अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी मुद्रा की दिशा को लेकर नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक स्तर पर विनिमय दरों पर नजर रखने वाले कारोबारियों के बीच यह धारणा लगातार मजबूत हो रही है कि मुद्रा विनिमय बाजार में निकट भविष्य में आधिकारिक कदम उठाया जा सकता है। इसी संभावित दखल के अंदेशे ने जापानी येन को बिकवाली के दबाव से बचा रखा है। सामान्य तौर पर जब किसी मुद्रा के मुकाबले आधिकारिक हस्तक्षेप का जोखिम बढ़ जाता है, तो वित्तीय संस्थान और कारोबारी उस मुद्रा में मंदी के दांव लगाने से बचते हैं। मौजूदा दौर में यही सतर्कता जापानी मुद्रा को दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं यानी G10 बास्केट में सबसे मजबूत स्थिति में बनाए हुए है।
जापानी मुद्रा की मजबूती और हस्तक्षेप का गणित
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के समीकरणों पर प्रकाश डालते हुए सोसिएते जेनेराल के विश्लेषक किट जुक्स ने जापानी मुद्रा की हालिया मजबूती को रेखांकित किया है। उनका मानना है कि विनिमय दर में सरकारी दखल के मजबूत अंदेशे के कारण बाजार प्रतिभागी येन पर मंदी की स्थिति बनाने से कतरा रहे हैं। इस बदलते माहौल में यदि यूरो बनाम येन यानी EUR/JPY में कोई भी तेजी आती है, तो उसे मुनाफावसूली या बिकवाली के मौके के रूप में देखा जा सकता है। बाजार के विश्लेषक मानते हैं कि महीने भर के रुझान में जापानी येन विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं के मुकाबले सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला साबित हुआ है।
हालांकि, इस बढ़त के साथ कुछ बुनियादी जोखिम भी जुड़े हुए हैं। किट जुक्स ने आगाह किया है कि ऊर्जा बाजार में अस्थिरता इस पूरे संतुलन को बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में एक और तीव्र उछाल हाल के दिनों में सुधरे जोखिम माहौल को पूरी तरह पलट सकता है। ऊर्जा आयात पर भारी निर्भरता के चलते तेल कीमतों में होने वाली कोई भी वृद्धि येन की मौजूदा बढ़त पर दबाव बना सकती है, यही कारण है कि बाजार के भीतर समग्र रूप से सतर्क रुख बनाए रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
कमजोर घरेलू आंकड़ों के बावजूद डॉलर बनाम येन सुस्त
एशियाई कारोबारी सत्र में बुधवार के दिन अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन यानी USD/JPY 157.00 के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा। जापानी मुद्रा को एक तरफ बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों से सहारा मिल रहा है, तो दूसरी तरफ किसी भी समय प्रत्यक्ष हस्तक्षेप होने का जोखिम येन विक्रेताओं को रोके हुए है। यह मजबूती इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि जापान के हालिया घरेलू आर्थिक आंकड़े काफी निराशाजनक रहे हैं। देश के कारखानों के उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़ों में आई सुस्ती के बावजूद जापानी मुद्रा बाजार के दबाव को झेलने में कामयाब रही है। इसके साथ ही, व्यापक अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने भी USD/JPY जोड़ी को नीचे की ओर धकेलने में भूमिका निभाई है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर पर फिसला
जहां जापानी मुद्रा मजबूती दिखा रही है, वहीं एशियाई सत्र में बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD दो महीने के निचले स्तर के करीब लगभग 0.6950 पर कारोबार करता देखा गया। इस तेज गिरावट के पीछे ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मुद्रास्फीति आंकड़े प्रमुख कारण बने हैं। अगस्त महीने के ऑस्ट्रेलियाई कोर सीपीआई आंकड़े बाजार के अनुमानों से काफी कमजोर रहे, जिससे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं पर पूरी तरह पानी फिर गया। दूसरी तरफ, चीन के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई सहारा देने में नाकाम रहे, जबकि इस दौरान अमेरिकी डॉलर की बढ़त भी अस्थायी रूप से रुकी हुई थी।
सोने में ठहराव और बिटकॉइन में 83,000 डॉलर पर स्थिरता
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में सीमित दायरे का कारोबार देखने को मिला और यह कीमती धातु 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर बनी रही। मंगलवार को छुए गए दो महीने के उच्च स्तर से अमेरिकी डॉलर नीचे फिसला है, जिसे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट का सीधा असर माना जा रहा है। गिरती बॉन्ड यील्ड और डॉलर की कमजोरी आमतौर पर बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने के लिए मददगार साबित होती हैं। इसके बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने की आशंकाओं ने सोने की तेजी को एक सीमित दायरे में बांध रखा है। बाजार प्रतिभागी किसी भी नए दिशात्मक दांव से पहले अमेरिका के महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक आंकड़ों के आने का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, डिजिटल संपत्ति बाजार में बिटकॉइन बुधवार को 83,000 डॉलर के स्तर के पास स्थिरता तलाशता नजर आया। सप्ताह की शुरुआत में बिटकॉइन खरीदार इसे 85,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकाने में असफल रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और चालू हफ्ते में आने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों के मद्देनजर सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के निवेशक भी जोखिम लेने से बच रहे हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।
अमेरिकी पीसीई मूल्य सूचकांक पर टिकीं बाजार की निगाहें
वैश्विक वित्तीय बाजारों की तात्कालिक दिशा काफी हद तक अमेरिका से आने वाले मुद्रास्फीति आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यूनाइटेड स्टेट्स ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी पीसीई प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी किए जाने हैं। यह सूचकांक वित्तीय दुनिया में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति के आकलन के लिए इसी पैमाने को अपनी प्राथमिक पसंद मानता है। पीसीई आंकड़ों से मिलने वाले संकेत ही यह तय करेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों पर किस तरह का रुख अपनाता है, जिसका सीधा असर विनिमय दरों, बॉन्ड प्रतिफल, जिंसों और डिजिटल परिसंपत्तियों पर देखने को मिलेगा।



















