मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग और असम के गुवाहाटी शहर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं के विरोध में मेघालय टैक्सी ड्राइवर्स एसोसिएशन ने शिलॉन्ग और गुवाहाटी के बीच चलने वाली व्यावसायिक टैक्सी सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है। इस फैसले के कारण दोनों राज्यों के बीच आवाजाही करने वाले दैनिक यात्रियों और पर्यटकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पर्यटकों पर हमले के बाद भड़का आक्रोश
टैक्सी सेवाओं के निलंबन का मुख्य कारण खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की ओर से निकाली गई एक काले झंडे वाली बाइक रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाएं हैं। इस प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इसके साथ ही असम से आए पर्यटकों के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना भी सामने आई। इन घटनाओं के बाद असम और मेघालय दोनों राज्यों के टैक्सी चालक संगठनों ने गहरा विरोध जताया है।
चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मेघालय टैक्सी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति को शीघ्र नियंत्रित नहीं किया गया, तो असम से मेघालय आने वाली टैक्सियों का संचालन भी रोका जा सकता है। टैक्सी संघों ने मांग की है कि हिंसा में शामिल उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और सड़कों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सदर थाना क्षेत्र में धारा 163 लागू
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। ईस्ट खासी हिल्स के जिला मजिस्ट्रेट अभिलाष बरनवाल ने गुरुवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। यह आदेश सदर पुलिस स्टेशन के पूरे अधिकार क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।
प्रशासन को जानकारी मिली थी कि खासी स्टूडेंट्स यूनियन ने 21 अगस्त को जयियाव स्थित अपने कार्यालय से मोतफ्रान तक एक रैली निकालने और उसके बाद ख्यंदैलाद में धरना प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों ने यह पाबंदी लगाई है ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके और अंतरराज्यीय परिवहन को दोबारा सामान्य किया जा सके।



















