मूलांक 9 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: काम का दबाव और बेचैनी से निपटने के आसान उपायअक्टूबर 29 को थमी सोने की तेज़ी, 24 कैरेट भाव 1,43,950 रुपये पर स्थिर और चांदी लुढ़कीजियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में ₹7.4 लाख करोड़ की ऐतिहासिक बोलियां, निवेशकों के 1.39 करोड़ आवेदनों ने तोड़े वैश्विक रिकॉर्डस्पेन ट्रेन हादसा: 69 लोगों की मौत, युवा एथलीट और पूर्व मंत्री भी शामिलनिजीकरण के विरोध में हरियाणा के बिजली कर्मी तीन दिन काम बंद रखेंगे, ऊर्जा मंत्री से मिलने से मना कियामूलांक 8 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: गुस्से में बोली गई बात बन सकती है बड़ी मुसीबत, रखें संयममूलांक 5 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: दिनचर्या से हटकर नया करने की रहेगी इच्छाशिमला के स्वास्थ्य शिविर में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का ब्लड शुगर टेस्ट निकला गलत, उपकरणों की क्वालिटी पर खड़े किए गंभीर सवालहजारों साल पुराना है कंडोम का इतिहास, कभी भेड़ की आंत और कछुए के खोल से तैयार होते थे ये कवरछोटे कारोबारियों को संपत्ति के बदले कर्ज देने के लिए ऑप्टिमो कैपिटल ने जुटाए 150 करोड़ रुपये
आईआईबीएक्स पर एसबीआई ने पूरा किया सोने का पहला सौदा, सर्राफा आयात में नए दौर की शुरुआतमनी
30 अक्तू॰ 2026, 9:39 am (7 मिनट पहले)· 0

आईआईबीएक्स पर एसबीआई ने पूरा किया सोने का पहला सौदा, सर्राफा आयात में नए दौर की शुरुआत

भारतीय स्टेट बैंक ने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट के तौर पर अपना पहला गोल्ड ट्रेड पूरा किया है। इस कदम से देश में सोने के आयात को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने में मदद मिलेगी।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (आईआईबीएक्स) पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट के रूप में सोने का अपना पहला लेनदेन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। देश के सर्राफा आयात तंत्र में इसे एक बड़े और व्यावहारिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस कदम का सीधा मकसद कीमती धातुओं के आयात को ज्यादा पारदर्शी, कुशल और आसान बनाना है, जिससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम वर्ग के आभूषण निर्माताओं (एमएसएमई ज्वेलर्स) को सीधा लाभ मिल सके।

सर्राफा आयात को आधुनिक बनाने की दिशा में रणनीतिक कदम

सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक का आईआईबीएक्स मंच से जुड़ना वित्तीय नवाचार और वित्तीय समावेशन के प्रति उसके रुख को दर्शाता है। पारंपरिक तरीकों पर निर्भरता घटाने के लिए बैंक इस अंतरराष्ट्रीय मंच के आधुनिक बुनियादी ढांचे का उपयोग कर रहा है। सोने की खरीद और आयात प्रक्रिया को सरल बनाकर बैंक देश भर के ज्वेलर्स, बुलियन डीलर्स और अन्य संबंधित कारोबारियों को बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने में सहयोग प्रदान करेगा।

ये भी पढ़ें

साल 2024 में एसबीआई ट्रेडिंग-कम-क्लियरिंग मेंबर के रूप में आईआईबीएक्स से जुड़ने वाला पहला बैंक बना था। यह कदम गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) को एक वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना गया। साथ ही यह कदम भारत में सर्राफा कारोबार को आधुनिक और पूरी तरह औपचारिक रूप देने के सरकारी प्रयासों से भी मेल खाता है।

लागत में कमी और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन

एसबीआई के चेयरमैन सी एस सेट्टी ने कहा कि यह साझेदारी वित्तीय सेवाओं में बैंक की अग्रणी भूमिका को मजबूत करती है और बुलियन आयात को लागत के लिहाज से अधिक किफायती बनाती है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस व्यवस्था से आयातकों से लेकर आभूषण उद्योग के अंतिम उपभोक्ताओं तक सभी हितधारकों को सीधा लाभ पहुंचेगा, क्योंकि पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित होती है।

एक्सचेंज के जरिए प्रत्यक्ष खरीदारी की सुविधा मिलने से बाजार में लिक्विडिटी में सुधार होगा और कारोबारियों को प्रतिस्पर्धी मूल्य मिल सकेंगे। इससे भारत के सर्राफा और रत्न-आभूषण उद्योग के सतत विकास को भी मजबूती मिलेगी। बाजार जानकारों का मानना है कि एसबीआई की इस पहल के बाद अन्य नामांकित बैंक भी आईआईबीएक्स से स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट्स के रूप में जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे इस पूरे क्षेत्र की आपूर्ति संबंधी जरूरतें तेजी से पूरी की जा सकेंगी।

सवाल-जवाब

एसबीआई ने आईआईबीएक्स पर किस रूप में अपना पहला सोने का सौदा पूरा किया?
एसबीआई ने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट के तौर पर यह पहला गोल्ड ट्रेड पूरा किया है।
एसबीआई आईआईबीएक्स से ट्रेडिंग-कम-क्लियरिंग मेंबर के रूप में कब जुड़ा था?
एसबीआई वर्ष 2024 में ट्रेडिंग-कम-क्लियरिंग मेंबर के रूप में आईआईबीएक्स से जुड़ने वाला पहला बैंक बना था।
इस लेनदेन का सबसे बड़ा फायदा किसे मिलने की उम्मीद है?
इसका सबसे अधिक लाभ एमएसएमई ज्वेलर्स और बुलियन डीलर्स को मिलेगा, जिन्हें कम लागत और पारदर्शी तरीके से सोना मिल सकेगा।
एसबीआई के चेयरमैन कौन हैं और उन्होंने इस पर क्या कहा?
एसबीआई के चेयरमैन सी एस सेट्टी हैं, जिन्होंने कहा कि यह साझेदारी बुलियन आयात को लागत प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुकूल बनाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp