स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानों की तल्खी एक बार फिर बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण होने के दावे के ठीक एक दिन बाद ईरान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 13 अगस्त को ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिकी दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि यह रणनीतिक जलडमरूमध्य अब भी पूरी तरह से ईरान के प्रबंधन, नियंत्रण और सुरक्षा तंत्र के अधीन है।
ईरानी अधिकारियों की प्रतिक्रिया और ताएब का बयान
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी बासिज मिलिशिया के प्रमुख हुसैन ताएब ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में देश के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा प्रबंधन और नियंत्रण इस्लामिक रिपब्लिक के हाथों में है। ताएब ने कहा कि देश अपनी पूरी सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी के साथ आगे बढ़ रहा है तथा इस क्षेत्र में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या नियंत्रण के दावे में कोई सच्चाई नहीं है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची का अमेरिका पर हमला
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर अमेरिकी दावों की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से अपनी खुफिया विफलताओं के कारण वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों का गलत आकलन करता रहा है। अराघची ने तर्क दिया कि ईरान के खिलाफ युद्ध का रुख अपनाना और अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ पर कथित नियंत्रण का दावा करना अमेरिकी प्रशासन की उसी पुरानी और गंभीर गलतफहमी का हिस्सा है।
अमेरिकी और इजराइली जहाजों की आवाजाही पर पाबंदी
इस बीच, ईरानी सांसदों ने भी हॉर्मुज़ जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को लेकर स्थिति साफ कर दी है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य बेहनाम सईदी ने सरकारी टेलीविजन पर जानकारी दी कि जलडमरूमध्य से गुजरने पर लगाई गई पाबंदियां मुख्य रूप से अमेरिका और इजरायल से जुड़े पोतों पर लागू हैं। सईदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजरायली जहाजों को युद्ध की स्थिति हो या शांति की, किसी भी परिस्थिति में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ से होकर गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप के 'टोटल कंट्रोल' दावे की पृष्ठभूमि
ईरान का यह पलटवार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बुधवार के बयान के बाद सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी बलों ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है और वाशिंगटन इस प्रभुत्व को बनाए रखने का इरादा रखता है। ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी को एक स्टील की दीवार करार देते हुए कहा था कि ईरान इसके सामने लाचार है और कुछ नहीं कर सकता। हालांकि, ईरान की ओर से लगातार इन बयानों का खंडन किया जा रहा है, जिससे इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर दोनों देशों के बीच तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है।


















