अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां संयुक्त राज्य अमेरिका में थोक मूल्य सूचकांक के कड़े आंकड़ों के सामने आने के बावजूद जापानी मुद्रा ने अपनी मजबूती बरकरार रखी। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट और टोक्यो में मौद्रिक अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप की बढ़ती आशंकाओं ने डॉलर के मुकाबले जापानी येन को मजबूत सहारा प्रदान किया। हालांकि, उत्पादक मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों ने ग्रीनबैक को दिन के निचले स्तरों से उबरने में कुछ मदद जरूर पहुंचाई, लेकिन समग्र बाजार रुझान येन के पक्ष में झुका नजर आया।
थोक महंगाई के आंकड़ों ने चौंकाया
श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी ताजा आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में उत्पादक मूल्य सूचकांक सितंबर महीने में सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत बढ़ गया। यह आंकड़ा विश्लेषकों के 5.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान से कहीं अधिक रहा, जबकि अगस्त में यह 5.6 प्रतिशत दर्ज किया गया था। मासिक तुलना में थोक कीमतों में 1.3 प्रतिशत का भारी इजाफा देखा गया, जिसने 0.5 प्रतिशत की आम सहमति को पीछे छोड़ दिया।
खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर श्रेणियों को अलग करके आंके जाने वाले कोर उत्पादक मूल्य सूचकांक में भी तीव्र बढ़त दर्ज की गई। कोर पीपीआई मासिक पैमाने पर 0.7 प्रतिशत और सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की दर से बढ़ा। इस अप्रत्याशित उछाल ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में लागत का दबाव अभी थमा नहीं है। इन आंकड़ों के चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं के लिए आगामी मौद्रिक बैठकों में ब्याज दरों पर निर्णय लेना और अधिक जटिल हो सकता है, क्योंकि निरंतर ऊंची महंगाई केंद्रीय बैंक को लंबे समय तक सख्त रुख अपनाने के लिए बाध्य कर सकती है।
डॉलर सूचकांक और श्रम बाजार की स्थिति
मुद्रास्फीति रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) में कुछ सुधार देखा गया। सत्र के शुरुआती दौर में यह सूचकांक गिरकर 102.00 के स्तर के करीब पहुंच गया था, लेकिन आंकड़ों के बाद घाटे की भरपाई करता हुआ नजर आया। विश्लेषकों का मानना है कि यदि महंगाई का यह रुख बना रहा तो फेडरल रिजर्व ढीली मौद्रिक नीति की उम्मीदों को झटका दे सकता है, जिससे डॉलर को निकट भविष्य में समर्थन मिलता रहेगा।
इसी बीच श्रम बाजार के आंकड़ों ने भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को दर्शाया। 10 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में प्रारंभिक बेरोजगारी दावों की संख्या मामूली रूप से बढ़कर 199K हो गई, जो पिछले सप्ताह 198K पर थी। इसके बावजूद यह संख्या 200K के बाजार अनुमान से नीचे रही। दूसरी ओर, लगातार बेरोजगारी लाभ प्राप्त करने वाले दावों में 4K की कमी आई और यह घटकर 1.710M पर आ गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रोजगार बाजार में समग्र स्थिरता बनी हुई है और छंटनी की दर अभी भी नियंत्रित दायरे में है।
बैंक ऑफ जापान की सख्ती और येन का आधार
दूसरी तरफ, जापानी येन को घरेलू मोर्चे पर बैंक ऑफ जापान के नीतिगत दृष्टिकोण से गहरा समर्थन मिल रहा है। जापानी केंद्रीय बैंक ने सितंबर के दौरान अपनी मानक उधारी दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया था, जो पिछले 31 वर्षों का इसका सर्वोच्च स्तर है। बैंक ऑफ जापान ने संकेत दिया है कि वह अपनी दशकों पुरानी अत्यधिक उदार मौद्रिक नीतियों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की राह पर कायम रहेगा। जापानी नीति निर्माताओं के इस रुख ने विदेशी निवेशकों को आश्वस्त किया है कि येन में और अधिक गिरावट को रोकने के लिए ब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी या बाजार हस्तक्षेप के रास्ते खुले हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, टोक्यो द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित सीधी खरीदारी या दखल की चर्चाओं ने भी सट्टेबाजों को येन के खिलाफ बड़े दांव लगाने से रोका है। यही कारण रहा कि बुधवार को अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उछाल के बाद बनी तेजी गुरुवार को टिक नहीं सकी और डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
तकनीकी परिदृश्य और प्रमुख स्तर
मुद्रा जोड़ी का चार्ट विश्लेषण दर्शाता है कि यह जोड़ी 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे खिसकते हुए एक हफ्ते के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गई। सत्र के दौरान यह 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग 157.85 पर कारोबार करती दिखी। 1 घंटे के चार्ट पर 100-अवधि का साधारण मूविंग एवरेज 158.30 पर और 200-अवधि का साधारण मूविंग एवरेज 158.20 पर स्थित है, जिनके नीचे बने रहने के कारण अल्पकालिक रुझान हल्का मंदी का दिखाई दे रहा है। 157.85 का स्तर एक नजदीकी क्षैतिज प्रतिरोध का काम कर रहा है। वहीं 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 45 के आसपास मंडरा रहा है, जो अत्यधिक बिकवाली के बजाय तेजी की गति में कमी को दर्शाता है।
ऊपरी छोर पर तत्काल बाधा 157.85 पर बनी हुई है, जिसके पार जाने पर 158.20 और 158.30 के मूविंग एवरेज स्तर सामने आएंगे। यदि यह जोड़ी और चढ़ती है तो 158.45 और 159.00 के स्तर मजबूत रुकावट साबित होंगे। इसके विपरीत, गिरावट की स्थिति में पहला सहारा 157.00 पर उपलब्ध है। इसके बाद 156.50 और 155.50 के संरचनात्मक समर्थन स्तर स्थित हैं, जहां बाजार में खरीदारों के फिर से सक्रिय होने की संभावना रहेगी ताकि व्यापक तेजी के ढांचे की रक्षा की जा सके।
लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र के क्लोज-बेल पर यह जोड़ी 158.16 के स्तर पर दर्ज की गई, जो पिछले बंद 158.32 के मुकाबले 0.10 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाती है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 151.55 से 163.98 के बीच रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 54 पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी 0.25 (सिग्नल 0.13 और हिस्टोग्राम 0.12) पर सकारात्मक बना हुआ है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज में ईएमए20 157.79, ईएमए50 158.04 और ईएमए200 157.78 पर स्थित हैं, जो ईएमए50 और ईएमए200 के बीच गोल्डन क्रॉस के साथ दीर्घकालिक अपट्रेंड का समर्थन करते हैं। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड्स 156.63 से 158.98 के बीच फैले हैं। दैनिक अस्थिरता के लिए 14-दिवसीय एटीआर 1.07 अंक पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में देखा जा सकता है, जबकि पिवट स्तर 158.01, पहला प्रतिरोध 158.48 और पहला समर्थन 157.70 पर स्थित है।
वैश्विक बाजारों में हलचल और अन्य संपत्तियों का रुख
गुरुवार के सत्र में केवल येन ही नहीं, बल्कि कई अन्य वैश्विक संपत्तियों में भी तेज प्रतिक्रियाएं देखी गईं। ऑस्ट्रेलिया से रोजगार के निराशाजनक आंकड़े आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.6950 के आसपास नुकसान झेलती दिखी। बुधवार को मासिक उच्च स्तर छूने के बाद यह गिरावट एशियाई सत्र में नए साप्ताहिक निचले स्तर तक विस्तारित हो गई, हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने इस गिरावट को एक सीमित दायरे में बांधे रखा।
सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की धातुओं में भी गुरुवार को नई खरीदारी देखी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेशों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी आई, जिसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी गिरावट दर्ज हुई और डॉलर अपने साल के उच्चतम स्तर से फिसल गया। इस माहौल ने सोने को अतिरिक्त मजबूती दी।
इसके विपरीत, डिजिटल संपत्ति बाजार में मंदी का माहौल बना रहा। अमेरिका में महंगाई की रफ्तार तेज होने की आशंकाओं के बीच क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिसके चलते रिपल का टोकन 1.30 डॉलर के आसपास संघर्ष करता रहा। वहीं यूनाइटेड किंगडम में चांसलर द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने से दो हफ्ते से भी कम समय पहले आर्थिक माहौल सकारात्मक बना हुआ है, जहां यूके बॉन्ड में तेजी है, एफटीएसई 100 सूचकांक इस सप्ताह का शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बना हुआ है और पाउंड डॉलर के मुकाबले स्थिर हो रहा है। अब वैश्विक निवेशकों की निगाहें शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के आगामी भाषण पर टिकी हैं, जहां से भविष्य की ब्याज दर नीति के स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है।



















