भारत के सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को वित्तीय मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए फिनटेक स्टार्टअप ऑप्टिमो कैपिटल ने सीरीज ए फंडिंग राउंड के तहत 150 करोड़ रुपये (लगभग 17.5 मिलियन डॉलर) की नई पूंजी जुटाई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व कंपनी के संस्थापक प्रशांत पित्ती ने किया, जबकि मौजूदा निवेशक ब्लूम वेंचर्स और ओमनीवोर ने भी इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। यह ताजा निवेश उन छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों की फंडिंग दिक्कतों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिनके पास औपचारिक क्रेडिट इतिहास या सिबिल रिकॉर्ड न होने के कारण पारंपरिक वित्तीय संस्थानों से पर्याप्त कारोबारी कर्ज नहीं मिल पाता है।
पारंपरिक बैंकिंग बाधाओं और बिना गारंटी वाले महंगे कर्ज का विकल्प
भारत में जमीनी स्तर पर काम करने वाले लाखों छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के पास अपनी निजी दुकानें, मकान या रिहायशी संपत्तियां मौजूद होती हैं, लेकिन औपचारिक वित्तीय प्रणालियों में इनका पूरा उपयोग नहीं हो पाता। परंपरागत बैंक और एनबीएफसी ऐसे उद्यमियों को बिना पर्याप्त क्रेडिट स्कोर के बड़ा फंड देने से हिचकिचाते हैं। ऐसी स्थिति में कारोबारियों को अनसिक्योर्ड यानी बिना गारंटी वाले अत्यंत महंगे कर्जों पर निर्भर होना पड़ता है। ऑप्टिमो कैपिटल इन सूक्ष्म उद्यमियों को अपनी अचल संपत्ति को बंधक रखकर अपेक्षाकृत काफी कम ब्याज दरों पर बड़ा लोन जुटाने की सुविधा देता है, जिससे उनके दैनिक कार्यशील पूंजी और कारोबार विस्तार की जरूरतें सहजता से पूरी हो सकें।
डिजिटल लैंड रिकॉर्ड और एआई से हफ्ते भर के भीतर कर्ज वितरण
पारंपरिक लेंडिंग व्यवस्था में अचल संपत्ति की जांच, कागजातों के सत्यापन और कानूनी पड़ताल में चार से छह सप्ताह का लंबा समय बर्बाद हो जाता है। इस देरी को समाप्त करने के लिए कंपनी ने आधुनिक तकनीकी ढांचा तैयार किया है। कंपनी लगभग 77 लाख डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स के विशाल डेटाबेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सत्यापन प्रणालियों का इस्तेमाल करती है। इस उन्नत तकनीक की मदद से संपत्ति का त्वरित मूल्यांकन और मालिकाना हक का सत्यापन कुछ ही घंटों में पूरा हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप आवेदक को कुछ घंटों में सैद्धांतिक मंजूरी मिल जाती है और एक सप्ताह से भी कम समय में पूरी ऋण राशि बैंक खाते में पहुंच जाती है, जो तत्काल नकदी की जरूरत वाले उद्यमियों के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रही है।
18 महीनों में 350 करोड़ का लोन बुक और 56 शहरों में विस्तार
अपनी स्थापना के महज 18 महीनों के भीतर कंपनी ने 350 करोड़ रुपये का मजबूत लोन बुक तैयार कर लिया है। वर्तमान में 480 कर्मचारियों की टीम के साथ काम कर रही इस वित्तीय कंपनी का नेटवर्क कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुल 56 शहरों तक फैल चुका है। वित्तीय अनुशासन और परिचालन दक्षता के चलते कंपनी ने अपनी शुरुआत के तीसरे महीने में ही लाभ कमाना शुरू कर दिया था और पिछले 15 महीनों से लगातार मुनाफे में बनी हुई है, जो फिनटेक जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
"ऑप्टिमो संपत्ति मालिकों को तेजी से सिक्योर्ड लोन दिलाने की सुविधा देकर भारत की सबसे बड़ी संपत्ति (देश की 53 प्रतिशत संपत्ति), यानी भूमि और रियल एस्टेट की क्षमता को अनलॉक कर रहा है।"
कंपनी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक प्रशांत पित्ती ने देश के लेंडिंग परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बंधक ऋण और जीडीपी का अनुपात 50 प्रतिशत से ऊपर रहता है, जबकि भारत में मॉर्गेज टू जीडीपी अनुपात मात्र 9 प्रतिशत के स्तर पर अटका हुआ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश अपनी सबसे बड़ी संपत्ति का प्रभावी इस्तेमाल अपनी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने में पूरी तरह से नहीं कर पा रहा है।
बैंकों से 110 करोड़ का कर्ज और छोटे शहरों में नेटवर्क विस्तार का लक्ष्य
इक्विटी फंडिंग के अतिरिक्त ऑप्टिमो कैपिटल ने आईडीएफसी और एक्सिस बैंक से 110 करोड़ रुपये की डेट फंडिंग भी हासिल की है। आने वाले समय में कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और बड़ी एनबीएफसी भी कंपनी के साथ ऋणदाता या को-लेंडिंग साझेदार के रूप में जुड़ने की तैयारी में हैं। जुटाए गए नए फंड का एक बड़ा हिस्सा तकनीकी बुनियादी ढांचे के उन्नयन और एआई क्षमताओं को निखारने में लगाया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी अपनी सह-उधार व्यवस्थाओं को व्यापक बनाते हुए टियर 3 शहरों में अपने शाखा नेटवर्क का विस्तार करेगी, ताकि देश में मौजूद 530 अरब डॉलर के भारी-भरकम एमएसएमई क्रेडिट अंतर को पाटने में ठोस मदद मिल सके।



















