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असम के अगरवुड कारोबार को केंद्र की मंजूरी, गुवाहाटी एयरपोर्ट से सीधे विदेशों में भेजा जा सकेगा तेल और चिप्समेघालय
31 अक्तू॰ 2026, 3:28 pm (1 घंटे पहले)· 0

असम के अगरवुड कारोबार को केंद्र की मंजूरी, गुवाहाटी एयरपोर्ट से सीधे विदेशों में भेजा जा सकेगा तेल और चिप्स

केंद्र सरकार ने लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और तेल के निर्यात के लिए अधिकृत केंद्र घोषित कर दिया है, जिससे पूर्वोत्तर के उत्पादकों को विदेशी बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।

पूर्वोत्तर के पारंपरिक सुगंध उद्योग को नई रफ्तार देते हुए केंद्र सरकार ने असम के अगरवुड उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार की राह आसान कर दी है। गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और अगरवुड तेल के निर्यात के लिए अधिकृत केंद्र की मंजूरी मिल गई है। इस बड़े फैसले से असम समेत पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के अगरवुड किसानों, स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए विदेशों में माल भेजना काफी सरल हो जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने दी मंजूरी की जानकारी

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुरोध पर केंद्र ने लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को इस विशेष उत्पाद के निर्यात केंद्र के रूप में स्वीकृत किया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि असम देश में अगरवुड का अग्रणी उत्पादक है, और यह कदम न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लिए लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी छलांग साबित होगा। उन्होंने असम और पूर्वोत्तर के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इससे वैश्विक बाजार स्थानीय उत्पादकों के और करीब आ सकेंगे।

दुबई खेप के बाद मिला बड़ा कानूनी आधार

यह फैसला असम द्वारा अक्टूबर महीने में दुबई को 123 किलोग्राम अगरवुड चिप्स का सफल निर्यात किए जाने के तुरंत बाद सामने आया है। राज्य सरकार ने उस खेप को पारंपरिक सुगंध उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक सफलता के रूप में रेखांकित किया था। मुख्यमंत्री सरमा ने उस समय कहा था कि इस तरह की शुरुआती खेप असम के अगरवुड उत्पादों की वैश्विक पहुंच का दायरा बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होगी। अब स्थानीय एयरपोर्ट से ही निर्यात की औपचारिक अनुमति मिलने से कागजी कार्रवाई और परिवहन के जटिल झंझट काफी हद तक खत्म हो जाएंगे।

देश के कुल संसाधनों में असम की 81 फीसदी हिस्सेदारी

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, भारत के कुल अगरवुड संसाधनों का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा अकेले असम में मौजूद है। यह पूरा क्षेत्र राज्य के 50,000 से अधिक किसानों और श्रमिकों को आजीविका प्रदान करता है। अगरवुड एक सुगंधित और रालदार लकड़ी होती है, जो एक्विलेरिया प्रजाति के पेड़ों से प्राप्त की जाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस लकड़ी और इसके अर्क की भारी मांग है। इसका व्यापक उपयोग महंगे इत्र, अगरबत्ती, धूप, आवश्यक तेलों और अन्य सुगंध आधारित सौंदर्य एवं चिकित्सीय उत्पादों को तैयार करने में किया जाता है। स्थानीय स्तर पर निर्यात केंद्र बनने से बिचौलियों की भूमिका घटेगी और स्थानीय उत्पादकों को अपनी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य सीधे मिल सकेगा।

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सवाल-जवाब

गुवाहाटी एयरपोर्ट को किस उत्पाद के निर्यात के लिए मंजूरी दी गई है?
लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और अगरवुड तेल के निर्यात केंद्र के रूप में अधिकृत किया गया है।
इस फैसले की घोषणा किसने की?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस आधिकारिक फैसले की घोषणा की।
भारत के कुल अगरवुड संसाधनों में असम की कितनी हिस्सेदारी है?
मुख्यमंत्री कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश के लगभग 81 प्रतिशत अगरवुड संसाधन असम में मौजूद हैं।
असम में कितने लोग इस उद्योग से आजीविका पाते हैं?
राज्य के 50,000 से अधिक किसान और श्रमिक अगरवुड क्षेत्र से अपनी आजीविका प्राप्त करते हैं।
हाल ही में असम से किस देश को अगरवुड चिप्स का निर्यात किया गया था?
अक्टूबर महीने में असम से 123 किलोग्राम अगरवुड चिप्स की खेप दुबई को निर्यात की गई थी।
अगरवुड किस पेड़ से प्राप्त होता है और इसका मुख्य उपयोग क्या है?
यह एक्विलेरिया प्रजाति के पेड़ों से मिलता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से इत्र, धूप, आवश्यक तेलों और सुगंधित उत्पादों में किया जाता है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 मिनट पहले

असम के पास अकेले 81 प्रतिशत हिस्सेदारी है, यह देखकर वाकई हैरानी हुई। इतने सारे किसानों को अब बिचौलियों के बिना सीधे सही दाम मिल सकेंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·42 मिनट पहले

करण, दुबई वाली खेप का जिक्र एकदम सही है। तभी तो अब एयरपोर्ट पर सीधे मंजूरी मिल गई।

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