घरेलू शेयर बाजार में सूचीबद्ध कृषि व्यापार कंपनी एससी एग्रोटेक लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार, 29 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा। इस ताजा उछाल के बाद छोटे बाजार पूंजीकरण वाली इस कंपनी के शेयरों की साप्ताहिक बढ़त करीब 15 प्रतिशत तक पहुंच गई है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर अवधि के वित्तीय नतीजे घोषित होने के बाद से ही निवेशकों का ध्यान इस कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन और आय के आंकड़ों पर बना हुआ है।
गुरुवार को इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह शेयर उछलकर 37.38 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इस मूल्य वृद्धि के साथ ही कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 284.07 करोड़ रुपये हो गया है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में भी शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट दर्ज किया गया था। बाजार में इस शेयर के प्रति खरीद का जबर्दस्त रुझान देखने को मिला, जिससे स्टॉक एक्सचेंज के तय सर्किट बैंड की ऊपरी सीमा तक खरीदारी सीमित रही और यह कम कीमत वाला शेयर निवेशकों की प्राथमिक सूची में शामिल हो गया।
तिमाही नतीजों में भारी उछाल और वित्तीय विस्तार
शेयरों में यह तेजी कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) के नतीजे घोषित किए जाने के बाद आई है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी का एकल शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 4,714 प्रतिशत बढ़कर 10.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ठीक एक साल पहले समान तिमाही (Q2FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ केवल 21.21 लाख रुपये रहा था। शुद्ध मुनाफे में यह विस्तार करीब 47 गुना की भारी वृद्धि दर्शाता है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन राजस्व में भी जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। परिचालन से प्राप्त आय 802 प्रतिशत बढ़कर 45.26 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 5.02 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। इसके साथ ही, कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) में भी बड़ा अंतर देखने को मिला। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के 28.31 लाख रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 2026-27 की समान तिमाही में कर-पूर्व लाभ बढ़कर 13.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। प्रतिशत के स्तर पर यह विशाल वृद्धि पिछले वर्ष की समान अवधि के बेहद छोटे आधार के कारण भी अधिक दिखती है, फिर भी वास्तविक वित्तीय आंकड़े इस अवधि में कंपनी के बड़े कारोबार विस्तार की पुष्टि करते हैं।
छह महीनों का प्रदर्शन और पिछले पूरे साल से आगे निकला आंकड़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1FY27) के आंकड़े भी व्यापार में तेज उछाल का संकेत देते हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 तक के छह महीनों में परिचालन से प्राप्त कुल राजस्व 83.11 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के 7.15 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 1,062 प्रतिशत अधिक है। वहीं, इस छह महीने की अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 19.77 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी छमाही में यह आंकड़ा मात्र 23.17 लाख रुपये था।
यह छमाही प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि केवल छह महीनों का 83.11 करोड़ रुपये का राजस्व, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज किए गए 88.06 करोड़ रुपये के कुल सालाना राजस्व के 94 प्रतिशत से भी अधिक हिस्से को पार कर चुका है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही का 19.77 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, पूरे पिछले वित्त वर्ष में दर्ज किए गए 3.34 करोड़ रुपये के कुल मुनाफे को बहुत पीछे छोड़ चुका है।
डिजिटल पहल एग्रीब्रिज और नकदी प्रवाह की स्थिति
वित्तीय आंकड़ों में उछाल के साथ-साथ कंपनी कृषि क्षेत्र से जुड़े एक डिजिटल मंच एग्रीब्रिज पर भी काम कर रही है। यह प्रस्तावित डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों को सीधे संस्थागत खरीदारों से जोड़ने, कृषि उपज की खरीद, फसलों की गुणवत्ता की निगरानी, रसद और लेन-देन के त्वरित निपटान को सरल बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। हालांकि, यह परियोजना फिलहाल पूरी तरह से योजना स्तर पर है और इसके किसी आधिकारिक व्यावसायिक शुभारंभ की तारीख या इससे होने वाली कमाई का विवरण अभी तय नहीं हुआ है।
दूसरी ओर, वित्तीय विवरणों के कुछ अन्य पहलुओं पर भी विश्लेषकों का ध्यान है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के दौरान परिचालन नकदी प्रवाह मामूली रूप से नकारात्मक रहा और यह नकारात्मक 9.05 लाख रुपये दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, कंपनी के व्यापारिक प्राप्य (ट्रेड रिसीवेबल्स) मार्च 2026 के 54.16 करोड़ रुपये से बढ़कर 122.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गए हैं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी बढ़ती कागजी आय और प्राप्तियों को वास्तविक नकदी संग्रह में कितनी कुशलता से बदल पाती है।



















