सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में अच्छा-खासा मुनाफा देने का ऐलान किया है, खासकर 444 दिनों की खास अवधि वाली FD स्कीम में। 3 करोड़ रुपये से कम राशि वाले FD खातों पर बैंक 3.50 प्रतिशत से लेकर 7.35 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है। ग्राहक इस बैंक में कम से कम 7 दिन और अधिकतम 10 साल की अवधि के लिए FD खाता खुलवा सकते हैं। आइए जानते हैं कि 444 दिनों की FD पर उम्र के हिसाब से कितना ब्याज मिल रहा है और इसमें अधिकतम कितनी रकम जमा की जा सकती है।
444 दिनों की FD पर उम्र के हिसाब से ब्याज
बैंक ऑफ बड़ौदा की 444 दिनों वाली FD स्कीम में ब्याज दर 6.45 प्रतिशत से 7.05 प्रतिशत के बीच तय की गई है, और यह दायरा ग्राहक की उम्र पर निर्भर करता है। 59 साल तक की उम्र वाले आम ग्राहकों को इस स्कीम पर 6.45 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। वहीं 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन्स के लिए यह दर बढ़कर 6.95 प्रतिशत हो जाती है। सबसे ज्यादा फायदा 80 साल या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा है, जिन्हें बैंक 7.05 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। यानी उम्र जितनी ज्यादा, ब्याज दर भी उतनी ही बेहतर।
कितने रुपये तक कर सकते हैं निवेश
444 दिनों की इस स्कीम में निवेश की एक सीमा तय की गई है। ग्राहक इस स्कीम में अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक ही जमा कर सकते हैं। इससे ज्यादा रकम जमा करने की सोच रहे ग्राहकों को यह ध्यान रखना होगा कि यह सीमा इसी स्कीम के लिए तय की गई है।
सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन्स को क्यों मिलता है ज्यादा ब्याज
बैंक ऑफ बड़ौदा आमतौर पर सीनियर सिटीजन्स को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज देता है। इसके अलावा, कुछ चुनिंदा अवधि वाली FD स्कीमों में सुपर सीनियर सिटीजन्स को सीनियर सिटीजन्स के मुकाबले 0.10 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का फायदा भी मिलता है। यही वजह है कि 444 दिनों की स्कीम में तीनों उम्र वर्गों की ब्याज दरों में साफ फर्क नजर आता है।
अलग-अलग अवधि पर कितना मिलता है ब्याज
बैंक ऑफ बड़ौदा की FD स्कीम में ब्याज दरें अवधि के हिसाब से अलग-अलग तय होती हैं। 3 करोड़ रुपये से कम रकम वाले खातों पर सबसे कम 3.50 प्रतिशत ब्याज सबसे छोटी अवधि वाली FD पर मिलता है, जबकि सबसे ज्यादा 7.35 प्रतिशत ब्याज कुछ खास अवधि वाली स्कीमों में मिलता है। इस पूरी रेंज के बीच 444 दिनों की स्कीम भी ग्राहकों को अच्छा रिटर्न देने वाली स्कीमों में शामिल है।
जून में हुआ था दरों में बदलाव
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी FD स्कीमों की ब्याज दरों में इसी साल जून महीने में संशोधन किया था। दरअसल, देश के सभी बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से तय की जाने वाली रेपो रेट को ध्यान में रखते हुए ही अपनी FD ब्याज दरों में फेरबदल करते हैं। जब भी RBI रेपो रेट में बदलाव करता है, बैंकों की जमा और कर्ज दोनों तरह की ब्याज दरें उसी हिसाब से घटती-बढ़ती हैं।



















