बुरहानपुर में बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार की दिशा में टेंट और डेकोरेशन का कारोबार एक मजबूत विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है। नियमित नौकरी की तलाश में जुटे लोगों के लिए यह काम सीमित लागत में स्थायी आमदनी का साधन बन सकता है। इस व्यवसाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें साल भर काम की मांग बनी रहती है, जिससे शुरुआती दौर से ही निश्चित मासिक मुनाफा मिलना संभव हो जाता है।
शुरुआती पूंजी और जगह का आसान प्रबंधन
इस कारोबार को शुरू करने के लिए कम से कम 2 लाख रुपये की पूंजी की जरूरत होती है। काम शुरू करने के लिए किसी बड़े व्यावसायिक परिसर की तुरंत आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि किराए के 10×10 साइज के एक छोटे कमरे या दुकान से भी संचालन शुरू किया जा सकता है। इस 10×10 के कमरे में टेंट का जरूरी और छोटा सामान व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकता है, जबकि बड़े सामान को सुरक्षित रखने के लिए आगे चलकर एक अतिरिक्त गोडाउन का बंदोबस्त किया जा सकता है।
आवश्यक सामान और खरीद की रूपरेखा
इस फील्ड के जानकार दीपक के अनुसार, जो लोग अपना कोई काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, वे मात्र 200000 रुपये लगाकर यह काम खड़ा कर सकते हैं। इस बजट में मुख्य रूप से पर्दे, सीलिंग, लोहे की पाइप, डेकोरेशन सामग्री, कुर्सियां, टेबल और दरी-चटाई जैसी प्राथमिक चीजें खरीदी जाती हैं। यह सामान आ जाने के बाद टेंट और बुनियादी सजावट दोनों तरह के ऑर्डर लेने का रास्ता साफ हो जाता है। कम लागत में नियमित लाभ कमाने के लिहाज से यह बेहद व्यावहारिक मॉडल साबित होता है।
कमाई का गणित और रोजगार के नए अवसर
इस काम से हर महीने 20 से 25000 रुपये की कमाई आसानी से शुरू हो जाती है। सालाना आधार पर देखा जाए तो संचालक 2 से 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं। सही तरीके से काम संभालने पर व्यक्ति इस व्यवसाय के दम पर लखपति भी बन सकता है। इसके अलावा, काम के विस्तार के साथ संचालक खुद कमाने के साथ-साथ एक से दो अन्य लोगों को भी काम देकर रोजगार मुहैया करा सकता है।
साल के पूरे 12 महीने लगातार मांग
दीपक के मुताबिक, टेंट का काम किसी खास मौसम का मोहताज नहीं है और यह पूरे 12 महीने निरंतर चलता है। विवाह समारोहों, धार्मिक आयोजनों से लेकर शोक और गमी के कार्यक्रमों तक, हर मौके पर बुनियादी टेंट, बैठने की व्यवस्था और शामियाने की जरूरत पड़ती ही है। इसी निरंतर मांग के कारण काम कभी ठप नहीं होता और पूरे साल आमदनी का पहिया घूमता रहता है।



















