शिलोंग में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने राज्य में एचआईवी और एड्स के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर साल संक्रमण के आंकड़े बढ़ रहे हैं और यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति संभालना बेहद कठिन हो जाएगा। इसी चुनौती से पार पाने के लिए सरकार ने पांच साल की एक नई योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत शुरुआती तौर पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शिलोंग में रेड रिबन यूथ फेस्टिवल का आयोजन
यह घोषणा शिलोंग के यू सोसो थाम ऑडिटोरियम में मेघालय एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से आयोजित स्टेट लेवल रेड रिबन यूथ फेस्टिवल 2026 और सम्मान समारोह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल स्वास्थ्य विभाग या प्रशासनिक निकायों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को इस साझा लड़ाई में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके। इस संबंध में कॉनराड संगमा ने एक्स पर पोस्ट साझा कर तमाम विभागों और शैक्षणिक संस्थानों से आपसी सहयोग की अपील की।
यूएनएड्स फ्रेमवर्क और सरकारी रणनीति
नई कार्ययोजना यूएनएड्स के 95-95-95 फ्रेमवर्क के सिद्धांतों पर आधारित है। इसके तहत संक्रमित मामलों की समय पर पहचान करने, एंटीवायरल दवाएं मुहैया कराने और वायरल सप्रेशन को पूरी तरह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार इस दिशा में सर्व-सरकारी दृष्टिकोण अपना रही है, जिसका मतलब है कि प्रशासनिक तंत्र का हर हिस्सा इस अभियान में पूरी सक्रियता से जुटा हुआ है। इसके साथ ही ड्रग्स से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए भी रणनीतियों को लगातार बेहतर और प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि युवाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
कलंक मिटाने और युवाओं को जागरूक करने पर जोर
सरकार की इस पांच साल की लंबी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा एचआईवी और नशीली दवाओं के सेवन से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करना है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों में यह हिचकिचाहट खत्म होनी चाहिए कि जांच कराना या इलाज की मांग करना कोई गलत बात है। उन्होंने युवाओं को राज्य का सबसे अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें पीयर प्रेशर और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े मामलों में सही फैसले लेने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है ताकि वे खुद को सुरक्षित रख सकें।
विभिन्न जिलों और केंद्रों को मिले पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और चिकित्सा केंद्रों को सम्मानित भी किया गया। साउथ गारो हिल्स को सुरक्षित जिला पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा, आईलोंग सीएचसी को एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को बेहतरीन एआरटी सेवाएं देने के लिए बेस्ट परफॉर्मिंग एआरटी सेंटर घोषित किया गया, जबकि वेस्ट जयंतिया हिल्स के मिहम्यंतु कम्युनिटी सोशल Welfare एसोसिएशन को बेस्ट परफॉर्मिंग टीआई का पुरस्कार मिला। साथ ही, महोत्सव के दौरान हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।



















