सऊदी अरब के दो प्रमुख नागरिक हवाई अड्डों पर हुए घातक मिसाइल हमलों के बाद वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लिए कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को मौजूदा तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता बरतने, गैर-जरूरी आवाजाही से बचने और जरूरत पड़ने पर घरों के भीतर ही रहने की सलाह दी है। यह एडवाइजरी अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों के मद्देनजर आई है। दूतावास ने सभी प्रवासियों से कहा है कि वे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें।
सोशल मीडिया पर वीडियो साझा न करने की सख्त हिदायत
भारतीय मिशन ने सऊदी अरब में मौजूद भारतीय नागरिकों से एक विशेष अपील करते हुए कहा है कि वे हालिया हमलों या उससे जुड़े सुरक्षा अभियानों से संबंधित किसी भी तरह के वीडियो, तस्वीरें या असत्यापित सूचनाएं सोशल मीडिया मंचों पर पोस्ट अथवा रीपोस्ट न करें। मिशन का मानना है कि ऐसे संवेदनशील समय में बिना जांचे-परखे विजुअल्स साझा करने से अनावश्यक भ्रम और दहशत फैल सकती है। नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों और सरकारी संचार तंत्र द्वारा जारी प्रमाणित बयानों पर ही भरोसा करें।
दूतावास ने यह भी साफ किया है कि आपातकालीन स्थिति के बावजूद राजनयिक कामकाज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पूर्ववत सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वीएफएस (VFS) के माध्यम से दी जाने वाली सभी आउटसोर्स वीजा और पासपोर्ट सेवाएं भी सुचारू रूप से जारी हैं। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाली प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र यानी पीबीएसके (PBSK) हेल्पलाइन नंबर 8002471234 पर संपर्क किया जा सकता है। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर आगे भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
नागरिक ठिकानों पर प्रहार को भारत ने बताया अस्वीकार्य
हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की इस गंभीर घटना पर नई दिल्ली ने भी कड़ा रुख अपनाया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने सऊदी अरब के दोनों अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हुए मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि अबहा और रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डों जैसे घनी आबादी वाले नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की वजह से निर्दोष आम नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि नागरिक ठिकानों को सैन्य संघर्ष का हिस्सा बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और पूरी तरह अस्वीकार्य है।
विदेश मंत्रालय ने हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इसके साथ ही भारत ने इस संकट की घड़ी में सऊदी अरब की सरकार और वहां की जनता के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता और समर्थन दोहराया है।
दो अलग-अलग हमलों में तीन नागरिकों की जान गई, छत्तीस घायल
सऊदी अरब की विमानन नियामक संस्था, जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन यानी जीएसीए (GACA) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोनों हवाई अड्डों पर ये हमले अलग-अलग तारीखों में अंजाम दिए गए। पहला हमला 6 अक्टूबर को दक्षिणी शहर अबहा के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था, जिसमें दो नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि 28 अन्य लोग घायल हुए थे। इसके ठीक अगले दिन, यानी 7 अक्टूबर को राजधानी रियाद के व्यस्त किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया, जहां एक व्यक्ति की जान चली गई और 8 लोग जख्मी हुए।
सऊदी विमानन प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि इन दोनों हमलों के संयुक्त प्रभाव से कुल 3 लोगों की मौत हुई है और 36 लोग घायल हुए हैं। सभी घायल व्यक्तियों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका सघन चिकित्सीय उपचार चल रहा है। सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं के प्रभाव का विस्तृत तकनीकी आकलन कर रही हैं।
मिसाइल मलबे से किंडरगार्टन और क्लीनिक को पहुंचा नुकसान
सऊदी सुरक्षा तंत्र के अनुसार, राजधानी रियाद को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही पहचान कर सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था। हालांकि, हवा में मिसाइल के टुकड़े-टुकड़े होने के बाद उसका भारी मलबा रिहायशी इलाके में आ गिरा। इस गिरते हुए मलबे की चपेट में आने से एक किंडरगार्टन स्कूल और एक मेडिकल क्लीनिक परिसर की इमारत को भौतिक नुकसान पहुंचा।
सऊदी सिविल डिफेंस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह हमला यमन के हूती मिलिशिया की तरफ से किया गया था। मिसाइल इंटरसेप्शन के तत्काल बाद सिविल डिफेंस की विशेष आपदा राहत टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। टीमों ने प्रभावित परिसर को सुरक्षित घेरे में लेकर नुकसान का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि मलबे की वजह से कोई अतिरिक्त जनहानि न हो।
सऊदी गठबंधन की यमन में हूती ठिकानों पर बड़ी सैन्य कार्रवाई
हवाई अड्डों और नागरिक बस्तियों पर हुए इन हमलों के तुरंत बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले संयुक्त सैन्य गठबंधन ने यमन में बड़े पैमाने पर जवाबी अभियान शुरू कर दिया। गठबंधन ने साफ किया कि सऊदी अरब के असैन्य बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका करारा जवाब दिया जाना आवश्यक था।
गठबंधन के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि हूती मिलिशिया द्वारा आम नागरिकों और रिहायशी ठिकानों को निशाना बनाने की हरकतों को अनुत्तरित नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सैन्य अभियान का विवरण देते हुए बताया कि गठबंधन की संयुक्त सेनाओं ने समन्वित हवाई हमलों में यमन के चार प्रमुख प्रांतों सादा, अल हुदायदाह, अल जौफ और मारिब में हूती मिलिशिया के 82 सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इन ठिकानों में उनके हथियार डिपो और प्रक्षेपण स्थल शामिल थे।
उड़ानों पर असर और एयर इंडिया एक्सप्रेस का निलंबन फैसला
खाड़ी क्षेत्र में अचानक पैदा हुए इस गंभीर सुरक्षा संकट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर पड़ा है। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद के लिए अपनी उड़ानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन ने रियाद आने और वहां से जाने वाली अपनी सभी निर्धारित उड़ानों को 10 अक्टूबर तक के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों और सुरक्षा समीक्षा को देखते हुए उड़ानों को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। एयरलाइन ने अपने यात्रियों को राहत देते हुए घोषणा की है कि प्रभावित यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदलने अथवा टिकट रद्द कराकर पूरा रिफंड वापस पाने की पूरी छूट दी जा रही है। एयरलाइन प्रबंधन लगातार सुरक्षा परिदृश्य पर नजर बनाए हुए है ताकि हालात सामान्य होते ही सेवाएं बहाल की जा सकें।



















