यूरोपीय मुद्रा बाजार में फ्रांस की डगमगाती राजकोषीय स्थिति ने यूरो पर गंभीर दबाव बना दिया है, जिसके चलते ईयूआर/सीएचएफ मुद्रा जोड़ी में सोमवार को कमजोरी देखी गई। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद इस जोड़ी ने निचले स्तरों से वापसी की, क्योंकि स्विट्जरलैंड की ब्याज दरों में भारी अंतर और स्विस नेशनल बैंक द्वारा फ्रैंक की जरूरत से ज्यादा मजबूती रोकने की तत्परता ने स्विस मुद्रा की खरीदारी को सीमित रखा है। मौजूदा कारोबारी सत्र में ईयूआर/सीएचएफ 0.9272 के निचले स्तर को छूने के बाद 0.9318 के करीब संघर्ष करता नजर आया। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक यह 0.9316 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले बंद 0.9341 के मुकाबले 0.27 प्रतिशत नीचे है।
फ्रांस के राजकोषीय संकट और ईसीबी की दुविधा
फ्रांस में बढ़ते राजकोषीय असंतुलन और सरकारी खर्चों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने निवेशकों के विश्वास को झटका दिया है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक का ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रूमेंट बॉन्ड यील्ड में अनावश्यक फैलाव को रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में मौजूद है, लेकिन इसे लागू करने की पहली शर्त यह है कि संबंधित सदस्य देश मजबूत और टिकाऊ वित्तीय व व्यापक आर्थिक नीतियों का पालन करे। बीबीएच के अनुसार, फ्रांस की बिगड़ती वित्तीय स्थिति हस्तक्षेप की संभावनाओं को जटिल बना रही है, हालांकि यदि यह संकट अन्य देशों में फैलता है तो ईसीबी पर कार्रवाई करने का भारी दबाव बनेगा।
सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति अपने निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से दौड़ रही हो, तो केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने का सीधा विकल्प होता है। मगर मौजूदा दौर सामान्य नहीं है। इस समय बॉन्ड बाजार पहले ही वित्तीय सख्ती का एक हिस्सा खुद ही अंजाम दे रहा है, जिससे ईसीबी के सामने एक पेचीदा आर्थिक असमंजस खड़ा हो गया है।
दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेत और गति
दैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो ईयूआर/सीएचएफ जोड़ी 0.9480 के स्तर से तेज गिरावट के बाद लगातार बिकवाली के साए में है। हालिया गिरावट के कारण यह क्रॉस 0.9387 पर स्थित 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे फिसल चुका है, जिसने निकट अवधि के परिदृश्य को कमजोर बना दिया है। इसके बावजूद व्यापक संरचना पूरी तरह नहीं बिगड़ी है, क्योंकि कीमत अभी भी 0.9297 पर मौजूद 100-दिवसीय एसएमए और 0.9239 पर स्थित 200-दिवसीय एसएमए के ऊपर बनी हुई है। लाइव आंकड़ों के अनुसार इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.8981 से 0.9486 के बीच रहा है।
तकनीकी संकेतकों का रुझान साफ तौर पर मंदी की तरफ झुका हुआ है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स गिरकर लगभग 36 के स्तर पर आ गया है, जबकि लाइव आंकड़ों में आरएसआई 35 दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा तेज बिकवाली को दर्शाता है, हालांकि यह अभी ओवरसोल्ड सीमा से थोड़ा ऊपर है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस में एमएसीडी लाइन सिग्नल लाइन के नीचे फिसल चुकी है और इसका हिस्टोग्राम नकारात्मक क्षेत्र में गहराई तक चला गया है, जो बिकवाली के मजबूत दबाव का प्रमाण है। इसके अलावा 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड्स 0.9345 से 0.9506 के बीच हैं और कीमत निचले बैंड के नीचे फिसल चुकी है।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
नीचे की ओर, 0.9297 के आसपास स्थित 100-दिवसीय एसएमए तत्काल रक्षा पंक्ति का काम कर रहा है। इसके बाद सोमवार का निचला स्तर 0.9272 और पिवट सपोर्ट 0.9280 अहम पड़ाव हैं। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह दायरा टूटता है, तो बाजार 0.9239 पर स्थित 200-दिवसीय एसएमए और एस2 स्तर 0.9244 की ओर रुख कर सकता है। 20-दिवसीय मजबूत सपोर्ट 0.9262 के करीब देखा जा रहा है।
ऊपर की तरफ, 0.9387 पर स्थित 50-दिवसीय एसएमए और रेजिस्टेंस आर1 स्तर 0.9342 तात्कालिक अड़चन बने हुए हैं। इसके बाद 0.9430 का स्तर आता है। यदि खरीदार इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहते हैं, तो 0.9500 का मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से खुल सकता है, जहां 0.9486 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर कड़ी चुनौती मिलेगी।
अन्य वैश्विक मुद्राओं का प्रदर्शन
मुद्रा बाजार के व्यापक आंकड़ों पर गौर करें तो आज के सत्र में यूरो ने न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है। हीटमैप के अनुसार अलग-अलग प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले यूरो की चाल मिलीजुली रही है, जहां डॉलर की मजबूती ने अन्य जोड़ियों पर भी असर डाला।
एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी हलचल तेज रही। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच एयूडी/यूएसडी गिरकर 0.6900 के करीब आ गया, जिस पर मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के भू-राजनीतिक तनावों का असर देखा गया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत अनुमानों पर नजरें टिकी हैं। वहीं यूएसडी/जेपीवाई ने घाटा पाटते हुए 158.00 का स्तर दोबारा छू लिया, जहां बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के खतरे बने हुए हैं।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार का हाल
डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी का असर बुलियन बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सोना शुक्रवार के नुकसान को आगे बढ़ाते हुए 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के करीब आ गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नए सिरे से आई तेजी ने पीली धातु पर दबाव बनाए रखा है।
दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में बिटकॉइन 86,000 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में कंसोलिडेट कर रहा है। इसके विपरीत अन्य ऑल्टकॉइन्स में सकारात्मक धारणा दिखी, जहां एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर चढ़ता नजर आया और रिपल 1.52 डॉलर के ऊपर स्थिर बना रहा। विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक आर्थिक अस्थिरता के बीच व्यापारी आने वाले नीतिगत कदमों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं।

















