अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की विनिमय दर में हालिया कारोबारी सत्र के दौरान हल्का सुधार देखने को मिला है, जिससे डॉलर निचले स्तरों से उबरकर 0.8265 पर बंद हुआ। हालांकि इस मामूली बढ़त के बावजूद दीर्घकालिक परिदृश्य स्विस फ्रैंक की मजबूती और डॉलर में दोबारा गिरावट की ओर इशारा कर रहा है। वित्तीय विश्लेषकों के आकलन के अनुसार जब तक यह जोड़ी 0.8300 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बनी रहती है, तब तक अमेरिकी डॉलर के नीचे 0.8200 के स्तर तक फिसलने का जोखिम बरकरार रहेगा।
स्विस फ्रैंक और अमेरिकी डॉलर का तकनीकी दायरा
दैनिक कारोबार की गतिविधियों पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर 0.8228 से 0.8270 के सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दर्ज करने के बाद अंततः 0.8265 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के मुकाबले 0.32% की मजबूती दर्शाता है। इस दौरान गति में आए हल्के बदलाव से संकेत मिलता है कि डॉलर तात्कालिक रूप से 0.8240 से 0.8285 के दायरे में हल्की बढ़त हासिल करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि यह सुधार केवल एक सीमित दायरे तक ही सीमित रहने की संभावना है और किसी बड़े उलटफेर के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।
मध्यम अवधि यानी अगले एक से तीन सप्ताह के दृष्टिकोण की बात करें तो डॉलर पर दबाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। पिछले शुक्रवार यानी 16 अक्टूबर को जब हाजिर भाव 0.8280 पर था, तब यह संकेत मिला था कि गिरावट की रफ्तार बढ़ रही है और 0.8245 से नीचे बंद होने पर यह 0.8225 की तरफ गिर सकता है। इसके बाद डॉलर लुढ़ककर 0.8215 के निचले स्तर तक चला गया था। 19 अक्टूबर को हाजिर भाव 0.8240 पर आने के बाद यह स्पष्ट किया गया कि डॉलर में 0.8200 तक और कमजोरी आ सकती है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के क्वेक सेर लेंग का मानना है कि जब तक डॉलर 0.8300 के मजबूत प्रतिरोध स्तर को पार नहीं करता, तब तक नीचे की तरफ गिरावट की यह संभावना बरकरार रहेगी।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सुधार और येन की चाल
एशियाई कारोबारी घंटों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती देखी गई और यह 0.7000 के अहम स्तर की ओर अग्रसर हुआ। बाजार में निवेशकों के बेहतर होते मूड और अमेरिकी डॉलर के सुधार पर लगे ब्रेक ने इस मुद्रा को गति देने में मदद की है। हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीकी कंपनियों के आगामी आय नतीजों को लेकर बनी सतर्कता इस तेजी को सीमित कर सकती है।
दूसरी ओर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.50 के आसपास स्थिर बना हुआ है। जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े शुक्रवार को जारी होने वाले हैं, जिसकी वजह से निवेशक किसी बड़े दांव से बचते हुए किनारे बैठे हैं। इसी बीच अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड्स के ऊंचे स्तरों ने जापानी येन के मुकाबले डॉलर को नीचे गिरने से रोकने में कुछ सहारा प्रदान किया है।
सोने के भाव पर दबाव और बॉन्ड यील्ड्स का असर
कीमती धातुओं के बाजार में मंगलवार को यूरोपीय कारोबार की शुरुआत में सोने के दाम गिरकर लगभग $4,120 प्रति औंस के करीब आ गए। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में आई तेजी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 0.35% की नरमी के साथ यह 5.13% के आसपास दर्ज की गई है। आने वाले समय में अमेरिकी हाइपरस्केलर्स के तीसरी तिमाही (Q3) के वित्तीय नतीजे आने वाले हैं, जिससे बॉन्ड यील्ड्स और डॉलर की दिशा तय होने की उम्मीद है।
क्रिप्टो बाजार में NEAR प्रोटोकॉल की स्थिति
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में NEAR प्रोटोकॉल के मूल्य में मंगलवार को लगभग 2% की गिरावट आई, जो पिछले दिन की 2% की कमजोरी के क्रम को आगे बढ़ा रही है। हालांकि कीमतों में इस नरमी के बावजूद संस्थागत निवेशकों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। बिटवाइज़ के NEAR-केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में सोमवार को $5 मिलियन से अधिक का नया निवेश दर्ज किया गया, जो बड़े फंड प्रबंधकों के दीर्घकालिक भरोसे को रेखांकित करता है।



















