अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा पर दबाव साफ नजर आ रहा है, जहां यूरो डॉलर के मुकाबले 1.1270 के दैनिक उच्च स्तर को छूने के बाद फिसलकर 1.1250 के आसपास लगभग सपाट स्थिति में पहुंच गया। इस ताजा उतार-चढ़ाव के साथ ही एकल मुद्रा 1.26 प्रतिशत के साप्ताहिक नुकसान की राह पर बनी हुई है। बाजार में यह कमजोरी मुख्यतः फ्रांस के बढ़ते सरकारी ऋण संकट, ऊंची उधारी लागत और कच्चे तेल की मजबूत कीमतों से उपजी वित्तीय चिंताओं के कारण गहरा रही है।
सितंबर में अनुमान से अधिक तेज रही मूल्य वृद्धि
यूरोपीय क्षेत्र में महंगाई के आंकड़े एक बार फिर नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। सितंबर महीने के प्रारंभिक सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) के आंकड़े बताते हैं कि वार्षिक आधार पर मुद्रास्फीति 3.8 प्रतिशत की दर पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा अगस्त महीने के 3.2 प्रतिशत के मुकाबले एक तीव्र उछाल दर्शाता है। बाजार के विश्लेषक इस बात का अनुमान लगा रहे थे कि इस अवधि में मूल्य वृद्धि की रफ्तार अपेक्षाकृत सीमित रहकर 3.6 प्रतिशत के आसपास रहेगी, किंतु वास्तविक आंकड़े इस उम्मीद से कहीं अधिक गर्म दर्ज किए गए।
मूल्य वृद्धि के इस दबाव में खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का सबसे बड़ा हाथ रहा है। दूसरी ओर, अस्थिर घटकों को अलग रखकर देखी जाने वाली कोर मुद्रास्फीति की दर भी अगस्त के 2.4 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 2.5 प्रतिशत पर दर्ज की गई। कोर मुद्रास्फीति में यह मामूली वृद्धि सीधे तौर पर बाजार के पूर्व अनुमानों के अनुरूप ही रही, जो यह दिखाती है कि व्यापक स्तर पर भी लागत दबाव धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था के भीतर बना हुआ है।
फ्रांस के सरकारी ऋण से 2009 के संकट की यादें ताजा
यूरोपीय मुद्रा पर छाए अनिश्चितता के बादलों के केंद्र में फ्रांस की डांवाडोल वित्तीय स्थिति है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के दौर से लेकर अब तक फ्रांस का सार्वजनिक कर्ज कभी इतने ऊंचे मुकाम पर नहीं पहुंचा था, जितना अब देखने को मिल रहा है। इस अनियंत्रित सार्वजनिक ऋण के चलते देश की उधारी लागत में बेहद तीव्र उछाल आया है, जिसने यूरोपीय बॉन्ड बाजारों को हिलाकर रख दिया है।
सितंबर के दौरान फ्रांस के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में 70 आधार अंकों से भी अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि हुई। इस उछाल ने फ्रांसीसी बॉन्ड प्रतिफल को साल 2002 के बाद के अपने सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा दिया है। सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले रिटर्न में इस तरह की तेज छलांग ने वित्तीय विश्लेषकों और निवेशकों के जेहन में वर्ष 2009 के ऐतिहासिक यूरोज़ोन ऋण संकट की आशंकाओं और यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया है। राजकोषीय मोर्चे पर पैदा हुई यह घबराहट पूरे यूरोज़ोन में वित्तीय स्थिरता को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय और श्रम बाजार का रुख
मुद्रा बाजार के अन्य मोर्चों पर अमेरिकी डॉलर 17 महीने के अपने उच्चतम स्तरों से नीचे फिसलता दिखाई दिया। शुक्रवार को एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में रिकवरी देखी गई और यह 0.6950 के स्तर की ओर लौट आया। वैश्विक प्रतिफल और लगातार बने हुए मुद्रास्फीति जोखिमों के बीच नवंबर महीने में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे से सहारा दिया। इसके विपरीत, डॉलर के मुकाबले जापानी येन 158.00 के आसपास संघर्षरत रहा। टोक्यो में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अपेक्षा से अधिक गर्म रहने और डॉलर के व्यापक सुधार के बावजूद USD/JPY अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे से नीचे खिसक गया।
वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने शुक्रवार को अमेरिका के महत्वपूर्ण गैर-कृषि रोजगार (Nonfarm Payrolls) आंकड़ों के जारी होने से ठीक पहले भारी मुनाफावसूली की, जिसके चलते डॉलर में यह तात्कालिक नरमी देखने को मिली। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (Bureau of Labor Statistics) की ओर से शुक्रवार को 12:30 GMT पर जारी होने वाली रिपोर्ट पर दुनिया भर के बाजारों की टकटकी लगी हुई है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त के 162K के मजबूत रोजगार इजाफे की तुलना में सितंबर में केवल 90K नई नौकरियां जुड़ने की संभावना है। वहीं बेरोजगारी दर के 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने और औसत प्रति घंटा कमाई से मापी जाने वाली मासिक वेतन मुद्रास्फीति के 0.3 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
सोने और डिजिटल परिसंपत्तियों में हलचल
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के इंतजार में सर्राफा बाजार में भी ठहराव का माहौल बना रहा। शुक्रवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक सोना सीमित दायरे में कारोबार करते हुए 4,200 डॉलर के स्तर के नीचे ही बना रहा। निवेशक रोजगार बाजार की सुस्ती और फेडरल रिजर्व की भावी मौद्रिक नीतियों के संकेतों को तौलने के लिए किसी भी बड़े दांव से बचते हुए नजर आए।
डिजिटल परिसंपत्ति वर्ग में पाई नेटवर्क की कीमत में भारी उठापटक दर्ज की जा रही है। एक दिन पूर्व 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज करने के बाद शुक्रवार को यह टोकन लगभग 0.0900 डॉलर के आसपास मंडराता रहा। चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर एक राइजिंग वेज पैटर्न के नीचे टूटने का खतरा मंडरा रहा है, जो कीमतों में और गहरी गिरावट की चेतावनी दे रहा है। पाई नेटवर्क की कीमतें लगातार 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर के नीचे बनी हुई हैं, जिससे इसकी स्थायी सुधार की संभावनाओं को भारी झटका लग रहा है।



















