प्रमुख पेय कंपनी वरुण बेवरेजेस लिमिटेड ने कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय परिणामों का ऐलान कर दिया है। अप्रैल से जून तक की इस तिमाही के दौरान कंपनी के मुनाफे और राजस्व में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली का रुख अपनाया।
मुनाफे और राजस्व में मजबूत उछाल
एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का परिचालन से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 8,650.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस बार कारोबार में यह विस्तार काफी मजबूत रहा है। इसके साथ ही, कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में वरुण बेवरेजेस का समेकित शुद्ध लाभ 15.4 प्रतिशत की छलांग के साथ 1,520.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 1,317.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
एबिटा और मार्जिन के आंकड़े
तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन मुनाफे यानी एबिटा में भी 17 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले साल के 1,999 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,344 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, दूसरी ओर एबिटा मार्जिन में मामूली गिरावट आई है। जून 2026 की तिमाही में एबिटा मार्जिन 76 आधार अंक घटकर 27.7 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 28.46 प्रतिशत था।
शेयर में भारी गिरावट
शानदार वित्तीय नतीजों के बावजूद बाजार में वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और इनमें तेज गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब 3:15 बजे कंपनी का शेयर 7.53 प्रतिशत की भारी कमजोरी के साथ 429.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
लाभांश और रिकॉर्ड तिथि
तिमाही नतीजों के साथ ही वरुण बेवरेजेस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 2 रुपये प्रति शेयर के अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों पर दूसरे अंतरिम लाभांश (डिविडेंड) को भी मंजूरी दे दी है। यह लाभांश 0.50 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। जो निवेशक रिकॉर्ड तिथि से पहले इस स्टॉक की खरीद करेंगे, वे इस डिविडेंड भुगतान के पात्र होंगे। कंपनी ने इस लाभांश के लिए शनिवार, 1 अगस्त को रिकॉर्ड तिथि के रूप में तय किया है, जबकि लाभांश की राशि का भुगतान 4 अगस्त को किया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि उसने भारत के लिए पेप्सिको के साथ एक संशोधित एक्सक्लूसिव बॉटलिंग अपॉइंटमेंट और ट्रेडमार्क लाइसेंस समझौते पर 21 मई 2026 को हस्ताक्षर किए हैं।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार की स्थिति
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान उसके भारत के कारोबार में वॉल्यूम ग्रोथ 14.4 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय कारोबार के मोर्चे पर कंपनी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में ट्विज़ा के अधिग्रहण के बाद, इस तिमाही में अंतरराष्ट्रीय वॉल्यूम में 11.8 मिलियन केस शामिल रहे।



















