घरेलू प्राथमिक पूंजी बाजार में ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कंपनी अड्रॉइट इंडस्ट्रीज ने अपने 150.71 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के साथ दस्तक दे दी है। पूंजी जुटाने की यह बोली प्रक्रिया 23 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलेगी। प्राथमिक बाजार में दांव लगाने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पहले ही दिन से ग्रे मार्केट में हलचल तेज हो गई है। अनौपचारिक बाजार में दिखने वाला रुझान इस निर्गम के प्रति निवेशकों के उत्साह को साफ तौर पर बयां कर रहा है।
ग्रे मार्केट में लिस्टिंग गेन के संकेत
शेयर बाजार के अनौपचारिक कारोबार में 23 सितंबर को शाम 5:37 बजे तक कंपनी का शेयर 35 रुपये के प्रीमियम पर अपनी स्थिति बनाए हुए था। निर्गम के ऊपरी मूल्य दायरे 134 रुपये को ध्यान में रखकर गणना की जाए, तो स्टॉक का संभावित लिस्टिंग स्तर 169 रुपये बैठता है। यदि यह रुझान एक्सचेंज पर शुरुआत तक बना रहता है, तो आवंटी निवेशकों को करीब 26.12 प्रतिशत का सीधा लिस्टिंग मुनाफा हासिल हो सकता है। प्राथमिक बाजार के विश्लेषक अक्सर इस अनौपचारिक भाव को शुरुआती मांग का पैमाना मानते हैं, यद्यपि इसमें दैनिक आधार पर उतार-चढ़ाव संभव है।
निर्गम का ढांचा और मूल्य दायरा
कंपनी के इस कुल 150.71 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा हिस्सेदारों द्वारा बिकवाली दोनों शामिल हैं। पूंजी जुटाने के तहत 132.62 करोड़ रुपये मूल्य के 98.97 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके समानांतर ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस विंडो के जरिए प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक 18.09 करोड़ रुपये के 13.50 लाख शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। कंपनी प्रबंधन ने इस सार्वजनिक पेशकश के लिए 126 रुपये से 134 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है।
खुदरा निवेशकों के लिए आवेदन के नियम
आम छोटे निवेशकों की सहूलियत के लिए न्यूनतम लॉट साइज 111 शेयरों का निर्धारित किया गया है। यदि कोई खुदरा बोलीदाता अधिकतम मूल्य दायरे 134 रुपये के आधार पर एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसे कम से कम 14,874 रुपये की पूंजी ब्लॉक करनी होगी। यदि निवेशक एक से अधिक लॉट के लिए बोली लगाना चाहते हैं, तो उन्हें इसी अनुपात में 111 के गुणकों में राशि का भुगतान सुनिश्चित करना होगा। बोली प्रक्रिया की अंतिम समय सीमा 25 सितंबर को समाप्त हो जाएगी।
महत्वपूर्ण तिथियां और लिस्टिंग टाइमलाइन
निर्गम की समयावधि पूरी होने के बाद शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आवंटन की पात्रता 28 सितंबर को अंतिम रूप से तय किए जाने की संभावना है। जिन आवेदकों को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उनके बैंक खातों में राशि की अनब्लॉकिंग इसके तुरंत बाद की जाएगी। सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर जमा होने के बाद दोनों प्रमुख एक्सचेंजों नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर 30 सितंबर को शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होने का संभावित कार्यक्रम तय किया गया है।
एक्सपर्ट की राय और कारोबारी जोखिम
ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस निर्गम के मूल्यांकन और बुनियादी स्थिति का विश्लेषण करते हुए एक संतुलित नजरिया पेश किया है। ब्रोकरेज ने अपने शोध नोट में रेखांकित किया है, "at the upper price band, the IPO is reasonably valued but does not offer a large valuation cushion." फर्म का मानना है कि कंपनी का निर्यात मॉडल बेहद मजबूत है, मगर उत्पाद राजस्व का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा विदेशी बिक्री से आना अमेरिकी मांग, टैरिफ और वैश्विक ऑटो चक्रों से जुड़े जोखिम भी खड़े करता है। इसी वजह से लंबी अवधि के नजरिए वाले निवेशक सीमित पूंजी के साथ विचार कर सकते हैं, जबकि सिर्फ लिस्टिंग गेन की चाहत रखने वालों को सतर्कता बरतनी चाहिए।



















