मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स जिले ने राष्ट्रव्यापी ग्रीन दिवाली अभियान 2026 में अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निवासियों को पर्यावरण के अनुकूल तौर-तरीकों को अपनाना और बिना किसी आतिशबाजी के त्योहार का आनंद लेना है।
प्रशासन की ओर से व्यापक जागरूकता पर जोर
जिला प्रशासन का नेतृत्व कर रहे डिप्टी कमिश्नर विभोर अग्रवाल ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार करने की बात कही है। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ वातावरण में दिवाली मनाने के प्रति जागरूक करना है।
अभियान की रूपरेखा और मुख्य विषय
इस विशेष अभियान का मुख्य विषय 'से नो टू क्रैकर्स, यस टू क्लीन एयर' रखा गया है। यह आयोजन 20 अक्टूबर से 8 नवंबर के बीच किया जा रहा है। इस पूरी पहल का आयोजन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया द्वारा अपने एनवायरनमेंटल इंफॉर्मेशन, अवेयरनेस, कैपेसिटी बिल्डिंग एंड लाइवलीहुड प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है, जिसे भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है। इसका मकसद स्वच्छ हवा, बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा को बढ़ावा देना है, जो सरकार के मिशन लाइफ यानी लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट की परिकल्पना के बिल्कुल अनुरूप है।
पटाखों के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में पटाखों के कई गंभीर नुकसानों पर रोशनी डाली गई है। आतिशबाजी से हवा में खतरनाक सूक्ष्म कण और जहरीले प्रदूषक तत्व घुल जाते हैं, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण दोनों में भारी वृद्धि होती है। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से ही हृदय या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है। इसके अलावा, पटाखों के कारण जलने की दुर्घटनाएं और आग लगने का खतरा भी बना रहता है, साथ ही बेजुबान जानवरों और पक्षियों को भी भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पर्यावरण-अनुकूल उत्सव मनाने के उपाय
इस पहल के हिस्से के रूप में आम नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों से आगे आकर ग्रीन दिवाली शपथ लेने की अपील की गई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे पटाखों से पूरी तरह तौबा करें, पारंपरिक मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करें, ऊर्जा की बचत करने वाली लाइटें लगाएं और स्थानीय स्तर पर तैयार पर्यावरण-मित्र उपहारों को चुनें। घरों को सजाने के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करने, प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करने तथा कचरे के पृथक्करण और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सामूहिक गतिविधियां और वायु गुणवत्ता की निगरानी
इस अभियान के दायरे में सामुदायिक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाना, आस-पड़ोस की सफाई करना और टिकाऊ जीवन शैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी शामिल है। इसके अलावा नागरिकों को एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई पर नजर रखने और जहां तक संभव हो सके पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यमों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशासन की अंतिम अपील
वेस्ट गारो हिल्स जिला प्रशासन ने जनता, स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामुदायिक समूहों से खुलकर इस मुहिम में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकल्पों को चुनकर एक स्वच्छ, शुभ और हरित दिवाली का जश्न मनाएं।



















