कल्याणी स्टेडियम में शनिवार को खेले गए इंडियन फुटबॉल लीग मुकाबले में शिलांग लाजोंग एफसी ने बेहद रोमांचक अंदाज में जीत दर्ज की। निर्धारित 90 मिनट तक गोलरहित बराबरी पर चल रहे मैच के अंतिम क्षणों में स्थानापन्न खिलाड़ी नेल्सन रिमबाई ने गेंद को जाली में पहुंचाकर मोहम्मडन एससी के खिलाफ अपनी टीम को 1-0 से महत्वपूर्ण जीत दिला दी। इस नाटकीय गोल की बदौलत मेघालय की टीम ने नए सत्र के अपने सफर का आगाज पूरे तीन अंकों के साथ किया है।
मैच के 90वें मिनट में खुला खाता
मुकाबला जब बिना किसी गोल के समाप्त होने की ओर बढ़ रहा था, तभी शिलांग लाजोंग के स्थानापन्न खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाया। विकल्प के तौर पर मैदान पर आए एबेलसन जाची ने मोहम्मडन के पेनल्टी बॉक्स के करीब विपक्षी रक्षापंक्ति से गेंद छीनी। गेंद पर नियंत्रण बनाने के बाद जाची ने सटीक कटबैक पास दिया, जिस पर नेल्सन रिमबाई ने बिना कोई गलती किए अपने दाएं पैर से बेहतरीन शॉट लगाकर गोल दाग दिया। इस अप्रत्याशित झटके ने घरेलू टीम की योजनाओं पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
शुरुआत से ही मेघालय की टीम का दबदबा
मैच के अधिकांश हिस्से में शिलांग लाजोंग ने खेल की गति को नियंत्रित रखा और लगातार आक्रामक रुख अपनाया। मेहमान टीम ने मैदान की चौड़ाई का पूरा इस्तेमाल करते हुए दोनों छोरों से विपक्षी रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा। आक्रमण में दामैतफांग लिंगदोह और जोआओ विटोर डी पाउला मोराइस (जिन्हें जोटा के नाम से जाना जाता है) लगातार सक्रिय रहे। वहीं टीम के कप्तान केनस्टार खारशोंग और ओवरकाइंडनेस एल मॉनई ने मध्यपंक्ति में टीम के फारवर्ड मूव्स को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, मोहम्मडन की रणनीति मुख्य रूप से एक मजबूत रक्षात्मक घेरा बनाने और पलटवार करने पर टिकी थी।
पहले हाफ में चूके कई सुनहरे मौके
शिलांग के लिए बढ़त बनाने का पहला बड़ा मौका 20वें मिनट में आया, जब डिफेंडर जोएडसन डॉस सैंटोस ने जोरदार शॉट लगाकर मोहम्मडन के गोलकीपर निखिल डेका की परीक्षा ली। डेका पहली बार में गेंद को पूरी तरह पकड़ नहीं पाए, लेकिन मेहमान टीम के किसी खिलाड़ी के पहुंचने से पहले ही उन्होंने गेंद पर दोबारा नियंत्रण पा लिया। इसके दो मिनट बाद जोटा, लिंगदोह और एवरब्राइटसन साना की तिकड़ी ने एक और शानदार मूव बनाया, जिसे मोहम्मडन के डिफेंडर जुवेल अहमद मजुमदार ने सही समय पर टैकल करके नाकाम कर दिया।
मेजबान टीम ने धीरे-धीरे मिडफील्ड में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की, जहां एफ लालरेमसांगा ने खेल को दिशा देने का प्रयास किया। हालांकि, चोटिल होने के कारण मोहम्मडन के कोच सुधीर मिश्रा को लालरेमसांगा की जगह लालथनकिमा को मैदान पर उतारने के लिए मजबूर होना पड़ा। मोहम्मडन का आक्रामक जिम्मा मुख्य रूप से फारवर्ड थोकचोम एडिसन सिंह के कंधों पर दिखा, जिनके राइट विंग से किए गए प्रयासों से कोई स्पष्ट गोल का मौका नहीं बन सका।
हाफ टाइम से ठीक पहले 41वें मिनट में शिलांग की टीम गोल करने के सबसे करीब पहुंची। जोटा ने आक्रमण शुरू करते हुए साना को सीधा पास दिया। साना गोलकीपर डेका को छकाने की कोशिश में थे, लेकिन डेका ने अपने पैरों से बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को रोक लिया। इसके दो मिनट बाद केनस्टार खारशोंग ने एक सेट-पीस पर हेडर लगाया, जिसे डेका ने आसानी से पकड़ लिया। मोहम्मडन ने भी पहले हाफ का अपना सबसे खतरनाक पलटवार किया, जब उनके कप्तान महितोष रॉय ने फार पोस्ट की दिशा में बाएं पैर से तेज शॉट जमाया। शिलांग के गोलकीपर रणित सरकार ने शानदार डाइव लगाते हुए अपनी उंगलियों के सहारे गेंद को दिशा बदलकर कॉर्नर के लिए बाहर भेज दिया। पहले हाफ में शिलांग ने कुल 10 शॉट लगाए, जिनमें से केवल दो निशाने पर थे, जबकि मोहम्मडन के दोनों प्रयास ऑन-टारगेट रहे।
दूसरे हाफ का संघर्ष और निर्णायक परिणाम
मध्यंतर के बाद दोनों ही टीमों ने अपने खेल में आक्रामकता बढ़ाई। 48वें मिनट में मोहम्मडन के डिफेंडर हीरा मोंडल ने मुस्तैदी दिखाते हुए जोटा को शॉट लेने से रोक दिया। इसके चार मिनट बाद महितोष ने लंबी दूरी से जोरदार प्रहार किया, लेकिन गेंद फार पोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गई। शिलांग ने बाएं फ्लैंक से केनस्टार के क्रॉस के जरिए जवाब दिया, जिसे जुवेल अहमद ने खतरे को भांपते हुए बाहर निकाल दिया। पूरे मुकाबले में गोल की तलाश जारी रही, लेकिन अंततः रिमबाई की निर्णायक फिनिश ने मुकाबले का फैसला कर दिया।
























