घरेलू इक्विटी बाजारों में लगातार छह हफ्तों की गिरावट दर्ज किए जाने के बाद कारोबारी हफ्ते की नई शुरुआत चुनौतीपूर्ण माहौल में हो रही है। पिछले सत्र में निफ्टी 75.80 अंकों की बढ़त लेकर 23,346.40 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 19.63 अंक टूटकर 74,294.96 पर आ गया था। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि 18 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद भारतीय रिफाइनरों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस कानून के तहत रूसी तेल तथा गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाने का प्रावधान है, जबकि वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है। इन व्यापक संकेतों के बीच कई विशिष्ट कॉर्पोरेट घटनाक्रमों के चलते चुनिंदा शेयर निवेशकों के रडार पर बने रहेंगे।
टाटा समूह की कंपनियों में आंतरिक हलचल का असर
टाटा संस से जुड़े हालिया प्रशासनिक घटनाक्रमों के बाद समूह के शेयरों में खासी उठापटक देखने को मिल सकती है। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा टाटा संस के गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पंजीकरण को सरेंडर करने के अनुरोध को खारिज किए जाने के बाद बोर्ड बैठक में एन चंद्रशेखरन को तीसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त करने का फैसला लिया गया। इस प्रस्ताव के विरोध में केवल नोएल टाटा ने वोट दिया, जबकि टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले ट्रस्टों ने इस प्रस्ताव को कानूनी रूप से अमान्य करार दिया है। पिछले कारोबारी हफ्ते के दौरान टीसीएस का शेयर 4.35 प्रतिशत लुढ़ककर 2,105 रुपये पर आ गया था, वहीं टाइटन में 4.21 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4,798.50 रुपये पर बंद हुआ। इस कानूनी विवाद के चलते टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा केमिकल्स पर भी बाजार सहभागियों की करीबी नजर रहेगी।
अदाणी समूह के शेयरों को ब्रोकरेज का समर्थन
अदाणी समूह की कंपनियों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है, जिसे वैश्विक ब्रोकरेज जेफरीज की खरीदारी सिफारिशों से समर्थन मिला है। शुक्रवार के सत्र में अदाणी टोटल गैस के शेयरों में 12.03 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया और यह 657.60 रुपये पर पहुंच गया, जबकि अदाणी पोर्ट्स 4.93 प्रतिशत चढ़कर 1,824 रुपये पर बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्म ने समूह की कई कंपनियों पर अपनी खरीदारी रेटिंग बरकरार रखी है, जिसमें अदाणी पावर के लिए 270 रुपये, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए 2,060 रुपये, अदाणी ग्रीन एनर्जी के लिए 1,695 रुपये और अदाणी पोर्ट्स के लिए 2,160 रुपये का लक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है।
लेंसकार्ट ब्लॉक डील और रक्षा शिपयार्ड परियोजना
लेंसकार्ट के शेयर में बड़े सौदे की तैयारी चल रही है, जहां प्लैटिनम जैसमीन ए 2018 ट्रस्ट लगभग 2,047 करोड़ रुपये के ब्लॉक सौदे के माध्यम से कंपनी में करीब 1.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रहा है। इस सौदे के तहत लगभग 3 करोड़ शेयरों की पेशकश 682.45 रुपये के न्यूनतम मूल्य पर की जा रही है, जो शुक्रवार के बंद भाव 706.60 रुपये से करीब 3.5 प्रतिशत की छूट दर्शाता है। शुक्रवार को इस शेयर में 3.94 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी, और ब्लॉक डील में भाग लेने वाले नए खरीदारों पर 90 दिनों की लॉक-इन अवधि लागू होगी। दूसरी ओर, रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने आंध्र प्रदेश के दुगराजपटनम में एक नए शिपयार्ड के निर्माण हेतु एनशिप-एपी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना में सभी आवश्यक स्वीकृतियों के अधीन पांच से सात वर्षों के भीतर लगभग 15,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करने की योजना बनाई गई है।
रेल विकास निगम, मारुति सुजुकी और अन्य कंपनियों के अपडेट
रेल अवसंरचना क्षेत्र की सरकारी कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड को 18 सितंबर को पूर्व तट रेलवे से 404.88 करोड़ रुपये का स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे 912 दिनों की निर्धारित समयसीमा में पूरा करना होगा। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मारुति सुजुकी ने अपने हंसलपुर और मानेसर संयंत्रों के रेलवे साइडिंग बुनियादी ढांचे से 10 लाख वाहनों की संचयी आपूर्ति का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। वाहन निर्माता वित्त वर्ष 2026 के 26.5 प्रतिशत के स्तर से आगे बढ़ते हुए वित्त वर्ष 2031 तक रेल मार्ग से की जाने वाली कुल आपूर्ति का अनुपात 35 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसके लिए खरखौदा में एक नई साइडिंग स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, कंपनी का निदेशक मंडल आगामी 12 अक्टूबर को बैठक करने जा रहा है, जिसमें वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों तथा तीसरे अंतरिम लाभांश पर विचार किया जाएगा। अन्य रक्षा व खनन कंपनियों में, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने 26 अगस्त के बाद से 648 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए हैं, जबकि एनएमडीसी ने 2047 तक अपने स्कोप 1 और स्कोप 2 परिचालन उत्सर्जनों को समाप्त कर नेट जीरो का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।



















