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मेघालय के 96,812 विद्यार्थियों के खातों में आई छात्रवृत्ति की पहली किस्त, कॉनराड के संगमा ने दी जानकारीमेघालय
27 अग॰ 2026, 6:01 pm (59 मिनट पहले)· 2

मेघालय के 96,812 विद्यार्थियों के खातों में आई छात्रवृत्ति की पहली किस्त, कॉनराड के संगमा ने दी जानकारी

मेघालय सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अनुसूचित जनजाति के 96,812 विद्यार्थियों को छत्रवृत्ति की पहली किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शिलोंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी शुरुआत की।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शिलोंग कॉलेज में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मिलने वाली अंब्रेला पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की पहली किस्त जारी कर दी है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री लाहखमेन रिमबुई भी उपस्थित रहे। राज्यभर से इस वर्ष कुल 96,812 विद्यार्थियों के आवेदनों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है, जिन पर अनुमानित खर्च 198.42 करोड़ रुपये तय किया गया है।

छात्रवृत्ति के लिए वित्तीय व्यवस्था और केंद्र का योगदान

इस योजना के लिए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 84.55 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा तय किया है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए अपने हिस्से का 10 प्रतिशत यानी 9.40 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत कर दिया था। इस प्रक्रिया के तहत कुल 93.698 करोड़ रुपये की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सभी 96,812 लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई है।

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फंडिंग तंत्र में बदलाव और रिजर्व बैंक की भूमिका

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछले वर्षों में आने वाली दिक्कतों और फंड के वितरण में होने वाली देरी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछली बार क्रिसमस से ठीक पहले राज्य सरकार ने अपने खजाने से राशि अग्रिम तौर पर जारी की थी और बाद में केंद्रीय फंड से उसका समायोजन किया गया था। हालांकि इस बार वित्त मंत्रालय ने वास्तविक समय के लेनदेन को आसान बनाने के लिए सिंगल नोडल एजेंसी प्रणाली की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत धन को अब मंत्रालय या राज्य सरकार के माध्यम से नहीं भेजा जाता है।

आवश्यक कागजी कार्रवाई और सत्यापन का काम पूरा होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में रकम भेजता है। कॉनराड के संगमा ने स्पष्ट किया कि पहले मंत्रालय से रिम्बर्स्मेंट मिलता था, लेकिन अब सीधी फंडिंग की नई व्यवस्था लागू होने से पुरानी अग्रिम व्यवस्था बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनीतिक दबाव बनाकर यह सुनिश्चित किया कि 40 प्रतिशत की पहली किस्त तुरंत जारी हो सके।

लेनदेन की प्रक्रिया और तकनीकी समय सीमा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नई प्रणाली के तहत रिजर्व बैंक द्वारा सभी 96,812 खातों की प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से पूरी की जाएगी। चूंकि यह तंत्र देश भर की हजारों योजनाओं को संभालता है, इसलिए इस प्रक्रिया में चार से पांच कार्यदिवस का समय लग सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अधिकतम पांच कार्यदिवस की प्रक्रिया अवधि का भरोसा दिलाया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि तुरंत एसएमएस न मिले तो वे बिल्कुल भी परेशान न हों।

यह प्रक्रिया बीच में आने वाली छुट्टियों जैसे रक्षाबंधन, शनिवार और रविवार के बावजूद शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग को यह निर्देश दे दिया गया है कि गलत बैंक विवरण, आधार सीडिंग की समस्याओं या अन्य तकनीकी कमियों के कारण विफल हुए लेनदेन की लगातार निगरानी की जाए, ताकि हर एक पात्र विद्यार्थी तक छात्रवृत्ति जरूर पहुंचे।

छात्रवृत्ति के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस समय पर भरी जा सकेगी और गरीब परिवारों पर हॉस्टल के खर्चों का बोझ कम होगा। इससे किताबों और अन्य जरूरी सामान की कमी दूर होगी और युवा बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

युवाओं के लिए संदेश और भविष्य की योजनाएं

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि योग्यता और कौशल के साथ-साथ जिम्मेदारी लेने और परिणाम देने की क्षमता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में कई काम और कौशल पुराने पड़ सकते हैं, लेकिन जवाबदेही उठाने का गुण हमेशा मूल्यवान रहेगा। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण रखने और अपनी कॉलोनी, कॉलेज, राज्य और देश में समस्याओं का हिस्सा बनने के बजाय समाधान का हिस्सा बनने की सलाह दी।

इस बीच, शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल 3 जुलाई को खुल चुका है और यह प्री-मैट्रिक तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 30 नवंबर तक खुला रहेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की देरी से बचने के लिए सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया समय से पहले शुरू की जाए। साथ ही, सरकार ने केंद्रीय हिस्से की शेष राशि और अलग से मिलने वाली मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति को भी जल्द जारी कराने का भरोसा दिया है।

सवाल-जवाब

मेघालय में छात्रवृत्ति की पहली किस्त कितने विद्यार्थियों को मिली है?
मेघालय में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 96,812 अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की पहली किस्त जारी की गई है।
छात्रवृत्ति की कुल राशि कितनी अनुमानित है?
इस वर्ष के लिए कुल अनुमानित खर्च 198.42 करोड़ रुपये तय किया गया है।
पैसा विद्यार्थियों के खातों में कैसे पहुंच रहा है?
धनराशि रिजर्व बैंक के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली द्वारा सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
खाते में पैसा आने में कितना समय लग सकता है?
आरबीआई की व्यक्तिगत खाता प्रक्रिया के कारण लेनदेन पूरा होने में चार से पांच कार्यदिवस का समय लग सकता है।
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए पोर्टल कब तक खुला है?
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल 30 नवंबर तक खुला रहेगा।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 मिनट पहले

डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और सिंगल नोडल एजेंसी प्रणाली के माध्यम से सरकारी छात्रवृत्ति वितरण में बिचौलियों की गुंजाइश खत्म होती है और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक के तकनीकी और प्रसंस्करण समय के कारण बड़े पैमाने पर होने वाले इन भुगतानों में विफल लेनदेन या आधार सीडिंग की त्रुटियों की निगरानी करना प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चुनौती होगी, जिस पर शिक्षा विभाग को सतर्क रहना होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 मिनट पहले

सिंगल नोडल एजेंसी प्रणाली और डीबीटी से वित्तीय पारदर्शिता तो बढ़ी है, लेकिन देशव्यापी हजारों योजनाओं के बीच आरबीआई के स्तर पर होने वाली व्यक्तिगत खाता-प्रक्रिया में 4 से 5 दिन का तकनीकी समय लगना एक व्यावहारिक चुनौती है। इस व्यवस्था में आधार सीडिंग या बैंक विवरण की त्रुटियों के कारण असफल लेनदेन को समय पर सुधारना और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी सत्यापित छात्र वंचित न रहे, राज्य प्रशासन के लिए एक कड़ी परीक्षा होगी।

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