पश्चिम खासी हिल्स जिले में स्थित मावकिले कॉलेज ने अपने 15वें स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और संस्थान के लिए 30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का ऐलान किया। यह कार्यक्रम दरबार लिंगदोह नोंग्लाइट मैदान में आयोजित किया गया था, जहां मवतद्राईशान क्षेत्र के विधायक शक्लियार वारजरी भी गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विशेष अनुदान से मिलेगी सहायता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने मुख्यमंत्री विशेष अनुदान के तहत 25 लाख रुपये कॉलेज को देने की घोषणा की। इसके अलावा, छात्रों के लिए खेल और संगीत उपकरण खरीदने के वास्ते अतिरिक्त 5 लाख रुपये प्रदान किए जाने की बात कही। उन्होंने यह भी प्रतिबद्धता जताई कि मावकिले गांव की आंतरिक सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए 3.5 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की जाएगी।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार और सरकारी प्राथमिकता
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने साल 2018 से शिक्षा क्षेत्र में किए गए विभिन्न सुधारों का जिक्र किया। इनमें बजट आवंटन में बढ़ोतरी, बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार, राज्य के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स यानी PGI रैंकिंग में प्रगति, नए कॉलेजों और उच्च तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्थापना के साथ-साथ स्कूल भवन निर्माण और नवीनीकरण के कार्य शामिल हैं।
बुनियादी और ग्रामीण शिक्षा का विस्तार
सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है और कई स्कूलों तथा कॉलेजों को सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एक ऐसी नीति तैयार की जा रही है जो बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों का समर्थन करेगी और विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिक विकल्प उपलब्ध कराएगी। संगमा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कॉलेज के आगामी विकास चरण में शैक्षणिक मानकों को बेहतर बनाने, छात्रों की सही से मेंटरिंग करने और युवाओं को उच्च अध्ययन, रोजगार व समाज सेवा के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
संस्थापक और पूर्व नेताओं को श्रद्धांजलि
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने मावकिले कॉलेज के संस्थापक और राज्य के दिग्गज राजनेता माईइड होपिंगस्टोन लिंगदोह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संस्थान में उनके अमूल्य योगदान को याद किया और उन्हें राज्य का एक प्रमुख नेता बताया। मुख्यमंत्री ने लिंगदोह और उनके दिवंगत पिता पी ए संगमा के बीच पुराने पारिवारिक संबंधों को भी साझा किया।
मावकिले कॉलेज का सफर और समुदाय का योगदान
गौरतलब है कि 6 जून 2011 को स्थापित मावकिले कॉलेज की नींव ग्रामीण समुदाय की एक साझा पहल के तहत रखी गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य उन छात्रों की कठिनाइयों को दूर करना था जो बारहवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते थे। दूरदराज के कस्बों तक आने-जाने की भारी लागत के कारण कई विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई करना बहुत मुश्किल हो जाता था। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मिलकर और दिवंगत होपिंगस्टोन लिंगदोह के समर्थन से अपने ही इलाके में इस कॉलेज की स्थापना की।
छात्र संख्या और भविष्य की रूपरेखा
शुरुआत से लेकर अब तक इस संस्थान ने काफी तरक्की की है। वर्तमान में कॉलेज में 150 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं और यहां 18 से ज्यादा शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इस कॉलेज के खुलने से मावकिले और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को दूरदराज के शहरों में जाए बिना उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है। जैसे-जैसे यह कॉलेज अपने अगले पड़ाव में प्रवेश कर रहा है, इसका मुख्य उद्देश्य अपने शैक्षणिक माहौल को और अधिक मजबूत बनाना और क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उज्ज्वल भविष्य के रास्ते खोलना है।




















