प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ (IPO) में आवेदन करने की समयसीमा 9 सितंबर को समाप्त हो गई। 7 सितंबर को आम निवेशकों के लिए खुले इस 351.03 करोड़ रुपये के मेनबोर्ड आईपीओ को बोली के आखिरी दिन निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। गैर-संस्थागत निवेशकों और रिटेल श्रेणी में हुई भारी खरीदारी के कारण यह पब्लिक इश्यू कई गुना सब्सक्राइब हुआ है। बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निवेशकों की नजरें 10 सितंबर को तय होने वाले अलॉटमेंट स्टेटस पर टिकी हैं, वहीं ग्रे मार्केट में शेयर के मजबूत प्रीमियम को देखते हुए शानदार लिस्टिंग गेन की उम्मीद जताई जा रही है।
आईपीओ का आकार, प्राइस बैंड और एंकर निवेशकों से जुटाई रकम
प्रणव कंस्ट्रक्शंस ने अपने इस पब्लिक इश्यू के लिए 118 रुपये से 124 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया था। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 120 शेयरों का रखा गया था। इसका तात्पर्य यह है कि ऊपरी प्राइस बैंड 124 रुपये के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए 14,880 रुपये का निवेश करना आवश्यक था।
यह आईपीओ कुल 351.03 करोड़ रुपये का है, जिसमें 315.60 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी (फ्रेश इश्यू) किए गए हैं, जबकि 35.43 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 4 सितंबर को एंकर निवेशकों से 124 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लगभग 84.25 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई थी।
श्रेणीवार सब्सक्रिप्शन आंकड़े और निवेशकों का रुझान
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, 9 सितंबर को बोली के अंतिम दिन यह आईपीओ कुल 126.20 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों श्रेणियों में मांग का भारी स्तर देखा गया।
गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में यह इश्यू 217.67 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों के हिस्से को 268.54 गुना बोलियां हासिल हुईं। रिटेल और एनआईआई श्रेणी में मिली इस रिकॉर्ड तोड़ मांग से स्पष्ट है कि निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य के प्रदर्शन पर काफी भरोसा है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग पर संभावित मुनाफा
ग्रे मार्केट में प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयरों की मांग काफी तेज बनी हुई है। बाजार के अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 41 रुपये से 46 रुपये प्रति शेयर के आसपास देखा जा रहा है।
यदि ऊपरी इश्यू प्राइस 124 रुपये में 46 रुपये का प्रीमियम जोड़ा जाए, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 170 रुपये प्रति शेयर निकलकर आती है। इस तरह, आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन लगभग 33.06% से 37% तक का शानदार लिस्टिंग लाभ मिलने का अनुमान जताया जा रहा है।
केफिन टेक्नोलॉजीज पोर्टल पर अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने का तरीका
जिन निवेशकों ने प्रणव कंस्ट्रक्शंस आईपीओ के लिए आवेदन किया है, वे 10 सितंबर को अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इस आईपीओ के लिए केफिन टेक्नोलॉजीज (Kfin Technologies) को आधिकारिक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
केफिन टेक्नोलॉजीज की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट देखने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें
- स्टेप 1: सबसे पहले केफिन टेक्नोलॉजीज के आधिकारिक आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस पेज पर जाएं।
- स्टेप 2: इश्यू नेम (Issue Name) वाले ड्रॉपडाउन में से 'Pranav Constructions IPO' का चयन करें।
- स्टेप 3: पहचान के लिए अपना पैन कार्ड नंबर (PAN), एप्लीकेशन नंबर (Application Number) या डीपी/क्लाइंट आईडी (DP/Client ID) दर्ज करें।
- स्टेप 4: स्क्रीन पर दिए गए सुरक्षा कैप्चा (Captcha) कोड को सही-सही भरें।
- स्टेप 5: 'सबमिट' (Submit) बटन पर क्लिक करें।
- स्टेप 6: आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा, जिसमें आवंटित शेयरों की संख्या स्पष्ट होगी।
ब्रोकर मोबाइल ऐप के जरिए अलॉटमेंट जांचने का विकल्प
रजिस्ट्रार के पोर्टल के अलावा, निवेशक अपने स्टॉक ब्रोकिंग ऐप के जरिए भी शेयर आवंटन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 10 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद ब्रोकर ऐप्स अपने पोर्टफोलियो और आईपीओ एप्लीकेशन सेक्शन को अपडेट कर देते हैं।
निवेशक अपने डिमैट अकाउंट वाले ब्रोकर ऐप में लॉगिन करके आईपीओ ऑर्डर हिस्ट्री में जा सकते हैं। वहां से वे देख पाएंगे कि उनके डिमैट खाते में शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं, और एएसबीए (ASBA) के तहत ब्लॉक की गई राशि अनब्लॉक होने की प्रक्रिया में है या नहीं।



















