इस साल दुनिया की बड़ी मुद्राओं में नॉर्वेजियन क्रोन (NOK) सबसे दमदार प्रदर्शन करने वालों में रहा है, और राबोबैंक की जेन फोली को भरोसा है कि यूरो के मुकाबले इसमें आगे और मजबूती की गुंजाइश है, बस तुरंत नहीं। फोली के ताजा आकलन के मुताबिक अगले एक से तीन महीने तक EUR/NOK के 11.00 के स्तर के आसपास ही टिके रहने की संभावना है, और उसके बाद छह महीने के नजरिए से यह जोड़ी नीचे की ओर टूट सकती है। उनका यह पूरा अनुमान इस बात पर टिका है कि नॉर्गेस बैंक ब्याज दरें और कितनी ऊपर ले जाने को तैयार है।
क्रोन की तेजी क्यों अहम है
नॉर्वेजियन क्रोन इस साल G10 समूह की सबसे मजबूत मुद्राओं में शामिल रहा है। साल की शुरुआत से अब तक यह यूरो के मुकाबले करीब 6.85% चढ़ चुका है। खास बात यह है कि पिछले महीने इसने अपनी इस साल की कुछ बढ़त गंवाई थी, फिर भी सालाना आधार पर इसकी मजबूती बरकरार है। किसी मुद्रा का इतने बड़े अंतर से ऊपर जाना यह दर्शाता है कि निवेशक नॉर्वे की अर्थव्यवस्था और वहां की ऊंची ब्याज दरों की ओर आकर्षित हुए हैं। फोली के शब्दों में, साल की शुरुआत से क्रोन ने यूरो के मुकाबले करीब 6.85% की तेजी दिखाई है।
असली सवाल नॉर्गेस बैंक का है
क्रोन की आगे की दिशा काफी हद तक नॉर्गेस बैंक के अगले कदम पर निर्भर करती है। केंद्रीय बैंक ने मई में ब्याज दर में 25 bps की बढ़ोतरी करके इसे 4.25% पर पहुंचाया था। लेकिन इसके बाद नॉर्वे में महंगाई के आंकड़े नरम पड़े हैं, जिससे यह उम्मीद कमजोर हुई है कि बैंक दरों को और सख्त करेगा। जून के CPI आंकड़े के नरम रहने के बाद तस्वीर और साफ हुई। दिलचस्प बात यह है कि पिछले महीने केंद्रीय बैंक का रुख भले ही सख्त (हॉकिश) दिखा, लेकिन बाजार छह महीने के नजरिए से सिर्फ 17 bps की दर बढ़ोतरी को ही भाव दे रहा है। यानी निवेशक मान रहे हैं कि आगे बड़ी सख्ती की गुंजाइश सीमित है।
अब EUR/NOK किस ओर जाएगा
नॉर्गेस बैंक की आगे की दर बढ़ोतरी पर मंडराते इन्हीं संदेहों के चलते फोली का आकलन है कि एक से तीन महीने की अवधि में EUR/NOK 11.00 के स्तर के करीब ही बना रहेगा। इस दौरान इस जोड़ी में 11.00 के आसपास उतार-चढ़ाव भरा, अस्थिर रेंज ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है। फोली साफ कहती हैं, "हमें उम्मीद है कि एक से तीन महीने के नजरिए से EUR/NOK 11.00 के स्तर के करीब रहेगा।" इसके बाद तस्वीर बदलती है। राबोबैंक का मानना है कि छह महीने के नजरिए से इस जोड़ी को नीचे की ओर बढ़ने के लिए नई गति मिलेगी। EUR/NOK का नीचे जाना असल में क्रोन की मजबूती का संकेत है, क्योंकि इसका मतलब है कि एक यूरो खरीदने के लिए कम क्रोन चाहिए होंगे। यानी छोटी अवधि में भले भाव एक दायरे में रहें, लेकिन मध्यम अवधि का झुकाव क्रोन के पक्ष में दिखता है।
यूरो का पक्ष भी समझिए
इस समीकरण का दूसरा हिस्सा खुद यूरो की चाल है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक EUR/USD फिलहाल करीब 1.14 पर कारोबार कर रहा है और पिछले बंद भाव से इसमें 0.14% की मामूली गिरावट रही। इसका 52-हफ्ते का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच है। तकनीकी मोर्चे पर RSI(14) 42 पर है, जो न ओवरबॉट है न ओवरसोल्ड, बल्कि हल्के कमजोर रुझान की ओर इशारा करता है। कीमत अपने EMA50 और EMA200 दोनों से नीचे है और लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में बनी हुई है, जहां EMA50 का EMA200 के नीचे रहना 'डेथ क्रॉस' की स्थिति दिखाता है। ADX(14) का 24 पर रहना बताता है कि फिलहाल कोई मजबूत ट्रेंड नहीं, बल्कि रेंज वाली चाल हावी है। कुल मिलाकर यूरो की यह सुस्ती फोली के इस विचार से मेल खाती है कि EUR/NOK में जल्दबाजी वाली कोई बड़ी दिशा आने के बजाय पहले एक दायरे में घूमना और फिर धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ना ज्यादा मुमकिन है।
निवेशकों के लिए कुल मायने
राबोबैंक का यह नजरिया दरअसल एक 'रेंज ट्रेडिंग' रणनीति की ओर इशारा करता है। छोटी अवधि में 11.00 के आसपास खरीद-बिक्री, और मध्यम अवधि में क्रोन की मजबूती पर दांव। नॉर्वे की महंगाई का नरम पड़ना और नॉर्गेस बैंक की दरों को लेकर घटती उम्मीदें ही वे दो बड़े कारक हैं जो आने वाले हफ्तों में इस जोड़ी की दिशा तय करेंगे। ऊंची ब्याज दरों के दम पर मिली क्रोन की इस साल की बढ़त अगर टिकी रहती है, तो फोली का छह महीने का मंदी वाला (क्रोन के लिए तेजी वाला) अनुमान सही साबित हो सकता है।
















