अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेज उतार-चढ़ाव के चलते मिश्रित कारोबार देखा जा रहा है। लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड दशकों पुराने स्तरों के करीब बने हुए हैं, जिससे बॉन्ड यील्ड कर्व में तीव्र बदलाव दर्ज किया गया है। दो-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट देखी गई, जबकि 10-वर्षीय और 30-वर्षीय ऋण पत्रों के यील्ड दो हजार के दशक के बाद के अपने उच्चतम स्तरों को छूने या उनके करीब टिके रहने में सफल रहे हैं। इस वित्तीय परिदृश्य ने वैश्विक मुद्राओं, कीमती धातुओं और क्रिप्टो परिसंपत्तियों के कारोबार को प्रभावित किया है।
ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड स्तर और वक्र में बदलाव
अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग पूरे यील्ड कर्व में ताजा रिकॉर्ड स्तर देखे गए। हालांकि बाद में इन बढ़त वाले स्तरों में आंशिक कमी दर्ज की गई। दस-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड सत्र के अंत में बिना किसी बदलाव के 5.24 प्रतिशत पर बंद हुआ, जो कि साल 2007 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। दूसरी तरफ, 30-वर्षीय सरकारी बॉन्ड के यील्ड में 1.9 आधार अंकों (bps) की बढ़त दर्ज की गई। यह उछाल 30-वर्षीय बॉन्ड को 5.57 प्रतिशत के स्तर पर ले गया, जो 2002 के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड स्तर साबित हुआ है। लंबी अवधि की उधारी लागत में यह मजबूती अमेरिकी नीति निर्माताओं के रुख और बाजार की बदलती उम्मीदों को रेखांकित करती है।
मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन की चाल
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की गति थमने के बावजूद विभिन्न मुद्राओं में दबाव देखा गया। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.6950 के करीब फिसलकर दो महीने के निचले स्तर पर आ गई। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त माह के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिसने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं को कमजोर कर दिया। इसके अलावा, चीन के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दे सके।
दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी बुधवार के एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे दबाव में बनी रही। बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने की आशंकाओं और जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को समर्थन प्रदान किया। जापान के कमजोर घरेलू औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री के कमजोर आंकड़ों के बावजूद, अमेरिकी डॉलर में चौतरफा कमजोरी ने इस मुद्रा जोड़ी को नीचे की ओर बनाए रखा।
सोने की कीमतों में ठहराव और फेडरल रिजर्व की उम्मीदें
यूरोपीय व्यापार सत्र के दौरान सोने की कीमतों में स्थिरता का रुख देखा गया, जहां यह पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार करती रही। अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को मंगलवार को छुए गए दो महीने के उच्च स्तर से नीचे धकेल दिया। डॉलर की इस कमजोरी ने गैर-ब्याज वाली इस कीमती धातु को कुछ सहारा दिया। इसके बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को सख्त बनाए रखने की संभावनाओं ने सोने की कीमतों की बढ़त को सीमित रखा है। सोने के कारोबारी कोई भी नई बड़ी दिशा निर्धारित करने से पहले आगामी अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
बिटकॉइन 83,000 डॉलर पर स्थिर, पीसीई आंकड़ों पर नजर
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन बुधवार को 83,000 डॉलर के स्तर के करीब स्थिर देखा गया। सप्ताह की शुरुआत में बिटकॉइन के खरीदार इसे 85,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकाने में नाकाम रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हालिया उछाल और सप्ताह के दौरान आने वाले महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए डिजिटल परिसंपत्ति के निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
बाजार के सभी प्रतिभागियों का ध्यान अब अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जारी किए जाने वाले आंकड़ों पर टिका हुआ है। एजेंसी बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी करने वाली है। पीसीई मूल्य सूचकांक को फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति मापने के लिए अपना सबसे पसंदीदा पैमाना मानता है। इसी आंकड़े के आधार पर आगामी मौद्रिक नीतियों और ब्याज दर परिदृश्य की दिशा तय होने की पूरी संभावना है।



















