अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरोपीय मुद्रा यानी यूरो में मामूली 0.1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, लेकिन यह सोमवार के एक महीने के निचले स्तर से थोड़ा ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। मुद्रा बाजार में यूरो 1.15 के मध्य और निचले दायरे के आसपास खुद को स्थिर करने की कवायद कर रहा है। फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से ठीक पहले निवेशकों की नजर व्यापक आर्थिक संकेतों और बाजार के रुख पर टिकी हुई है।
आर्थिक आंकड़े और निवेशकों की धारणा
यूरोपीय अर्थव्यवस्था के ताजा आंकड़ों में जर्मनी के ज़ेडईडब्ल्यू (ZEW) निवेशक धारणा सर्वेक्षण के आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। इस सर्वेक्षण में उम्मीदों से जुड़े आंकड़े निराशाजनक रहे, जिससे भविष्य को लेकर कुछ अनिश्चितता दिखी। हालांकि, मौजूदा आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़ों ने चौंकाते हुए मजबूत सुधार दर्ज किया है। मौजूदा स्थिति में इस तरह की तेज रिकवरी ने यूरो को निचले स्तरों पर सहारा दिया है, लेकिन लंबी अवधि की मजबूती के लिए अब भी निवेशकों को बड़े नीतिगत फैसलों का इंतजार है।
तकनीकी स्तर और यूरो का दायरा
यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी का तकनीकी ढांचा फिलहाल तटस्थ से मंदी की ओर झुकाव वाला बना हुआ है। हालिया गिरावट के बाद यूरो को 1.15 के मध्य और निचले दायरे में तत्काल सहारा मिला है। यह स्तर 1.1534 पर स्थित 50 दिनों के मूविंग एवरेज के आसपास मौजूद है। तकनीकी संकेतक आरएसआई (RSI) 50 के तटस्थ स्तर से नीचे 40 के निचले दायरे में बना हुआ है, जो मंदी का संकेत देता है। हालांकि, यह 30 के ओवरसोल्ड स्तर से काफी ऊपर है, जिससे तत्काल भारी बिकवाली का खतरा टला हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि 1.15 का स्तर तकनीकी रूप से बेहद निर्णायक है। अगर यूरो इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो जुलाई के बाद से बनी रिकवरी की संरचना टूट जाएगी। ऊपर की तरफ प्रतिरोध 1.16 से ऊपर बना हुआ है, जहां 1.1633 पर 200 दिनों का मूविंग एवरेज स्थित है। बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार EUR/USD की कीमत 1.15 पर चल रही है, जबकि इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है। दैनिक तकनीकी संकेतकों में 14 दिन का आरएसआई 37 पर है और ईएमए 50 तथा ईएमए 200 के बीच मंदी का क्रॉस बना हुआ है।
बॉन्ड यील्ड और एशियाई मुद्राओं की चाल
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल यानी यील्ड कई वर्षों के उच्च स्तर के पास बनी हुई है। तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़े दांवों ने अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूत बनाए रखा है। मजबूत डॉलर के दबाव के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD एशियाई कारोबारी सत्र में 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा। यह स्तर पिछले दिन छुए गए तीन हफ्तों से अधिक के निचले स्तर के काफी करीब है। इसके अलावा अगस्त महीने के लिए चीन के मिले-जुले कारोबारी और आर्थिक गतिविधियों के आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा देने में नाकाम रहे।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन यानी USD/JPY जोड़ी मंगलवार को लगातार बढ़त के साथ 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई। फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की होने वाली नीतिगत बैठकों के मद्देनजर कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिकी यील्ड डॉलर को ऊंचाई पर बनाए हुए है, लेकिन बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य करने और सख्त रुख अपनाने की संभावना जापानी येन को भी आंतरिक सहारा दे सकती है, जिससे USD/JPY की तेजी पर कुछ हद तक रोक लग सकती है।
सोने में सुस्ती और क्रिप्टो बाजार पर दबाव
डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में अनिश्चितता का असर कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों पर भी साफ दिखा। सोने की कीमतों में सोमवार की कमजोरी मंगलवार को भी जारी रही और पीली धातु 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में लौट आई। फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बनी सतर्कता ने निवेशकों को सोने में नई खरीदारी करने से रोके रखा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी मंगलवार को बिकवाली का दबाव देखा गया। प्रमुख वैकल्पिक डिजिटल टोकनों में रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) लाल निशान में कारोबार करते दिखे और इनमें करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी संसद में क्लैरिटी एक्ट (CLARITY Act) पर होने वाले अहम मतदान से पहले बने विनियामक दबाव ने इन डिजिटल संपत्तियों पर प्रतिकूल असर डाला है।



















