शिलांग: ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन इन दिनों शिलांग-डावकी रोड पर स्थित 4th Mile और 7th Mile के इलाकों में कार्रवाई में जुटा हुआ है। यहाँ सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकानें लगाने वाले वेंडरों को जिला प्रशासन की तरफ से बेदखली के नोटिस जारी किए गए थे, जिनके जवाबों की अब बारीकी से समीक्षा की जा रही है। इन व्यावसायिक गतिविधियों की वैधता और नियमों की असल स्थिति को समझने के लिए प्रशासन नेशनल हाइवेज़ एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगा।
वैधता की होगी औपचारिक जाँच
डिप्टी कमिश्नर अभिलाष बरनवाल ने जानकारी दी है कि प्रशासन की टीम वेंडरों की तरफ से भेजे गए स्पष्टीकरण का अध्ययन कर रही है। इन जवाबों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसी के साथ एक औपचारिक बैठक आयोजित की जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि इन जगहों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियां कानूनी दायरे में आती हैं या नहीं। स्थानीय निवासियों और स्थानीय श्नॉन्ग प्राधिकरणों की तरफ से इस मार्ग पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है।
अदालती निर्देशों का पालन और सुरक्षा
इस पूरे मामले में मेघालय हाईकोर्ट ने भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले अवैध फलों के स्टॉल और अन्य कमर्शियल दुकानों का स्वतः संज्ञान लिया है। डिप्टी कमिश्नर अभिलाष बरनवाल का कहना है कि हाइवे के पास से इस तरह के अतिक्रमण को हटाना आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के लिए अनिवार्य कदम है। इन सभी कानूनी निर्देशों के क्रियान्वयन पर राज्य सरकार के साथ-साथ संबंधित मंत्रालय की ओर से भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कानूनी प्रावधान और शराब के अवैध कारोबार पर सख्ती
कंट्रोल ऑफ नेशनल हाइवेज़ (लैंड एंड ट्रैफिक) एक्ट, 2002 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे (ROW) के दायरे में इस तरह के स्टॉल लगाना या फिर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इन नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने आबकारी विभाग को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शिलांग-डावकी रोड के 4th Mile और 7th Mile जैसे क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की रीसेल पर रोक लगाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज करें।
छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत आबकारी विभाग पहले ही तीन से चार दौर की सफल छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दे चुका है। इन ताबड़तोड़ ऑपरेशन्स के दौरान अधिकारियों ने मौके से इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) यानी भारतीय निर्मित विदेशी शराब के खाली डिब्बे और कांच की खाली बोतलें भारी मात्रा में जब्त की हैं। प्रशासन का यह पूरा अभियान हाइवे की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


















