसने डॉलर को अतिरिक्त सहारा दिया है। आईएनजी के विश्लेषकों ने एक ताजा नोट में बताया कि कच्चे तेल में सुबह के समय देखी गई गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वह घोषणा थी, जिसमें रूस द्वारा डीजल निर्यात का जिक्र किया गया था।

इस समझौते के तहत रूस तत्काल प्रभाव से 300 किलोटन डीजल का निर्यात करेगा, जिसके बाद नवंबर में 500 किलोटन और दिसंबर में 1 मिलियन मीट्रिक टन डीजल का निर्यात किया जाएगा। आईएनजी के विश्लेषकों का कहना है कि इस सहमति के तहत अमेरिका रूसी डीजल पर लगे प्रतिबंधों में भी अस्थायी ढील दे रहा है। इस कदम से निकट भविष्य में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी। विश्लेषकों का मानना है कि जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच भी उत्पाद उपलब्धता बढ़ने से कीमतों में नरमी की स्थिति को समझा जा सकता है। ऊर्जा बाजार की यह स्थिरता वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर के प्रवाह को मजबूती दे रही है।

ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर मंडराते सुस्ती के बादल

ब्रिटिश पाउंड के मोर्चे पर निवेशकों की नजरें गुरुवार को जारी होने वाले यूनाइटेड किंगडम के अगस्त महीने के जीडीपी आंकड़ों पर टिकी हैं। आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि जुलाई में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बाद अगस्त में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में 0.1 प्रतिशत का संकुचन आ सकता है। आर्थिक विस्तार में यह गिरावट ब्रिटिश पाउंड के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है, क्योंकि बैंक ऑफ इंग्लैंड के लिए ऐसी स्थिति में नीतिगत दरों को संतुलित करना बेहद पेचीदा हो जाएगा।

जीडीपी के अलावा बाजार प्रतिभागी विनिर्माण और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं। यदि ब्रिटेन के औद्योगिक आंकड़े भी कमजोरी के संकेत देते हैं, तो पाउंड पर बिकवाली का दबाव और गहरा सकता है। यूरोपीय बाजार में सुस्त मांग और घरेलू स्तर पर बढ़ती उत्पादन लागत ने ब्रिटिश विनिर्माताओं की चुनौतियां पहले ही बढ़ा रखी हैं, जिससे पाउंड के तकनीकी और बुनियादी दोनों आधार कमजोर नजर आ रहे हैं।

पाउंड बनाम डॉलर का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर

दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी की जोड़ी 1.3230 के आसपास कारोबार कर रही है और इसका निकट अवधि का रुख मंदी की ओर झुका हुआ है। यह मुद्रा जोड़ी 1.3290 पर स्थित अपने 20-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए से नीचे बनी हुई है। इस अल्पकालिक ईएमए को दोबारा हासिल करने में जोड़ी की विफलता यह दर्शाती है कि हर उछाल पर बिकवाली हावी हो रही है।

तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 39 के आसपास चल रहा है, जो अत्यधिक बिकवाली की स्थिति के बजाय एक कमजोर लेकिन स्थिर नकारात्मक गति का संकेत देता है। ऊपरी स्तरों पर 1.3290 का 20-अवधि ईएमए पहला मजबूत अवरोध बना हुआ है। जब तक इस स्तर के ऊपर दैनिक क्लोजिंग दर्ज नहीं होती, तब तक तात्कालिक बिकवाली दबाव कम होने और किसी सुधारात्मक उछाल की उम्मीद करना मुश्किल है। निकट अवधि में किसी स्पष्ट मजबूत समर्थन स्तर के अभाव में यह जोड़ी 1.3290 से नीचे रहते हुए आगे और फिसलने के जोखिम का सामना कर रही है।

अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति

मुद्रा बाजार में केवल ब्रिटिश पाउंड ही दबाव में नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी ने सोमवार को एक मामूली अंतर को भरने की कोशिश की, लेकिन एशियाई सत्र में छुट्टियों के कारण कम नकदी के बीच यह 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे ही बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से आई हल्की गिरावट के बावजूद डॉलर की वापसी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के उछाल को सीमित रखा है। इसके अलावा नवंबर में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती संभावनाओं ने भी इस पर दबाव बनाए रखा है।

अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी ने नए कारोबारी सप्ताह में भी अपने सीमित दायरे का रुख जारी रखा है और यह 158.00 के ऊपर कारोबार कर रही है। बाजार में इस बात की अटकलें तेज हैं कि जापानी अधिकारी अपनी मुद्रा को सहारा देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप कर सकते हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने डॉलर के खरीदारों को थोड़ा सतर्क रखा है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त भी सीमित रही है। हालांकि जापान और अमेरिका में सार्वजनिक अवकाश के कारण सीमित तरलता के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से समर्थन मिल रहा है।

कमोडिटी बाजार में सोने ने एक सप्ताह के उच्चतम स्तर से अपनी गिरावट को आगे बढ़ाया और शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान यह 4,170 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक फिसल गया। फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख के कारण अमेरिकी डॉलर में आए नए खरीदारों ने बिना ब्याज देने वाली इस पीली धातु पर भारी दबाव बना दिया है।

डिजिटल परिसंपत्तियों की बात करें तो पाई नेटवर्क सोमवार को लाल निशान में कारोबार करता दिखा और भारी बिकवाली दबाव के बीच 0.0800 डॉलर के स्तर के ऊपर मंडराता रहा। पाई टोकन की सट्टेबाजी मांग घटती दिख रही है और सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चाओं के बावजूद इसका ओपन इंटरेस्ट 9 मिलियन डॉलर से नीचे बना हुआ है, जो निवेशकों में घबराहट का संकेत है। इसके तकनीकी संकेत मंदी के बने हुए हैं और 0.0800 डॉलर का समर्थन स्तर टूटने का जोखिम मंडरा रहा है।

उधर घरेलू मोर्चे पर, भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उल्लेखनीय मजबूती के साथ खुलने के बाद 95.80 के करीब अपनी रिकवरी बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा। डॉलर की मांग पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए नए कदमों ने रुपये पर दबाव को काफी हद तक कम किया है, जिससे भारतीय मुद्रा को राहत मिली है।

सवाल-जवाब

ब्रिटिश पाउंड में गिरावट क्यों देखने को मिल रही है?
अमेरिका में मुद्रास्फीति दर 3.7 प्रतिशत तक बढ़ने के अनुमानों और यूके जीडीपी में 0.1 प्रतिशत संकुचन की आशंका से पाउंड पर दबाव बना है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति के क्या अनुमान जारी किए गए हैं?
हेडलाइन सीपीआई 3.7 प्रतिशत वार्षिक और कोर सीपीआई 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि मासिक आधार पर 0.6 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
जीबीपी/यूएसडी के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर क्या हैं?
जोड़ी के लिए 1.3290 पर स्थित 20-दिवसीय ईएमए एक प्रमुख अवरोध है, जबकि आरएसआई 39 के आसपास कमजोर गति का संकेत दे रहा है।
रूसी डीजल को लेकर क्या घोषणा की गई है?
घोषणा के तहत रूस तुरंत 300 किलोटन, नवंबर में 500 किलोटन और दिसंबर में 1 मिलियन मीट्रिक टन डीजल निर्यात करेगा, जिसमें अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देगा।
भारतीय रुपये की क्या स्थिति रही?
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत शुरुआत के बाद 95.80 के स्तर के पास अपनी रिकवरी बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा।
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टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·6 मिनट पहले

हर बार महंगाई बढ़ने के डर से पाउंड गिर जाता है, पर मुझे लगता है इस बार बाज़ार कुछ ज़्यादा ही घबरा रहा है।

Michael Anderson@michael-anderson·8 मिनट पहले

फेड के रुख और महंगाई के इन आंकड़ों से साफ है कि ब्याज दरों में राहत की उम्मीद अभी दूर है, जिसका सीधा असर डॉलर पर दिख रहा है।

Rohan Verma@rohan-verma·8 मिनट पहले

माइकल जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले साल जब मैं लखनऊ के एक बैंक में लोन के सिलसिले में गया था, तो ब्याज दरों के बार-बार बढ़ने से मेरी भी ईएमआई अचानक काफी बढ़ गई थी, ठीक वैसे ही जैसे आज डॉलर मजबूत हो रहा है।

Ravikash Gupta@ravikash·14 मिनट पहले

अमेरिका में महंगाई के आंकड़े आने से पहले डॉलर मजबूत हो रहा है और पाउंड पर दबाव साफ दिख रहा है। रूस-यूक्रेन डीजल समझौते का असर भी कच्चे तेल और बाजार पर पड़ रहा है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·13 मिनट पहले

रविकेश, सही कहा आपने। पिछले साल जब मैं लंदन गया था, तब भी पाउंड में ऐसे ही उतार-चढ़ाव देखकर होटल वाले से डॉलर की बात करनी पड़ी थी।

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