अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर हालिया उच्च स्तर से थोड़ा नीचे फिसला है। कच्चे तेल के गिरते दाम और न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जॉन विलियम्स के हालिया बयानों ने ब्याज दरों को लेकर बन रही तेज उम्मीदों की रफ्तार को धीमा किया है। इसके बावजूद वित्तीय बाजारों की नजरें आगामी आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित हैं। अमेरिका में अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर और सितंबर के निजी रोजगार आंकड़े अर्थव्यवस्था की जमीनी हकीकत पेश करने जा रहे हैं। इन आंकड़ों में महंगाई का दबाव बने रहने, मजबूत उपभोक्ता खर्च और श्रम बाजार में निरंतर मांग दिखने का अनुमान है, जो फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति को मजबूती दे सकता है और डॉलर में दोबारा तेजी ला सकता है।
मुद्रास्फीति और निजी रोजगार के अनुमानों का गणित
आर्थिक संकेतकों की बात करें तो हेडलाइन पीसीई के मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत बढ़ने की संभावना जताई गई है, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 0.2 प्रतिशत दर्ज किया गया था। वहीं वार्षिक आधार पर इसके 3.7 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्तीय विश्लेषक एलियास हद्दाद के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था में टिकी हुई अंतर्निहित महंगाई, उपभोक्ता खर्च में दोबारा दर्ज की गई रिकवरी और श्रम की मजबूत मांग फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख को और पुख्ता करेगी। विश्लेषकों का मानना है कि यही परिस्थितियां अमेरिकी डॉलर में आगे चलकर आने वाली तेजी का मुख्य आधार तैयार करेंगी।
पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर के आंकड़ों से ठीक पहले निजी क्षेत्र के रोजगार की स्थिति भी सामने आने वाली है। सितंबर महीने के लिए एडीपी प्राइवेट पेरोल में 72,000 नौकरियों की बढ़ोतरी का अनुमान व्यक्त किया गया है, जबकि अगस्त में यह संख्या 38,000 रही थी। इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट को लंदन के समयानुसार दोपहर 1:15 बजे और न्यूयॉर्क के समयानुसार सुबह 8:15 बजे जारी किया जाएगा। निजी रोजगार में यह अपेक्षित सुधार श्रम बाजार की स्थिरता को दर्शाता है, जिसे नीति निर्माता काफी बारीकी से परख रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में हलचल
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के एशियाई कारोबारी सत्र में बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर के करीब आ गया। AUD/USD की जोड़ी 0.6950 के आसपास कारोबार करती दिखी। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त माह के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े बाजार के अनुमान से काफी कमजोर रहे, जिससे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। इसके अलावा चीन के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती देने में नाकाम रहे, भले ही इस दौरान अमेरिकी डॉलर की बढ़त अस्थायी रूप से थमी हुई थी।
दूसरी तरफ जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी देखी गई। एशियाई सत्र में बुधवार को USD/JPY की जोड़ी 157.00 के स्तर से नीचे फिसलती नजर आई। बैंक ऑफ जापान द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने की आशंकाओं और जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया। जापान के निराशाजनक घरेलू फैक्ट्री उत्पादन और खुदरा बिक्री के कमजोर आंकड़ों के बावजूद येन मजबूत रहा, जिसे अमेरिकी डॉलर की व्यापक सुस्ती का भी फायदा मिला।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति
कमोडिटी बाजार के यूरोपीय सत्र में सोने की कीमतों में सीमित दायरे का उतार-चढ़ाव जारी रहा। पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर गति से कारोबार कर रही है। मंगलवार को दो महीने के शिखर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और इस गिरावट ने बिना ब्याज देने वाली कीमती धातु सोने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से संभावित आक्रामक रुख ने सोने की ऊपरी बढ़त को सीमित कर रखा है। बाजार के कारोबारी अमेरिका के प्रमुख मैक्रो आंकड़ों के आने से पहले सोने में कोई नया दिशात्मक दांव लगाने से बच रहे हैं।
डिजिटल एसेट बाजार की बात करें तो बुधवार को बिटकॉइन 83,000 डॉलर के करीब मजबूती तलाशता दिखा। हफ्ते की शुरुआत में बिटकॉइन के खरीदार भाव को 85,000 डॉलर के अहम स्तर के ऊपर बंद कराने में नाकाम रहे थे। इस सप्ताह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त और कई अहम आर्थिक आंकड़ों के जारी होने की संभावना के बीच क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों ने अत्यधिक सतर्कता का रुख अपनाया हुआ है।
फेडरल रिजर्व का पसंदीदा पैमाना और आगामी घोषणा
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को ग्रीनविच मीन टाइम के मुताबिक 12:30 बजे अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े आधिकारिक तौर पर पेश किए जाएंगे। वित्तीय बाजारों के प्रतिभागी पीसीई प्राइस इंडेक्स की घोषणा पर बेहद पैनी निगाह रखते हैं, क्योंकि यह इंडेक्स फेडरल रिजर्व के लिए मुद्रास्फीति नापने का सबसे पसंदीदा और विश्वसनीय पैमाना है। इस सूचकांक के नतीजे अमेरिकी केंद्रीय बैंक के भविष्य के नीतिगत दृष्टिकोण और ब्याज दरों की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक भूमिका निभाएंगे।



















