जोवाई: मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले में छात्र संगठनों की तरफ से सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर नए सिरे से सवाल उठाए गए हैं। जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसयू) ने जिला प्रशासन से आगामी डिस्ट्रिक्ट सेलेक्शन कमेटी (DSC) ग्रेड-4 लिखित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आग्रह किया है। यूनियन का मुख्य तर्क यह है कि पिछली भर्ती प्रक्रिया के परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए गए हैं और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
उपायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन
इस सिलसिले में जेएसयू सेंट्रल बॉडी के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि जब तक साल 2021 की ग्रेड-4 भर्ती प्रक्रिया के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हो जाते और पिछली गड़बड़ियों के आरोपों का समाधान नहीं निकल आता, तब तक नई भर्ती अधिसूचनाओं को रोककर रखा जाए।
2021 के उम्मीदवारों का इंतजार
यूनियन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जो उम्मीदवार पिछली ग्रेड-4 लिखित परीक्षा में सफल रहे थे, उन्होंने जून 2026 में व्यक्तिगत साक्षात्कार यानी पर्सनल इंटरव्यू में भाग लिया था। इसके बावजूद, अब तक अंतिम परिणामों की घोषणा नहीं की गई है, जिससे सैकड़ों युवाओं का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में लटका हुआ है। यूनियन ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि पुरानी प्रक्रिया को पूरा किए बिना नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करना उन युवाओं के साथ पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और निराशाजनक है जो लंबे समय से नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
मूल्यांकन और शॉर्टलिस्टिंग में गड़बड़ी के आरोप
छात्र संगठन ने डीएससी की मूल्यांकन और शॉर्टलिस्टिंग कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उदाहरण के तौर पर लोअर डिवीजन असिस्टेंट (LDA) भर्ती का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि ऐसे उम्मीदवारों को भी पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया गया जिन्होंने मात्र तीन अंक प्राप्त किए थे। इसी तरह की विसंगतियां ग्रेड-4 के अंकों, उत्तर पुस्तिकाओं और साक्षात्कार के लिए उम्मीदवारों के चयन के तय मानदंडों के मामले में भी देखने को मिली हैं, जिन्हें लेकर छात्रों में भारी रोष है।
मामला मेघालय हाईकोर्ट में विचाराधीन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेएसयू ने इस बात पर भी जोर दिया है कि डीएससी परीक्षाओं की निष्पक्षता से जुड़े कई आरोप इस समय मेघालय हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। अदालत की तरफ से इस मामले में राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। यूनियन का कहना है कि ऐसी स्थिति में नई परीक्षाएं आयोजित करने से कानूनी पेचीदगियां और अधिक बढ़ सकती हैं, जिससे प्रशासनिक और न्यायिक उलझनें पैदा होंगी।
भर्ती के विरोध में नहीं, बल्कि पारदर्शिता के पक्ष में
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए छात्र संगठन ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी तरह की नई भर्तियों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि समान पदों के लिए चलाई गई पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं को पहले पारदर्शी तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जाना चाहिए। इसके बाद ही किसी नए चक्र की शुरुआत की जानी चाहिए। यही कारण है कि जेएसयू ने आगामी ग्रेड-4 लिखित परीक्षा को रोकने और वर्तमान अधिसूचना को रद्द करने या रोक कर रखने की पुरजोर मांग की है।
नतीजों और कट-ऑफ की सार्वजनिक मांग
अपनी प्राथमिक मांगों के तहत यूनियन ने साल 2021 की ग्रेड-4 डीएससी परीक्षा के सत्यापित अंतिम परिणामों को जल्द से जल्द प्रकाशित करने की अपील की है। इसके साथ ही, यह भी मांग की गई है कि डीएससी द्वारा लिखित परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार दोनों के लिए विस्तृत अंक विवरण, कट-ऑफ सूचियां और मूल्यांकन के सटीक मानदंड सार्वजनिक किए जाएं ताकि पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
यूनियन का यह भी कहना है कि सभी वर्तमान और भविष्य की भर्ती कार्रवाइयों को न्यायिक शुचिता और मेघालय हाईकोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए आगे बढ़ाना चाहिए। जेएसयू को पूरी उम्मीद है कि डिप्टी कमिश्नर का कार्यालय इस दिशा में त्वरित कदम उठाएगा ताकि जयंतिया हिल्स के बेरोजगार युवाओं और नौकरी के उम्मीदवारों के हितों की रक्षा की जा सके।



















