वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की विनिमय दर में एक बार फिर जोरदार हलचल देखने को मिल रही है। हालिया गिरावट के दौर से उबरते हुए करेंसी पेयर ने अपनी तेजी की लय को वापस पा लिया है। 16 सितंबर को 0.8263 के वार्षिक उच्च स्तर को छूने के बाद जब रेट गिरकर 0.8200 के नीचे आ गया था, तब ऐसा लगा था कि मंदी हावी हो सकती है। हालांकि, खरीदारों ने निचले स्तरों से जोरदार वापसी की और करेंसी पेयर 0.52% की छलांग लगाकर 0.8244 के आसपास कारोबार करने लगा। लाइव बाजार आंकड़ों में विनिमय दर 0.8249 के स्तर पर दर्ज की गई, जो पिछले 0.8208 के बंद स्तर से 0.49% की बढ़त को दर्शाता है। 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 0.7629 से 0.8262 के बीच रहा है, जिससे साफ पता चलता है कि मौजूदा स्तर दीर्घकालिक तेजी के चरम के बेहद करीब हैं।
तकनीकी संकेतकों से मिल रहे हैं मजबूती के स्पष्ट संकेत
चार्ट संरचना का बारीकी से अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि बाजार में लगातार ऊंचे शिखर और ऊंचे निचले स्तर (हायर हाई और हायर लो) का सिलसिला बरकरार है। यह ढांचा किसी भी मजबूत अपट्रेंड का मुख्य आधार माना जाता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) फिर से ऊपर की ओर मुड़ गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि तेजी का रुझान दोबारा सक्रिय हो चुका है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में 14 दिवसीय आरएसआई 66 पर पहुंच चुका है, जो बिना किसी ओवरबॉट दबाव के मजबूत बुलिश मोमेंटम को प्रदर्शित करता है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) भी सकारात्मक गति बनाए हुए है।
लंबी अवधि के ट्रेंड को सहारा देने वाले अन्य संकेतकों में मूविंग एवरेज का योगदान भी बेहद अहम है। 20 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.8165 पर और 50 दिवसीय ईएमए 0.8115 पर बना हुआ है, जबकि 200 दिवसीय ईएमए 0.8004 पर स्थित है। 50 दिवसीय ईएमए का 200 दिवसीय ईएमए से ऊपर बना रहना गोल्डन क्रॉस की मौजूदगी को प्रमाणित करता है, जो दीर्घकालिक मजबूती का तकनीकी संकेत है। साधारण मूविंग एवरेज (SMA) के मोर्चे पर 50 दिवसीय एसएमए 0.8117 और 200 दिवसीय एसएमए 0.7945 पर है। 20 दिवसीय बॉलिंजर बैंड्स 0.8017 से 0.8279 के दायरे में फैले हैं, जिनका मध्य स्तर 0.8148 है। मौजूदा भाव ऊपरी बैंड के भीतर स्थिर बना हुआ है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 93 और सिग्नल लाइन 80 पर चल रही है, जबकि 14 दिवसीय औसत ट्रू रेंज (ATR) 0.01 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव के लिए सुरक्षित स्टॉप-लॉस बफर तय करने में मददगार साबित हो सकता है।
अपसाइड और डाउनसाइड के अहम तकनीकी स्तर
यदि यह करेंसी पेयर अपने पिछले उच्च स्तर 0.8263 को निर्णायक रूप से पार करने में सफल रहता है, तो सबसे पहले 0.8300 का मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर सामने आएगा। दैनिक धुरी स्तर (पिवट) 0.8235 पर है, जिसके ऊपर पहला प्रतिरोध R1 0.8274 और दूसरा प्रतिरोध R2 0.8300 पर आंका गया है। यदि 0.8300 के ऊपर ब्रेकआउट होता है, तो अगला बड़ा लक्ष्य 29 मई 2025 का उच्च स्तर 0.8347 होगा। इस बाधा को पार करने के बाद कीमतें 0.8400 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े की ओर बढ़ सकती हैं। उसके बाद अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 12 मई 2025 का स्तर 0.8476 होगा।
दूसरी ओर, यदि किसी विपरीत दबाव के कारण विनिमय दर में कमजोरी आती है और यह 0.8200 के नीचे खिसकती है, तो 22 सितंबर का निचला स्तर 0.8183 तुरंत परीक्षण के दायरे में आ सकता है। दैनिक सपोर्ट स्तरों पर नजर डालें तो पहला सहारा S1 0.8209 पर और दूसरा सहारा S2 0.8169 पर स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव और बढ़ता है, तो 20 दिवसीय समर्थन 0.8032 के अलावा 0.8150 और 0.8100 के मनोवैज्ञानिक स्तर मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेंगे।
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य मुद्राओं का प्रदर्शन
वैश्विक मुद्रा बाजार के व्यापक परिदृश्य पर नजर डालें तो स्विस फ्रैंक का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक आज सबसे मजबूत स्थिति में देखा गया। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ताजा बिकवाली के दबाव में आ गया और 0.7100 के स्तर का परीक्षण करने लगा। ऑस्ट्रेलिया के ताजा परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों से पता चला कि विनिर्माण क्षेत्र संकुचन में चला गया है, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने सुस्त विस्तार दर्ज हुआ है। इसके अलावा गुरुवार को होने वाली ट्रंप और शी की महत्वपूर्ण शिखर वार्ता से पहले डॉलर इंडेक्स की मजबूती ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए अड़चन बन गई है। वहीं दूसरी ओर, बाजार अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं को नजरअंदाज कर आगे बढ़ रहे हैं।
जापानी येन के मोर्चे पर भी डॉलर का दबदबा बना हुआ है। बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई विनिमय दर 157.00 के मध्य स्तर पर मंडराती रही, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने का फैसला किया। यह निर्णय 7 के मुकाबले 2 मतों से लिया गया, जो काफी हद तक बाजार की पुरानी उम्मीदों के अनुरूप था। हालांकि बैंक ऑफ जापान के इस कदम के बावजूद मौद्रिक रुख की नरमी के चलते येन पर दबाव बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक और सख्त रुख के कारण डॉलर मजबूत है, जिससे जोड़ी को सहारा मिल रहा है, हालांकि जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित करेंसी हस्तक्षेप का डर अतिरिक्त तेजी को सीमित कर रहा है।
सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती का सीधा असर
अमेरिकी डॉलर में आई तेज रिकवरी और अमेरिकी मुद्रा बाजार में बने सकारात्मक माहौल ने कमोडिटी बाजार पर भी असर डाला है। लगातार दो सत्रों की तेजी को पीछे छोड़ते हुए सोने की कीमतों में सप्ताह के मध्य में भारी गिरावट देखी गई। कीमती धातु 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसलकर अपने साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर जब भी डॉलर में तेजी आती है, बुलियन और बॉन्ड यील्ड्स पर उसका दबाव साफ तौर पर दिखाई देता है, जिसका असर मुद्रा जोड़ियों के तकनीकी व्यवहार पर भी पड़ता है।



















