यूरोपीय सेंट्रल बैंक की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड के हालिया बयानों के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो पर नकारात्मक असर देखने को मिला है। लेगार्ड ने लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीदों पर रोक लगाते हुए लंबी अवधि की ऊंची यील्ड और एक नपी-तुली प्रतिक्रिया अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है। एमयूएफजी के ली हार्डमैन के अनुसार, मुद्रास्फीति के दूसरे दौर के असर की गैर-मौजूदगी के चलते केंद्रीय बैंक को महंगाई पर लगाम कसने के लिए संतुलित कदम उठाने चाहिए, जिससे अगले महीने होने वाली दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं काफी ठंडी पड़ गई हैं। यदि सितंबर के मुद्रास्फीति आंकड़े किसी अप्रत्याशित उछाल का संकेत नहीं देते हैं, तब तक अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की चर्चा दोबारा तेज होना मुश्किल माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीनी आर्थिक आंकड़ों का असर
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर दो महीने के निचले स्तर लगभग 0.6950 के करीब आ गया। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त महीने के बुनियादी सीपीआई आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं पर पानी फेर दिया। इसके साथ ही चीन के पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा देने में विफल रहे, जबकि अमेरिकी डॉलर की हालिया तेज बढ़त पर इस दौरान अस्थाई ठहराव देखा गया।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान की रणनीति
दूसरी तरफ, एशियाई सत्र में यूएसडी/जेपीवाई 157.00 के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा। बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की संभावनाओं और मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को सहारा दिया। यह मजबूती ऐसे समय में आई जब जापान के घरेलू फैक्ट्री उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़े काफी निराशाजनक रहे थे। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक नरमी ने भी इस करेंसी जोड़े को निचले स्तरों पर बनाए रखने में भूमिका निभाई।
सोना और बिटकॉइन का दायरा सीमित
यूरोपीय कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में स्थिरता का दायरा देखा गया, जहां यह पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर से नीचे धकेला, जिससे सोने को कुछ सपोर्ट मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख की उम्मीदों ने सोने की बढ़त को सीमित कर दिया है, क्योंकि ट्रेडर किसी भी बड़े दांव से पहले अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन 83,000 डॉलर के पास सुस्त कारोबार करता दिखा। सप्ताह की शुरुआत में 85,000 डॉलर के प्रमुख स्तर से ऊपर बंद होने में विफलता और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण निवेशक काफी सतर्क बने हुए हैं।
अमेरिकी पीसीई मूल्य सूचकांक पर टिकी निगाहें
वैश्विक वित्तीय बाजारों की तात्कालिक दिशा काफी हद तक अमेरिका से आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। संयुक्त राज्य अमेरिका का ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स प्राइस इंडेक्स के आंकड़े 12:30 जीएमटी पर जारी करने जा रहा है। बाजार प्रतिभागी पीसीई प्राइस इंडेक्स पर बेहद पैनी नजर रखते हैं क्योंकि यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है और आने वाले समय में अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत दृष्टिकोण को गहराई से प्रभावित कर सकता है।



















