अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार पांचवें कारोबारी दिन बढ़त दर्ज करते हुए मजबूती बनाए हुए है। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत आंकने वाला डॉलर इंडेक्स एशियाई कारोबारी सत्र में 102.00 के अहम आंकड़े के पार निकल आया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं में कमी आने के बावजूद मुद्रा की मांग कम नहीं हुई है। बाजार भागीदार अब अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से जारी होने वाली गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो आगामी आर्थिक और मौद्रिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
रोजगार के आंकड़ों और वेतन वृद्धि पर टिकी निवेशकों की निगाहें
बाजार के पूर्वानुमानों के मुताबिक सितंबर महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में करीब 90,000 नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद है। यह संख्या पिछले महीने दर्ज किए गए 1,62,000 के आंकड़े की तुलना में तेज गिरावट का संकेत देती है। वहीं बेरोजगारी दर के 4.1 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर बने रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही औसत प्रति घंटा आय में होने वाले बदलाव के जरिए वार्षिक वेतन महंगाई को भी बारीकी से परखा जाएगा। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अक्टूबर की दर बढ़ोतरी की संभावनाएं भले ही घटी हों, लेकिन वेतन महंगाई के संकेत डॉलर इंडेक्स की गति को नया आधार दे सकते हैं।
विनिर्माण गतिविधियों और कच्चे तेल से महंगाई का दबाव
रोजगार रिपोर्ट जारी होने से पहले इंस्टीट्यूट ऑफ सप्लाई मैनेजमेंट के ताजा सर्वेक्षण में सामने आया है कि सितंबर में अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र लगातार नौवें महीने विस्तार के दायरे में रहा। इस औद्योगिक सर्वेक्षण के विस्तृत विवरण से यह भी स्पष्ट हुआ कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार 24वें महीने बढ़ोतरी देखी गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उपजी महंगाई की आशंकाओं ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आने वाली बड़ी गिरावट को रोक दिया है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश संपत्तियों की ओर मोड़ा है, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है।
तकनीकी संकेत और प्रमुख प्रतिरोध स्तर
तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। हाल ही में 101.70 के क्षैतिज अवरोध को पार करने के बाद इंडेक्स के लिए निकट अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। अब 101.70 का यही स्तर तत्काल गिरावट को थामने के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। तेजी के इस दौर में खरीदारी का रुख जारी रहने पर इंडेक्स के सामने 102.65 से 102.70 के दायरे में अगला बड़ा प्रतिरोध स्तर है। यदि यह बाधा भी पार होती है, तो इंडेक्स 103.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है।
लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार डॉलर इंडेक्स 102.04 के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्तों का दायरा 95.55 से 102.21 के बीच रहा है। 14-दिवसीय आरएसआई 74 के स्तर पर पहुंचकर ओवरबॉट यानी जरूरत से ज्यादा खरीदारी की स्थिति को दर्शा रहा है। वहीं एमएसीडी 0.59 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.39 से ऊपर रहते हुए 0.20 के बुलिश हिस्टोग्राम के साथ तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय ईएमए 100.73, 50-दिवसीय ईएमए 100.25 और 200-दिवसीय ईएमए 99.47 पर हैं। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के जरिए दीर्घकालिक मजबूती का संकेत देता है। पिवट पॉइंट 102.05 पर है, जिसके लिए पहला सपोर्ट 101.96 और दूसरा सपोर्ट 101.89 है, जबकि प्रतिरोध 102.12 और 102.21 पर स्थित है।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और सोने की स्थिति
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर की मजबूती के चलते अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इस सप्ताह सबसे मजबूत साबित हुआ है। एशियाई कारोबार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर पड़कर 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गया, जो जुलाई की शुरुआत के बाद का निचला स्तर है। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 158.00 के स्तर से ऊपर अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर टिका हुआ है। टोक्यो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उम्मीद से अधिक तेजी आने के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने के संकेत मिले हैं, फिर भी डॉलर का दबदबा कायम है। दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह से अमेरिकी नौकरियों के आंकड़े सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।



















