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अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी उछाल, स्विस फ्रैंक पड़ा कमजोरबाज़ार
23 जुल॰ 2026, 3:14 pm (2 घंटे पहले)· 0

अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी उछाल, स्विस फ्रैंक पड़ा कमजोर

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध की धमकियों के कारण वैश्विक बाजारों में भारी घबराहट देखी जा रही है। निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर भाग रहे हैं, जिसके कारण डॉलर ने लगातार चौथे दिन शानदार बढ़त हासिल करते हुए स्विस फ्रैंक को भी पीछे छोड़ दिया है।

USD/CHFSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण23 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

USD/CHF अभी 0.81 पर है, जबकि EMA20 0.81, EMA50 0.80 और EMA200 0.80 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 (0.81) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान गुरुवार को USD/CHF पेयर ने लगातार चौथे दिन अपनी शानदार बढ़त को कायम रखा और यह 0.8150 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास पहुंच गया। लाइव बाजार डेटा की बात करें तो, यह पेयर वर्तमान में 0.8148 पर कारोबार कर रहा है, जो 0.8124 के पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.29% की मजबूत उछाल को दर्शाता है। बाजार में इस भारी उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत के पीछे का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच तेजी से बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। जैसे-जैसे मध्य पूर्व में युद्ध के बादल घने हो रहे हैं, वैश्विक निवेशक घबराकर जोखिम वाले निवेशों से पैसा निकाल रहे हैं और सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर भाग रहे हैं। हालांकि स्विस फ्रैंक भी पारंपरिक रूप से एक बेहद सुरक्षित मुद्रा मानी जाती है, लेकिन वर्तमान संकट की गंभीरता ने डॉलर की मांग को इतना बढ़ा दिया है कि इसने अपने शुरुआती नुकसान की पूरी तरह से भरपाई कर ली है और मुद्रा बाजार पर अपना दबदबा कायम कर लिया है।

भू-राजनीतिक तनाव और सैन्य धमकियों का बढ़ता दौर

बाजार में इस बड़े बदलाव की पृष्ठभूमि मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात हैं। क्षेत्रीय तनाव तब अचानक बहुत अधिक बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर सीधे सैन्य हमले करने की कड़ी चेतावनी दी। अमेरिकी नेतृत्व का यह बेहद आक्रामक रुख होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों के सीधे जवाब के रूप में सामने आया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इस अमेरिकी धमकी के जवाब में, तेहरान के अधिकारियों ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका से जुड़ी ऊर्जा संपत्तियों पर जवाबी हमले करने की धमकी दे दी। इन दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ती इस बयानबाजी ने एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका को जन्म दिया है, जो वैश्विक व्यापार को बुरी तरह से बाधित कर सकता है।

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इस पहले से ही बेहद संवेदनशील भू-राजनीतिक आग में घी डालने का काम हूती विद्रोहियों ने किया है, जिन्हें व्यापक रूप से ईरान का समर्थन प्राप्त है। हूती लड़ाकों ने लाल सागर में यात्रा कर रहे दो बड़े सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइलों और ड्रोनों से सीधे हमले किए हैं। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में ऊर्जा परिवहन जहाजों पर हुए ये अपनी तरह के पहले सीधे हमले संघर्ष में एक बहुत बड़े और खतरनाक विस्तार का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन हमलों ने सऊदी अरब के कच्चे तेल के लिए इस्तेमाल होने वाले एक प्रमुख वैकल्पिक निर्यात मार्ग को गंभीर खतरे में डाल दिया है और विश्लेषकों का मानना है कि इससे चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष में एक बेहद खतरनाक नया मोर्चा खुल गया है, जिससे ऊर्जा बाजार और अधिक अस्थिर हो गए हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने बेहद सख्त बयानों के जरिए इस उभरते हुए संकट की गंभीरता को और अधिक स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने एक कड़ी और स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जब तक ईरान का नेतृत्व राजनयिक बातचीत के लिए सहमत नहीं होता, तब तक उस पर अमेरिकी सैन्य हमले काफी तेज हो सकते हैं। ईरान के लगातार इनकार के गंभीर परिणामों पर जोर देते हुए रुबियो ने सख्त लहजे में कहा कि "हर रात कीमत और अधिक चुकानी होगी" जब तक कि वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मांगों के आगे झुक नहीं जाते। इसके अलावा, रुबियो ने हूती विद्रोहियों से भी अपने समुद्री हमलों को तत्काल प्रभाव से रोकने का कड़ा आग्रह किया। इसी बीच, एशिया के महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार ने हांगकांग को लेकर अपने कड़े रुख में कोई ढील नहीं दी है और उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्ति अभी भी सख्त अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन बने हुए हैं।

लाइव तकनीकी विश्लेषण: USD/CHF की चाल

तकनीकी नजरिए से देखा जाए तो, USD/CHF करेंसी पेयर बेहद मजबूत तेजी (बुलिश) के संकेत दे रहा है और यह 0.7629 से 0.8157 की अपनी 52-सप्ताह की रेंज के बिल्कुल ऊपरी छोर के करीब काम कर रहा है। लाइव बाजार डेटा विश्लेषण के अनुसार, 14-दिन की अवधि का RSI वर्तमान में 63 के स्तर पर है। यह एक बहुत ही मजबूत ऊपर की ओर जाने वाले मोमेंटम (गति) को दर्शाता है, और महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अभी तक ओवरबॉट (अत्यधिक खरीद) क्षेत्र को पार नहीं कर पाया है, जिसका अर्थ है कि इसमें अभी और ऊपर जाने की गुंजाइश बाकी है। हालांकि MACD सूचक वर्तमान में अपनी सिग्नल लाइन के मुकाबले 0.00 पर पूरी तरह से सपाट है, और इसका हिस्टोग्राम भी -0.00 पर है जो मामूली मंदी का संकेत देता है, लेकिन मूविंग एवरेजेज का शानदार प्रदर्शन इस छोटी सी कमजोरी को पूरी तरह से ढक देता है।

इस पेयर का दीर्घकालिक रुझान मजबूती से खरीदारों (बुल्स) के पक्ष में है, जिसकी पुष्टि चार्ट पर बन रहे बेहद अहम गोल्डन क्रॉस पैटर्न से होती है। यह तब बनता है जब 50-दिवसीय EMA, जो अभी 0.8015 पर है, लंबी अवधि के 200-दिवसीय EMA (0.7955) को नीचे से ऊपर की ओर काटता है। इसके अतिरिक्त, हाजिर कीमत भी छोटी अवधि के 20-दिवसीय EMA (0.8080) और 50-दिवसीय SMA (0.7993) दोनों के ऊपर बहुत ही आराम से टिकी हुई है। बाजार की अस्थिरता को मापने वाले बोलिंगर बैंड्स (20,2) से पता चलता है कि अस्थिरता काफी बढ़ गई है, क्योंकि कीमत 0.8146 के अपने ऊपरी बैंड को पार करने की कोशिश कर रही है, जबकि इसका मध्य बैंड 0.8087 पर स्थित है।

ट्रेंड की ताकत की और अधिक पुष्टि ADX (14) से होती है, जो 30 के स्तर पर है, यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि बाजार एक मजबूत दिशात्मक ट्रेंड में है और एक दायरे में फंसा हुआ नहीं है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में भी आक्रामक खरीदारी का दबाव दिखाई दे रहा है, जहां इसकी फास्ट लाइन 93 के बेहद ऊंचे स्तर पर है, जो 80 की अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर है। जो ट्रेडर जोखिम का प्रबंधन कर रहे हैं, उनके लिए ATR (14) 0.01 पर है, जो दैनिक अस्थिरता को दर्शाता है और यह स्टॉप-लॉस बफर तय करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मीट्रिक है। इस पेयर का मुख्य दैनिक पिवट पॉइंट 0.8145 पर स्थित है। अगर यह शानदार तेजी जारी रहती है, तो पेयर को R1 (0.8159) और R2 (0.8171) पर कड़े रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) का सामना करना पड़ेगा। इसके विपरीत, यदि बाजार में कुछ मुनाफावसूली या गिरावट आती है, तो महत्वपूर्ण सपोर्ट S1 (0.8133) और S2 (0.8118) पर मौजूद हैं, जबकि 20-दिन का एक और बहुत मजबूत सपोर्ट स्तर 0.8009 के आसपास स्थित है।

स्विस फ्रैंक की सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) वाली शानदार छवि

USD/CHF के मौजूदा समीकरण को पूरी तरह से समझने के लिए, स्विस फ्रैंक की मूल प्रकृति को समझना बेहद आवश्यक है। स्विट्जरलैंड की आधिकारिक मुद्रा के रूप में, CHF वैश्विक मंच पर सबसे अधिक व्यापार की जाने वाली शीर्ष दस मुद्राओं में बहुत सम्मानजनक स्थान रखती है। इसका दैनिक व्यापार वॉल्यूम इतना विशाल है कि यह घरेलू स्विस अर्थव्यवस्था के वास्तविक आकार से कहीं अधिक है। ऐतिहासिक रूप से, पूरी दुनिया में स्विस फ्रैंक को एक प्रमुख और भरोसेमंद सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) संपत्ति के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह वह मुद्रा है जिसे वैश्विक निवेशक भारी बाजार तनाव, भू-राजनीतिक अस्थिरता या आर्थिक अनिश्चितता के समय सबसे ज्यादा खरीदना पसंद करते हैं।

इस मुद्रा की यह स्थायी और मजबूत प्रतिष्ठा स्विस राष्ट्रीय पहचान के कई मूलभूत स्तंभों पर बनी है। स्विट्जरलैंड एक असाधारण रूप से स्थिर और अत्यधिक विकसित अर्थव्यवस्था का दावा करता है, जिसकी पहचान इसका मजबूत और उच्च मूल्य वाला निर्यात क्षेत्र है, जिसमें फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी और लक्जरी सामान शामिल हैं। इसके अलावा, इस देश के पास बहुत बड़ा केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार है, जो बाहरी आर्थिक झटकों के खिलाफ एक बहुत ही मजबूत वित्तीय ढाल प्रदान करता है। शायद सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैश्विक सैन्य और कूटनीतिक संघर्षों में तटस्थता (किसी का भी पक्ष न लेने) की स्विट्जरलैंड की सदियों पुरानी राजनीतिक प्रतिबद्धता इसकी मुद्रा को जोखिम से भागने वाली पूंजी के लिए एक अविश्वसनीय रूप से आकर्षक अभयारण्य बनाती है। सामान्य उथल-पुथल वाले समय में, ये कारक निश्चित रूप से CHF को जोखिम भरी मुद्राओं के खिलाफ मजबूत करते हैं; हालाँकि, वर्तमान समय में अमेरिकी डॉलर की लिक्विडिटी के लिए भारी मांग ने स्विस फ्रैंक की इस पारंपरिक सेफ हेवन अपील को अस्थायी रूप से थोड़ा फीका कर दिया है।

मौद्रिक नीति और स्विस नेशनल बैंक (SNB) की अहम भूमिका

स्विस फ्रैंक का मूल्य स्विस नेशनल बैंक (SNB) के कार्यों और नीतियों से काफी अधिक प्रभावित होता है। कई प्रमुख केंद्रीय बैंकों के विपरीत, जो हर महीने या साल में आठ बार बैठक करते हैं, SNB अपने महत्वपूर्ण मौद्रिक नीति आकलन वर्ष में केवल चार बार आयोजित करता है, यानी हर तिमाही में सिर्फ एक बैठक। इस केंद्रीय बैंक का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण कार्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसे उसने 2% से कम की वार्षिक मुद्रास्फीति (महंगाई) दर के रूप में परिभाषित किया है। जब महंगाई का दबाव इस लक्ष्य को तोड़ने का खतरा पैदा करता है, या निकट भविष्य में ऐसा होने का अनुमान होता है, तो SNB आमतौर पर अर्थव्यवस्था को ठंडा करने और कीमतों की वृद्धि को काबू में करने के लिए अपनी नीतिगत ब्याज दर बढ़ाकर इसका जवाब देता है।

मुद्रा बाजारों में ब्याज दरों की गतिशीलता एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आम तौर पर, घरेलू ब्याज दरों के ऊंचे होने से स्विस फ्रैंक पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब दरें बढ़ती हैं, तो इससे स्विस वित्तीय साधनों पर अधिक यील्ड (प्रतिफल) मिलता है, जिससे यह देश अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक बहुत अधिक आकर्षक गंतव्य बन जाता है जो ऊंचे मुनाफे की तलाश में रहते हैं। हाल ही में इस गतिशीलता को स्पष्ट रूप से देखा गया जब स्विस 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड (प्रतिफल) लगभग दो महीने के उच्चतम स्तर 0.49% के करीब पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड में इस उल्लेखनीय वृद्धि का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा लागत का तेजी से बढ़ना था, जिसने व्यापक मुद्रास्फीति की आशंकाओं को फिर से जगा दिया है और बाजारों को सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीद करने के लिए प्रेरित किया है। इसके विपरीत, यदि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम रखता है, तो मुद्रा के यील्ड का लाभ खत्म हो जाता है, जिससे आम तौर पर CHF कमजोर होता है।

ऐतिहासिक पेग और यूरोज़ोन से इसका गहरा नाता

स्विट्जरलैंड के व्यापक आर्थिक स्वास्थ्य—और इसके विस्तार से, इसकी मुद्रा की ताकत—का विश्लेषण कभी भी यूरोज़ोन से अलग-थलग रखकर नहीं किया जा सकता है। यूरोप के बिल्कुल बीचोबीच स्थित एक छोटी और अत्यधिक खुली अर्थव्यवस्था के रूप में कार्य करते हुए, स्विट्जरलैंड पड़ोसी यूरोज़ोन की आर्थिक जीवन शक्ति पर मौलिक रूप से निर्भर है। व्यापक यूरोपीय संघ स्विट्जरलैंड का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार और एक बेहद अहम राजनीतिक सहयोगी है। नतीजतन, यूरोज़ोन के भीतर मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता और पूर्वानुमानित मौद्रिक नीति स्विस आर्थिक सफलता के लिए बिल्कुल आवश्यक शर्तें हैं, और इसी कारण यह स्विस फ्रैंक के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

इस गहरी संरचनात्मक और आर्थिक निर्भरता के कारण, उन्नत आर्थिक मॉडल लगातार यह सुझाव देते हैं कि यूरो (EUR) और स्विस फ्रैंक (CHF) के भाग्य के बीच का संबंध असाधारण रूप से उच्च बना हुआ है, जो अक्सर 90% से भी अधिक या लगभग पूर्ण सहसंबंध (कोरिलेशन) के करीब होता है। इस घनिष्ठ संबंध की परिणति ऐतिहासिक रूप से बाजार में सीधे हस्तक्षेप के रूप में हुई थी। 2011 और 2015 के बीच, SNB ने एक सख्त मुद्रा पेग लागू किया था, जिसके तहत स्विस निर्यातकों को एक अत्यधिक मजबूत घरेलू मुद्रा के नुकसान से बचाने के लिए यूरो के मुकाबले फ्रैंक के मूल्य को जबरन एक सीमा पर रोक दिया गया था। 2015 की शुरुआत में इस पेग (Peg) के अचानक और अप्रत्याशित रूप से हटाए जाने ने पूरे वित्तीय जगत में भारी झटके भेजे थे, जिसके परिणामस्वरूप एक ही दिन में फ्रैंक के मूल्य में 20% से अधिक की अचानक और हिंसक वृद्धि हुई थी, जिससे बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई थी। यद्यपि अब यह औपचारिक पेग अस्तित्व में नहीं है, लेकिन दोनों के बीच अंतर्निहित आर्थिक संबंध यह सुनिश्चित करते हैं कि CHF का मूल्यांकन यूरोपीय घटनाक्रमों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है।

स्विस अर्थव्यवस्था और मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा का अत्यधिक महत्व

केंद्रीय बैंक के कड़े पैंतरेबाज़ी और वैश्विक घबराहट से परे, स्विट्जरलैंड से जारी होने वाले घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा भी अर्थव्यवस्था की मूलभूत स्थिति का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण बैरोमीटर के रूप में कार्य करते हैं। संस्थागत मुद्रा व्यापारियों द्वारा इन मूलभूत संकेतकों की बहुत बारीकी से निगरानी की जाती है, क्योंकि उनमें स्विस फ्रैंक के महत्वपूर्ण पुनर्मूल्यांकन को तुरंत ट्रिगर करने की क्षमता होती है। हालांकि स्विस अर्थव्यवस्था अपनी व्यापक और स्थायी स्थिरता के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है, लेकिन यह चक्रीय उतार-चढ़ाव से पूरी तरह से अछूती नहीं है। जीडीपी (GDP) विकास दर, उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति, चालू खाता संतुलन, या केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार के विशाल आकार जैसे मुख्य मेट्रिक्स में कोई भी अचानक और अप्रत्याशित बदलाव CHF विनिमय दरों में तेज और तत्काल चाल को उत्प्रेरित कर सकता है।

एक सामान्य आर्थिक माहौल में, मुद्रा की ताकत को बनाए रखने के लिए एक मजबूत मूलभूत पृष्ठभूमि की बहुत आवश्यकता होती है। आम तौर पर, लगातार उच्च आर्थिक विकास, बेरोजगारी की कम दर और उपभोक्ताओं व व्यवसायों के उच्च विश्वास का स्तर स्विस फ्रैंक के लिए एक बेहद सकारात्मक वातावरण बनाता है। ये कारक एक ऐसी फलती-फूलती अर्थव्यवस्था का संकेत देते हैं जो वैश्विक झटकों का सामना करने और उच्च यील्ड का समर्थन करने में सक्षम है। इसके विपरीत, यदि हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक डेटा घरेलू आर्थिक गति में स्पष्ट कमजोरी की ओर इशारा करना शुरू कर देता है—चाहे वह सुस्त खुदरा बिक्री के माध्यम से हो, गिरते औद्योगिक उत्पादन के माध्यम से हो, या बढ़ती बेरोजगारी के माध्यम से हो—तो स्विस फ्रैंक के मूल्यह्रास (Depreciate) होने की अत्यधिक संभावना होती है क्योंकि भविष्योन्मुखी निवेशक भविष्य के विकास और मुनाफे की अपनी उम्मीदों को उसी अनुसार समायोजित करते हैं।

वैश्विक मुद्रा बाजार और कमोडिटीज का मौजूदा हाल

मध्य पूर्व के गंभीर संकट और मौद्रिक उम्मीदों में हो रहे बदलाव का असर व्यापक वित्तीय स्पेक्ट्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान, GBP/USD पेयर की हालिया रिकवरी रुक गई, यह अपनी ऊपर की गति को बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा और 1.3400 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे ही सीमित रहा। ब्रिटिश पाउंड का यह संघर्ष अमेरिकी डॉलर में आए मामूली उछाल और ब्रिटेन के हाल ही में जारी मुद्रास्फीति डेटा के कारण और भी बदतर हो गया, जो बाजार की उम्मीदों की तुलना में काफी ठंडा था। इसके चलते बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आक्रामक दर वृद्धि की संभावना काफी कम हो गई है।

इस बीच, गुरुवार के यूरोपीय सत्र में EUR/USD पेयर लगातार दूसरे दिन अपनी मजबूत गति को बनाए रखने में कामयाब रहा, और यह 1.1400 के स्तर से ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है। यूरो को निचले स्तरों पर अच्छा समर्थन मिल रहा है क्योंकि व्यापारी यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के बहुप्रतीक्षित ब्याज दर निर्णय से पहले अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। बाजार के सभी प्रतिभागी ईसीबी के संचार और बयानों की बहुत बारीकी से जांच करेंगे ताकि आने वाले महीनों में आगे की दर वृद्धि के संबंध में कोई भी सख्त (हॉकिश) संकेत प्राप्त किया जा सके।

कमोडिटी सेक्टर में, पारंपरिक सेफ हेवन संपत्तियों और ऊर्जा बाजारों के भाग्य में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। गुरुवार के यूरोपीय सत्र के दौरान सोने की कीमतों में बढ़ोतरी रुक गई और यह 4,100 डॉलर के विशाल मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब थोड़ा पीछे हट गया। इस बिना यील्ड वाले बहुमूल्य धातु (बुलियन) को अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कड़े दांवों के कारण भारी नकारात्मक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसके ठीक विपरीत, ऊर्जा बाजार बहुत गर्म हैं। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के निशान की ओर बढ़ते हुए, छह सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। तेल की कीमतों में यह आक्रामक तेजी सीधे तौर पर बढ़ते अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक घर्षण का परिणाम है, जिसने आपूर्ति में गंभीर व्यवधान की आशंकाओं को बहुत अधिक बढ़ा दिया है और विश्व स्तर पर मुद्रास्फीति की चिंताओं को और हवा दी है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार और ब्लॉकचेन का बढ़ता प्रभाव

मौजूदा मैक्रोइकॉनॉमिक उथल-पुथल के बीच डिजिटल एसेट इकोसिस्टम (क्रिप्टो बाजार) भी संरचनात्मक विकास के बहुत स्पष्ट संकेत दिखा रहा है। बिटवाइज़ (Bitwise) के मुख्य निवेश अधिकारी मैट होगन ने सुझाव दिया है कि अगले बड़े क्रिप्टोकरेंसी बुल मार्केट का मूलभूत चालक ब्लॉकचेन-आधारित वित्तीय बुनियादी ढांचे और पारंपरिक वित्त प्रणालियों (TradFi) के बीच तेजी से बढ़ता हुआ कन्वर्जेंस (मिलन) होने की संभावना है। मंगलवार देर रात प्रकाशित अपनी एक बेहद विस्तृत बाजार रिपोर्ट में, होगन ने एक सम्मोहक तर्क प्रस्तुत किया कि क्रिप्टो सेक्टर बाजार में अपना निचला स्तर (बॉटम) स्थापित करने के शुरुआती लेकिन निश्चित संकेत दिखा रहा है।

पारंपरिक तकनीकी शेयरों से संभावित रूप से अलग होने की इस प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए, होगन ने यह रेखांकित किया कि 1 जुलाई के बाद से बिटकॉइन (BTC) ने 9% की शानदार बढ़त हासिल की है। बिटकॉइन का यह लचीला प्रदर्शन पारंपरिक रूप से तकनीक-प्रधान नैस्डैक 100 इंडेक्स के बिल्कुल विपरीत है, जिसे इसी समान अवधि के दौरान 6% की भारी गिरावट का सामना करना पड़ा है। ऑल्टकॉइन स्पेस में, व्यापारिक गतिविधि अभी भी अत्यधिक तकनीकी और बेहद सतर्क बनी हुई है। रिपल (XRP) वर्तमान में ठीक अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस का परीक्षण कर रहा है। इसी समय, स्टेलर (XLM) अपने लंबे समेकन (कंसोलिडेशन) के चरण को जारी रखे हुए है, और यह 0.187 डॉलर के महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र के आसपास मंडरा रहा है। मिश्रित डेरिवेटिव्स (Derivatives) डेटा के विश्लेषण से पूरे बोर्ड में थोड़ा मंदी का झुकाव पता चलता है, जो स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि खुदरा और संस्थागत व्यापारी समान रूप से बहुत सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिससे बाजार की अगली बड़ी दिशात्मक चाल अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर स्विस फ्रैंक के मुकाबले क्यों मजबूत हो रहा है?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में घबराहट है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ईरान संकट पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या चेतावनी दी है?
मार्को रुबियो ने सख्त चेतावनी दी है कि बिना बातचीत के ईरान पर सैन्य हमले और तेज हो सकते हैं, यह कहते हुए कि "हर रात कीमत और अधिक चुकानी होगी"।
कच्चे तेल की कीमतों पर मध्य पूर्व के तनाव का क्या असर हुआ है?
लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हूती विद्रोहियों के सीधे हमले और बुनियादी ढांचे पर खतरों के कारण अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए विशेषज्ञों की क्या राय है?
बिटवाइज़ के अधिकारी मैट होगन का मानना है कि ब्लॉकचेन और पारंपरिक वित्त के मिलने से अगला बुल मार्केट आ सकता है, क्योंकि बिटकॉइन ने 1 जुलाई से 9% की मजबूत बढ़त दर्ज की है।
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