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गाजा युद्धविराम पर गहराया संकट: बोर्ड ऑफ पीस के प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने इज़राइल और हमास दोनों पर उठाए सवालमध्य पूर्व
27 अग॰ 2026, 7:59 pm (1 घंटे पहले)· 2

गाजा युद्धविराम पर गहराया संकट: बोर्ड ऑफ पीस के प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने इज़राइल और हमास दोनों पर उठाए सवाल

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोर्ड ऑफ पीस के दूत निकोले म्लादेनोव ने चेताया कि इज़राइली हमलों और हमास की गतिविधियों से अक्टूबर का युद्धविराम टूटने के कगार पर है, जो क्षेत्र के लिए 'नो रिटर्न' का बिंदु साबित हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा शांति प्रक्रियाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग के दौरान स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित बोर्ड ऑफ पीस के गाजा मामलों के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने इज़राइल द्वारा गाजा में लगातार की जा रही हवाई कार्रवाई और फलस्तीनी सशस्त्र समूह हमास की गतिविधियों, दोनों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आगाह किया कि बीते वर्ष अक्टूबर महीने में लागू हुए युद्धविराम का टूटना पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐसा बिंदु बन जाएगा जहाँ से वापस लौटना असंभव होगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इज़राइल ने बोर्ड ऑफ पीस द्वारा पिछले महीने पेश किए गए 15 सूत्रीय निरस्त्रीकरण रोडमैप को खारिज कर दिया है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों को गहरा झटका लगा है।

विस्थापित आबादी की दुर्दशा और युद्धविराम के दौरान मौतों का बढ़ता आंकड़ा

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, गाजा की लगभग 20 लाख की कुल आबादी में से दो-तिहाई लोग इस समय तंबुओं और अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। मानवीय स्थिति दिन-ब-दिन और विकराल होती जा रही है। सुरक्षा परिषद को दिए गए ब्यौरे के अनुसार, अमेरिकी मध्यस्थता से लागू हुए युद्धविराम के बाद से अब तक इज़राइली हमलों में गाजा में कम से कम 1,303 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 300 बच्चे भी शामिल हैं। यह आंकड़ा गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीय मानता है। दूसरी ओर, इज़राइली सेना का कहना है कि इसी समयावधि के दौरान फलस्तीनी गुटों के हमलों में उसके 4 सैनिक मारे गए हैं। यह निरंतर जारी हिंसा इस बात का प्रमाण है कि जमीन पर शांति की बहाली अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

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15 सूत्रीय रोडमैप और निरस्त्रीकरण पर इज़राइल-हमास का रुख

बोर्ड ऑफ पीस द्वारा पिछले महीने घोषित किए गए 15-सूत्रीय रोडमैप में एक क्रमबद्ध प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा गया था। इस योजना के तहत, हमास अपने हथियार बोर्ड ऑफ पीस की देखरेख में गठित एक फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञ समिति को सौंपने पर सहमत हुआ था, जिसके बदले में इज़राइली सेना को गाजा से चरणबद्ध तरीके से वापस हटना था। हालांकि, इज़राइल ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि किसी भी सैन्य वापसी से पहले हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण होना अनिवार्य है। बोर्ड ऑफ पीस के प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने सुरक्षा परिषद को बताया कि उन्होंने हाल ही में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी, जहाँ इज़राइली सरकार की शेष शंकाओं को हल करने के लिए एक कार्यप्रणाली तय की गई थी और इस हेतु विशेष समितियों का गठन भी किया गया था। म्लादेनोव ने जोर देकर कहा कि यह प्रक्रिया रुकी नहीं है, लेकिन इज़राइली हमलों में फलस्तीनी नागरिकों की जान जाना सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है।

कूटनीतिक बयानों में विरोधाभास और जमीनी हकीकत

निकोले म्लादेनोव ने अपनी ब्रीफिंग के दौरान कहा कि जिस युद्धविराम के तहत आम नागरिक मलबे के नीचे दब रहे हों, उसे गाजा के लोग वास्तविक शांति के रूप में महसूस नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि बिना किसी तात्कालिक खतरे के बल का हर प्रयोग और संघर्ष-निवारण व्यवस्था का उल्लंघन इस शांति प्रक्रिया को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही, म्लादेनोव ने हमास की कमियों को भी रेखांकित किया और स्वीकार किया कि हमास ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की प्रतिबद्धता को पूरी तरह लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हमास का हर एक हथियार, चालू सुरंग और बाधित काफिला इस प्रक्रिया को पीछे ढकेलता है और युद्ध दोबारा शुरू करने की वकालत करने वालों को एक नया तर्क प्रदान करता है।

विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया है कि म्लादेनोव का यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत जेरेड कुश्नर के बयानों से भिन्न है। दो सप्ताह पहले इज़राइल के प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद जेरेड कुश्नर ने कहा था कि सेना की वापसी पर चर्चा तभी होगी जब गाजा का विसैन्यीकरण पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा, जिसे इज़राइल की मांगों के पक्ष में योजना में बदलाव के रूप में देखा गया था। इसके विपरीत, म्लादेनोव ने पुनरुद्धार योजना को क्रमबद्ध और पारस्परिक करार दिया है।

सुरक्षा परिषद में तीखी बहस और भविष्य का अंदेशा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस बैठक में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी दलीलें रखीं। इज़राइल की प्रतिनिधि ने कहा कि उनका देश अक्टूबर के अमेरिकी मध्यस्थता वाले समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन जब तक हमास के पास हथियार, सुरंगें और अन्य सैन्य ढांचा मौजूद है, तब तक कोई भी शांति योजना सफल नहीं हो सकती। उन्होंने स्पष्ट शब्द दिए कि निरस्त्रीकरण सबसे पहले होना चाहिए। वहीं, फलस्तीन के प्रतिनिधि ने इज़राइल पर गाजा में आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बिना किसी देरी के उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

मामले की गंभीरता पर बल देते हुए निकोले म्लादेनोव ने अंत में चेतावनी दी कि यदि इस युद्धविराम को ध्वस्त होने दिया गया, तो भविष्य में वापस लौटने के लिए कोई रोडमैप नहीं बचेगा, तैनात करने के लिए कोई प्रशासन नहीं होगा और पुनर्निर्माण के लिए जमीन पर कुछ भी नहीं बचेगा। उन्होंने दोहराया कि यह सिर्फ एक विफलता नहीं होगी, बल्कि यह हर किसी के लिए एक ऐसे बिंदु पर पहुंचने जैसा होगा जहाँ से कोई वापसी संभव नहीं होगी।

संघर्ष का पृष्ठभूमि और विनाश का दायरा

यह विनाशकारी युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल के दक्षिणी हिस्से पर हमास के नेतृत्व में हुए हमले के बाद शुरू हुआ था। उस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इज़राइल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान चलाया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस सैन्य अभियान के दौरान अब तक 73,430 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वर्तमान में जारी कूटनीतिक गतिरोध और जमीनी हिंसा ने उस क्षेत्र को फिर से एक बड़े मानवीय और राजनीतिक संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

सवाल-जवाब

बोर्ड ऑफ पीस के प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने सुरक्षा परिषद में क्या चेतावनी दी?
निकोले म्लादेनोव ने चेतावनी दी कि यदि अक्टूबर का युद्धविराम ध्वस्त होता है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए 'नो रिटर्न' का बिंदु होगा जहाँ से शांति बहाली असंभव हो जाएगी।
इज़राइल ने 15-सूत्रीय रोडमैप को क्यों खारिज कर दिया?
इज़राइल का तर्क है कि गाजा से सेना की किसी भी वापसी से पहले हमास का पूरी तरह से निरस्त्रीकरण होना अनिवार्य है।
युद्धविराम लागू होने के बाद से गाजा में कितने लोग मारे गए हैं?
युद्धविराम के बाद से इज़राइली हमलों में कम से कम 1,303 फलस्तीनी (300 बच्चों सहित) मारे गए हैं, जबकि 4 इज़राइली सैनिक भी मारे गए हैं।
गाजा में कितने लोग बेघर या तंबुओं में रह रहे हैं?
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, गाजा की 20 लाख आबादी में से लगभग दो-तिहाई लोग तंबुओं या अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं।
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