वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की विनिमय दर में हालिया तेज उतार-चढ़ाव के बाद स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के रणनीतिकार क्वेक सेर लेंग के बाजार विश्लेषण के अनुसार, यूएसडी/सीएचएफ जोड़ी 0.8382 के स्तर से तेजी से पलटकर 0.8286 पर बंद हुई थी। आने वाले कारोबारी सत्रों में इस जोड़ी के सीमित दायरे में रहने के स्पष्ट आसार दिखाई दे रहे हैं। अल्पकालिक तकनीकी चाल के तहत यह गिरावट के साथ 0.8245 के स्तर की तरफ बढ़ सकती है, हालांकि इसके 0.8225 के महत्वपूर्ण निचले स्तर से ऊपर बने रहने की पूरी संभावना है।
स्विस फ्रैंक और डॉलर जोड़ी का तकनीकी परिदृश्य
यूएसडी/सीएचएफ विनिमय दर के विस्तृत तकनीकी आकलन पर नजर डालें तो पिछले गुरुवार को अमेरिकी डॉलर चढ़कर 0.8382 पर पहुंचा था, जिसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और यह 0.8291 के निचले स्तर तक आ गया था। शुक्रवार को जब डॉलर 0.8310 पर था, तब यह संकेत मिला था कि गिरावट का दायरा और बढ़ सकता है। उस दौरान यह उम्मीद जताई गई थी कि कोई भी गिरावट 0.8280 से 0.8335 के दायरे तक ही सीमित रहेगी। हालांकि न्यूयॉर्क कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर क्षणिक रूप से लुढ़क कर 0.8225 के निचले स्तर पर पहुंच गया और फिर संभलते हुए 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.8286 पर बंद हुआ।
मूल्य में आई इस गिरावट के कारण नीचे की ओर मोमेंटम में कुछ बढ़ोतरी जरूर दर्ज हुई है, लेकिन यह इतनी मजबूत नहीं है कि लगातार गिरावट का संकेत दे सके। दैनिक आधार पर डॉलर के फिसलकर 0.8245 तक आने का अनुमान है, जबकि इसके दोबारा 0.8225 के निचले स्तर को छूने की संभावना काफी कम है। ऊपर की ओर 0.8300 पर पहला तकनीकी अवरोध मौजूद है, और यदि यह 0.8310 के स्तर को पार करता है तो तत्काल बना हुआ बिकवाली दबाव पूरी तरह शांत हो जाएगा।
मध्यम अवधि और मासिक दृष्टिकोण
एक से तीन सप्ताह के परिप्रेक्ष्य में अमेरिकी डॉलर के रुख को सकारात्मक से बदलकर तटस्थ कर दिया गया है। 02 अक्टूबर को जब स्पॉट दर 0.8310 पर थी, तब यह स्पष्ट देखा गया कि ऊपर की ओर बना मोमेंटम बहुत जल्द खत्म हो गया। इसके बाद डॉलर 0.8245 और 0.8365 के बीच एक सीमित दायरे में ट्रेडिंग के दौर में प्रवेश कर चुका है। हालांकि इसके बाद डॉलर संक्षेप में 0.8245 के स्तर को तोड़कर 0.8225 तक गिरा था, लेकिन यह गिरावट बहुत ही कम समय के लिए टिकी रही। मंदी के रुख में कोई अतिरिक्त तेजी नहीं आई है, जिससे आने वाले हफ्तों में इसके 0.8245 से 0.8365 के दायरे में ही बने रहने की उम्मीद है। वहीं एक से तीन महीने के दृष्टिकोण से देखें तो इसमें वापसी का अनुमान तो है, लेकिन यह इतनी मजबूत नहीं होगी कि जुलाई के उच्चतम स्तर को दोबारा हासिल कर सके।
एशियाई बाजारों में डॉलर की मजबूती और अन्य प्रमुख मुद्राएं
वैश्विक मंच पर भू-राजनीतिक तनावों के बीच डॉलर को मजबूत समर्थन मिल रहा है। सोमवार को देर एशियाई कारोबार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी नए बिकवाली दबाव में आई और 0.6900 के स्तर की तरफ गिर गई। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक संकट के माहौल में नए सिरे से लौटी अमेरिकी डॉलर की ताकत ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भारी दबाव डाला है। अब इस प्रमुख मुद्रा जोड़ी के लिए बाजार सहभागियों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी अपेक्षाओं पर टिकी हुई है।
दूसरी ओर, यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी ने अपने पुराने नुकसान की भरपाई करते हुए सोमवार के एशियाई सत्र में फिर से 158.00 का आंकड़ा छू लिया। यह जोड़ी पिछले एक सप्ताह से बने एक सीमित दायरे में ही कारोबार कर रही है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता अमेरिकी डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के कारण जापानी येन को भी मजबूती मिल सकती है, जिससे इस जोड़ी की ऊपरी छलांग सीमित रह सकती है।
सोने के भाव और व्यापक आर्थिक आंकड़े
सोने की कीमतों में सुस्ती और कंसॉलिडेशन का दौर जारी है। यूरोपीय सत्र में प्रवेश करते समय सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा था और यह पिछले एक सप्ताह से बने सीमित दायरे में ही घूम रहा है। शुक्रवार को आए अमेरिकी रोजगार के निराशाजनक आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे अमेरिकी डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की यही तेजी सोने की कीमतों की बढ़त पर ब्रेक लगाने का मुख्य कारण बनी है। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावनाओं ने सोने में बहुत बड़ी गिरावट को भी रोक रखा है।
सोमवार को अमेरिकी सेवा क्षेत्र के नए आंकड़े भी आने वाले हैं, जब इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट अपना सितंबर का गेज जारी करेगा। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह सूचकांक अगस्त के 55.4 से मामूली बढ़कर 55.7 पर पहुंच सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह आंकड़ा सेवा क्षेत्र के लचीलेपन और व्यापक अर्थव्यवस्था में निवेशकों के भरोसे को बनाए रखेगा।
क्रिप्टो बाजार और यूरो की ऐतिहासिक गिरावट
डिजिटल एसेट बाजार में बीएनबी, जिसे पहले बाइनेंस कॉइन के नाम से जाना जाता था, लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद सोमवार को हल्का फिसलकर 790 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। हालांकि डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ता ओपन इंटरेस्ट और पॉजिटिव फंडिंग रेट्स यह दर्शाते हैं कि इसमें आगे तेजी की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
इसके विपरीत, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार को यह जोड़ी लुढ़क कर 1.1312 पर आ गई थी, जो कि जनवरी के 1.2082 के शिखर स्तर से काफी नीचे है। यूरो में आई यह भारी गिरावट अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप में ऊर्जा की ऊंची कीमतों से जुड़े बढ़ते जोखिमों का सीधा परिणाम है।

















