देशभर के किसानों के खाते में अगले महीने फिर पैसा आने की तैयारी है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली अगली यानी 24वीं किस्त अक्टूबर में जारी हो सकती है, जिसमें पात्र किसानों को 2,000 रुपये मिलते हैं। हालांकि इस बार सरकार ने एक शर्त और जोड़ दी है, बिना लैंड सीडिंग पूरी किए किसी भी किसान के खाते में यह रकम नहीं पहुंचेगी।
हर 4 महीने में आती है किस्त, इस बार अक्टूबर की बारी
पीएम किसान योजना के तहत सालाना कुल 6,000 रुपये की मदद दी जाती है, जो 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में बांटी जाती है। योजना की 23वीं किस्त जून में जारी हुई थी और हर किस्त के बीच करीब 4 महीने का अंतर रहता है। इस हिसाब से जून से अक्टूबर तक ठीक 4 महीने पूरे हो जाएंगे, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि 24वीं किस्त अक्टूबर में ही किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। साल भर यही चार महीने का चक्र बना रहा है, जिससे किसानों को हर किस्त के आने का मोटा मोटा अंदाजा पहले से लग जाता है, हालांकि सही तारीख सरकार की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करती है।
त्योहारी सीजन से भी जुड़ रही उम्मीद
योजना से जुड़े जानकारों का मानना है कि अक्टूबर में नवरात्र के साथ ही त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है, और सरकार अक्सर ऐसे मौकों पर किसानों को राहत देने की कोशिश करती रही है। यही वजह है कि 24वीं किस्त के अक्टूबर में आने की संभावना और मजबूत मानी जा रही है। इसके साथ ही सरकार लगातार योजना की समीक्षा भी कर रही है, ताकि पैसा सही मायने में पात्र किसानों तक ही पहुंचे। इसी कड़ी में किसानों से ई-केवाईसी पूरी कराने और लैंड सीडिंग कराने को कहा गया है। इस बार समीक्षा को सख्त बनाने के पीछे मकसद यही है कि अधूरी या असत्यापित एंट्री हटाई जा सकें, ताकि योजना का पैसा सिर्फ सही मायने में पात्र किसानों तक ही पहुंचे।
कुछ किसानों के खाते में आएंगे 4,000 रुपये
इस बार कई किसानों को एक साथ दो किस्तों का पैसा मिल सकता है। दरअसल 23वीं किस्त के वक्त कई किसानों की ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन अधूरा रहने की वजह से उनके खाते में पैसा नहीं आया था। अब अगर इन किसानों ने अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है और जमीन का सत्यापन भी करा लिया है, तो उन्हें 23वीं किस्त का बकाया 2,000 रुपये भी 24वीं किस्त के साथ मिल जाएगा। यानी ऐसे किसानों के खाते में इस बार 2,000 की जगह सीधे 4,000 रुपये आएंगे, और पहले अटका हुआ पैसा भी पूरी तरह क्लियर हो जाएगा। जिन किसानों को अब तक 23वीं किस्त नहीं मिली है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन पूरा करा लें ताकि पुरानी बकाया राशि भी मिल सके।
लैंड सीडिंग के बिना अटक जाएगा पैसा
इस बार बिना लैंड सीडिंग कराए किसी किसान को 24वीं किस्त का पैसा नहीं मिलेगा। लैंड सीडिंग का सीधा मतलब है किसान की जमीन की जानकारी को पीएम किसान योजना के रिकॉर्ड से जोड़कर उसका सत्यापन कराना। योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं जमीन मालिक किसानों को मिलता है, जिनकी पात्रता संबंधित राज्य सरकार के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है। इसलिए अगर किसी किसान को 24वीं किस्त की रकम चाहिए, तो उसकी जमीन की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में अपडेट और मैच होना जरूरी है, क्योंकि अब यह शर्त पैसा जारी होने से पहले ही जांची जाएगी।
जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो तो क्या करें
अगर किसी किसान को अपनी जमीन के स्टेटस में कोई गड़बड़ी नजर आती है, तो सबसे पहला काम है राज्य सरकार के भूमि रिकॉर्ड में अपना नाम और जमीन की सही जानकारी दर्ज कराना। इसके लिए किसान अपने जिले के राजस्व विभाग या सरकार की तय व्यवस्था के जरिये अपने रिकॉर्ड में सुधार करवा सकते हैं। जिन किसानों को यह पक्का करना है कि उनकी किस्त और ई-केवाईसी की स्थिति क्या है, वे पीएम किसान की वेबसाइट पर मौजूद नो योर स्टेटस सुविधा से यह जानकारी देख सकते हैं। इसके लिए pmkisan.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालना होगा, जिसके बाद ओटीपी के जरिये लॉगिन करके पिछले भुगतान और सत्यापन से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।



















