ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को संबोधित करते हुए एक कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करने की मांग महज एक अवास्तविक कल्पना है। ईरानी नेतृत्व ने दोहराया है कि यह युद्ध उनकी तरफ से शुरू नहीं किया गया था, और जिस पक्ष ने भी संघर्ष की शुरुआत की है, वही इसे समाप्त करेगा। लगातार सैन्य दबाव और हमलों के बावजूद देश एक मजबूत राष्ट्र के रूप में टिका हुआ है और किसी भी स्थिति के सामने न झुकने के अपने संकल्प पर कायम है।
सैन्य कूटनीति और शांति वार्ता के प्रयास
शुक्रवार को ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित एक विशेष साक्षात्कार में मसूद पेज़ेशकियान ने संघर्ष के पृष्ठभूमि विवरण साझा किए। उन्होंने बताया कि युद्ध भड़कने से पहले ईरानी प्रशासन ने कूटनीतिक रास्तों और बातचीत के माध्यम से तमाम विवादों को सुलझाने की गंभीर कोशिशें की थीं। हालांकि, परिस्थितियां धीरे-धीरे बिगड़ती गईं और क्षेत्र युद्ध की ओर बढ़ गया। विरोधी ताकतों का आंकलन था कि बाहरी हमलों और अंदरूनी चुनौतियों के कारण ईरान का ढांचा ढह जाएगा। लेकिन देश ने इन तमाम रणनीतियों को विफल करते हुए पहले से अधिक संगठित होने का दावा किया है।
सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई और सीरिया जैसा खाका
साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान परिस्थितियों में सुप्रीम लीडर से सीधा संपर्क स्थापित करना काफी कठिन है। इसके बावजूद, उन्होंने जोर देकर कहा कि मुज्तबा खामेनेई की उपस्थिति ही राष्ट्रीय एकता और शक्ति का सबसे बड़ा आधार है। पेज़ेशकियान के अनुसार, विपक्षी ताकतों ने सीरिया की तर्ज पर महज 48 घंटे के भीतर ईरान पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने की योजना बनाई थी। हालांकि, ईरानी रक्षा तंत्र ने इस पूरी प्लानिंग को ध्वस्त कर दिया, जिससे यह साबित हो गया कि देश को अस्थिर करना आसान नहीं है।
इजरायल की बयानबाजी और सुरक्षा संबंधी वजहें
सार्वजनिक मंचों से ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। विशेष रूप से इजरायल की ओर से उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। इन बयानों के जवाब में ईरानी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम लीडर का जनता के सामने न आना विशुद्ध रूप से सुरक्षा प्राथमिकताओं और स्वास्थ्य से जुड़े एहतियाती उपायों का हिस्सा है। राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि तमाम बाहरी दबावों के बावजूद ईरान अपने रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।



















