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यूएस डॉलर/कनाडाई डॉलर में 20-दिन के EMA तक गिरावट खरीदारी का ताजा मौका बना सकती हैबाज़ार
3 जुल॰ 2026, 5:28 pm (45 दिन पहले)· 2

यूएस डॉलर/कनाडाई डॉलर में 20-दिन के EMA तक गिरावट खरीदारी का ताजा मौका बना सकती है

कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा से डॉलर दबाव में है, जबकि कच्चे तेल की गिरावट कनाडाई डॉलर को कमजोर रखे हुए है। तकनीकी नजरिए से USD/CAD में 20-दिन के EMA तक कोई पुलबैक खरीदारों के लिए बेहतर एंट्री साबित हो सकता है।

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तकनीकी विश्लेषण3 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

USD/CAD अभी 1.42 पर है, जबकि EMA20 1.41, EMA50 1.40 और EMA200 1.38 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 (1.41) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

अमेरिकी डॉलर एक बार फिर बैकफुट पर है, और इसका सीधा असर USD/CAD की चाल पर दिख रहा है। यूरोपीय कारोबार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख करेंसियों के मुकाबले डॉलर की कीमत मापता है, 0.14% फिसलकर 100.70 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट जून के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद आई है, जिसने ट्रेडरों को फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख को लेकर अपनी उम्मीदें दोबारा तौलने पर मजबूर कर दिया है।

डॉलर अचानक कमजोर क्यों दिख रहा है

गुरुवार को आए नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों ने ही चोट पहुंचाई। जून में अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने सिर्फ 57 हजार नई नौकरियां जोड़ीं, जबकि बाजार 1 लाख 10 हजार का अनुमान लगाए बैठा था। इतने बड़े अंतर का सीधा मतलब है कि ब्याज दरें बढ़ने की तेज उम्मीदों पर नए सिरे से सोचना पड़ेगा, और जब दरें बढ़ने के दांव कमजोर पड़ते हैं तो डॉलर का एक बड़ा सहारा छिन जाता है। अब सबकी नजर शुक्रवार को आने वाले जून के अमेरिकी आईएसएम सर्विसेज PMI आंकड़े पर है, जो या तो इन आशंकाओं को और गहरा करेगा या माहौल को थोड़ा संभालेगा।

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कच्चा तेल कनाडाई डॉलर को नीचे खींच रहा है

दूसरी तरफ कनाडाई डॉलर भी इस मौके का फायदा उठाने की हालत में नहीं दिख रहा। कनाडाई डॉलर लगातार दबाव में है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें मध्य पूर्व में युद्ध से पहले वाले स्तर पर लौट आई हैं। कनाडा के लिए यह बड़ी बात है, क्योंकि वह तेल का शुद्ध निर्यातक देश है और उसकी करेंसी अक्सर एनर्जी की कीमतों के साथ चलती है। तेल में ताजा गिरावट की एक वजह यह भी रही कि ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति का संकेत दिया, जिससे सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ हल्की पड़ी।

तकनीकी तस्वीर: गिरावट एक तोहफा हो सकती है

लाइव आंकड़ों के मुताबिक USD/CAD इस वक्त करीब 1.42 पर कारोबार कर रहा है, यानी दिन में लगभग सपाट (पिछले बंद भाव से 0.28% नीचे), और यह अपने 1.35 से 1.42 के 52-हफ्ते के दायरे के बिल्कुल ऊपरी छोर पर बैठा है। इसका RSI(14) 68 पर है, जो ओवरबॉट जोन के करीब है, जबकि ADX 51 पर एक मजबूत ट्रेंड की ओर इशारा करता है। EMA20 करीब 1.41, EMA50 करीब 1.40 और EMA200 करीब 1.38 पर हैं, और EMA50 का EMA200 के ऊपर होना (गोल्डन क्रॉस) लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि करता है। बोलिंगर बैंड 1.39 से 1.43 के बीच फैले हैं, नीचे करीब 1.39 पर सपोर्ट और ऊपर 1.42 के पास रुकावट दिख रही है। ऐसे में तस्वीर साफ है: जब तक बड़ा रुझान ऊपर की ओर है, 20-दिन के EMA यानी 1.41 के आसपास तक कोई भी पुलबैक ट्रेंड बदलने का संकेत देने के बजाय खरीदारों को बेहतर एंट्री का मौका दे सकता है।

जॉब्स रिपोर्ट फॉरेक्स ट्रेडरों को असल में क्या बताती है

अमेरिका की मासिक रोजगार रिपोर्ट को फॉरेक्स ट्रेडरों के लिए सबसे अहम आर्थिक संकेतक माना जाता है। यह जिस महीने की होती है, उसके बाद के पहले शुक्रवार को जारी होती है, और नौकरियों की संख्या में बदलाव अर्थव्यवस्था के कुल प्रदर्शन से गहराई से जुड़ा होता है, इसलिए नीति-निर्माता इस पर बारीकी से नजर रखते हैं। पूर्ण रोजगार फेडरल रिजर्व के तय लक्ष्यों में से एक है, और नीति बनाते समय वह श्रम बाजार की हलचल को ध्यान में रखता है, जिसका सीधा असर करेंसियों पर पड़ता है। कई अग्रिम संकेतक अनुमान गढ़ते जरूर हैं, फिर भी नॉनफार्म पेरोल अक्सर बाजार को चौंका देता है और बड़ी उठापटक लाता है। जब असल आंकड़े अनुमान से बेहतर आते हैं, तो वे आमतौर पर डॉलर के लिए तेजी वाले साबित होते हैं।

बाकी बाजार का हाल

बाकी करेंसियों पर भी यही दबाव झलक रहा है। GBP/USD शुक्रवार के यूरोपीय सत्र में हरे निशान में है, हालांकि इसकी तेजी 1.3400 से नीचे ही थमी हुई है, क्योंकि कमजोर पेरोल रिपोर्ट के बाद डॉलर की सुस्ती जारी है। EUR/USD करीब 1.1450 पर मजबूत दिख रहा है और तीन हफ्तों में पहली बार साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की ओर है। सोना लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख बनाए हुए है और डेढ़ हफ्ते के ऊंचे स्तर के पास है, यह पांच हफ्तों में पहली बार साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है, हालांकि तेजी वाले खिलाड़ी अभी 4,200 डॉलर के पार जाने का इंतजार कर रहे हैं। क्रिप्टो में हाइपरलिक्विड (HYPE) 66 डॉलर के ऊपर टिका है और करीब 60 डॉलर पर चढ़ते 50-दिन के EMA के सहारे लंबी अवधि का अपट्रेंड बनाए हुए है। पिछले 24 घंटों में इसका ओपन इंटरेस्ट करीब 5% बढ़ा है और फंडिंग रेट शून्य के ऊपर बने हुए हैं, हालांकि इस हफ्ते संस्थागत मांग अब तक ठंडी ही रही है।

अब नजरें फेड पर

बाजार का ध्यान अगले हफ्ते आने वाले FOMC मिनट्स पर टिक गया है, जहां इस बात के संकेत तलाशे जाएंगे कि बंटी हुई कमेटी को रोक से हटाकर दरें बढ़ाने की ओर क्या चीज मोड़ सकती है। पिछली बैठक के डॉट प्लॉट ने साफ कर दिया था कि नीति-निर्माता इस पर बंटे हुए हैं कि दरें बढ़ाना जरूरी है या नहीं, लेकिन चेयर केविन वॉर्श के तहत आगे का मार्गदर्शन दबाकर रखे जाने से फेड की प्रतिक्रिया अनिश्चित बनी हुई है। सिंट्रा में वित्तीय बाजार फेड के अगले कदम के संकेत ढूंढने पहुंचे थे, पर उन्हें ज्यादातर यही पुष्टि लेकर लौटना पड़ा कि फेड चेयर केविन वॉर्श इन संकेतों को ढूंढना अब और मुश्किल बनाने के इरादे में हैं।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर अभी क्यों कमजोर पड़ रहा है?
जून के नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों में सिर्फ 57 हजार नौकरियां जुड़ीं, जो 1 लाख 10 हजार के अनुमान से काफी कम रहीं, जिससे फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर हुई हैं।
USD/CAD इस वक्त किस स्तर पर है?
लाइव आंकड़ों के मुताबिक यह करीब 1.42 पर है, दिन में लगभग सपाट, और अपने 1.35 से 1.42 के 52-हफ्ते के दायरे के ऊपरी छोर पर बना हुआ है।
गिरावट पर खरीदारी की सलाह क्यों दी जा रही है?
जोड़ी लंबी अवधि के अपट्रेंड में है, इसलिए 20-दिन के EMA यानी करीब 1.41 तक कोई पुलबैक बेहतर एंट्री का मौका माना जा रहा है, न कि ट्रेंड बदलने का संकेत।
कनाडाई डॉलर कमजोर क्यों है?
कच्चे तेल की कीमतें मध्य पूर्व युद्ध से पहले वाले स्तर पर लौट आई हैं और कनाडा तेल का शुद्ध निर्यातक है; ओमान द्वारा अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति के संकेत से तेल पर दबाव बढ़ा।
आगे कौन से आंकड़े अहम हैं?
शुक्रवार को जून का अमेरिकी आईएसएम सर्विसेज PMI आएगा, जबकि अगले हफ्ते FOMC मिनट्स पर बाजार की नजर रहेगी।
जॉब्स आंकड़ों का डॉलर पर आमतौर पर क्या असर होता है?
जब असल आंकड़े अनुमान से बेहतर आते हैं, तो वे आमतौर पर डॉलर के लिए तेजी वाले साबित होते हैं।
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