असम के होजाई जिले के डोबोका इलाके में स्थित जमुना-मौदंगा रिजर्व फॉरेस्ट में प्रशासन ने शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य लगभग 525 बीघा वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है, जिसे लेकर अधिकारियों ने कमर कस ली है। इस पूरी मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन की ओर से मौके पर करीब 12 बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जो लगातार कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
कार्रवाई शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से क्षेत्र में घोषणाएं की थीं। इन घोषणाओं के जरिए प्रभावित परिवारों को अपने घर स्वेच्छा से खाली करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन की इस चेतावनी के बाद कई परिवारों ने रातों-रात अपना सामान समेटा और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया था।
गौरतलब है कि यह ताजा कार्रवाई इसी साल जनवरी के महीने में चलाए गए एक बड़े अभियान का अगला चरण है। जनवरी में प्रशासन ने इसी रिजर्व फॉरेस्ट में बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाकर 1,098 परिवारों को बेदखल किया था और लगभग 700 हेक्टेयर जमीन को अपने कब्जे में ले लिया था। हालांकि, उस समय कार्रवाई के दायरे में आए 152 परिवारों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके चलते उन्हें अस्थायी राहत मिल गई थी।
अदालत में मामला विचाराधीन रहने के कारण इन 152 परिवारों के मकान तब सुरक्षित बच गए थे और वे वहीं जमे हुए थे। अब चूंकि कानूनी प्रक्रिया और परिस्थितियों के तहत स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, इसलिए जिला प्रशासन और वन विभाग ने बचे हुए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने का निर्णय लिया है। शनिवार को तय शेड्यूल के मुताबिक ही अभियान को आगे बढ़ाया गया ताकि रिजर्व फॉरेस्ट की बची हुई जमीन को पूरी तरह से खाली कराया जा सके।


















